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हमारे बारे में टीनटॉक के बारे में

हमारे बारे में

दैनिक भास्कर समूह देश का सबसे बड़ा समाचार-पत्र समूह है, यह रेडियो और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी मजबूती से अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। हमारे विस्तृत न्यूज़ नेटवर्क ने हमें टीनएजर्स से जुड़े मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को लेकर सतर्क किया। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक 2011 से 2015 के बीच देश में लगभग 40 हजार स्टूडेंट्स ने आत्महत्या की थी। इन रिपोर्ट्स के आधार पर ही हमने पिछले साल टीनएजर्स के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के साथ काम करना शुरू किया।

दैनिक भास्कर समूह ने टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस के साथ मिलकर राजस्थान के कोटा में ‘लिव पॉज़िटिव’ यानी सकारात्मकता के साथ जियो कैंपेन चलाया। इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए मशहूर कोटा में देशभर से स्टूडेंट्स पढ़ाई करने आते हैं। आक्रामक एकेडमिक प्रेशर की वजह से डिप्रेशन और आत्महत्या से जुड़े मुद्दों के कारण कोटा चर्चा में रहा है। इस कैंपेन में स्टूडेंट्स के लिए सेमिनार और टीचर्स के लिए वर्कशॉप आयोजित करने के अलावा मीडिया के माध्यम से जागरूकता कैंपेन चलाए गए। पूरे सालभर चली इस पहल की क़ामयाबी के आधार पर हमने इस काम को पूरे देश के टीनएजर्स के लिए शुरू करने का फै़सला किया।

इसके बाद, हमारे द्वारा देशभर के टीनएजर्स के साथ फ़ोकस ग्रुप बनाकर कई महीनों तक एक रिसर्च स्टडी शुरू की गई। हमने इस स्टडी में पाया कि टीनएजर्स परिवार, दोस्तों और समाज के दबाव का सामना करते हैं, और अक्सर अपने मन के बोझ को किसी से बांटते नहीं हैं। इसका नतीजा यह है कि वे खु़श नहीं रहते हैं। हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि टीनएजर्स के लिए एक सुरक्षित जगह की ज़रूरत है, जहां उन्हें जानकारी मिल सके और वह खुलकर अपने विचार भी व्यक्त कर सकें। रिसर्च से यह भी पता चला कि युवाओं तक पहुंचने का सबसे प्रभावी तरीका एक मेंटल हेल्थ वेबसाइट हो सकती है और इस तरह टीनटॉक वेबसाइट का जन्म हुआ।

टीनटॉक इंडिया :

टीनटॉक इंडिया डॉट कॉम 13 से 19 साल के टीनएजर्स के भावनात्मक हित के लिए बनाई वेबसाइट है। यह दैनिक भास्कर समूह की सीएसआर के अंतर्गत पहल है, हम रैगिंग से लेकर अकेडमिक प्रेशर, बुलीइंग, रिलेशनशिप्स, डिप्रेशन, एंग्ज़ायटी और अन्य मुद्दों पर टीन्स की मदद करने के लिए एक सुरक्षित, गोपनीय और अनजान जगह मुहैया कराते हैं। टीनएजर्स यहां बिना किसी को अपनी जानकारी बताए साथियों से अपनी चिंता साझा कर सकते हैं या एक्सपर्ट से मदद ले सकते हैं। कंटेंट को साइकोलॉजी फ़ील्ड के एक्सपर्ट द्वारा तैयार किया गया है।
 

हमारा विज़न

देश का सबसे महत्वपूर्ण मानव संसाधन, टीनएजर्स के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर ज़ोर देता है ताकि वे अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सकें और भारत अपने बेहतरीन भविष्य के लिए ऊर्जा प्राप्त कर सके।

लक्ष्य

टीनएजर्स के बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित, प्रासंगिक और किसी तरह की धारणा न बनाने वाला माहौल तैयार करते हुए एक ऐसी भरोसेमंद ऑनलाइन सहयोगी प्रणाली विकसित करना, जहां वे विचार व्यक्त करने के लिए खु़द को स्वतंत्र महसूस कर सकें।

साथ ही, टीनएजर्स के मानसिक स्वास्थ्य के लिए उन्हें विश्वसनीय जानकारी, साधन और ऑनलाइन मदद उपलब्ध कराना ताकि उनकी निजी समस्याओं में कमी आ सके और उनमें मानसिक लचीलापन विकसित हो सके, जिससे टीनएज जीवन के सभी पक्षों में होने वाला विकास प्रभावित न हो।

देश के अधिकांश युवाओं तक इस सहायता को पहुंचाना भी हमारा अहम लक्ष्य है।

कॉपीराइट टीनटॉक 2018-2019
डिस्क्लेमर : टीनटॉकइंडिया आपातकालीन सेवाएं नहीं प्रदान करता है और न ही यह किसी तरह की आपदा में हस्तक्षेप करने वाला कोई केंद्र है। अगर आप या आपका कोई मित्र या परिचित गहरे अवसाद के दौर से गुज़र रहा है, या उसके मन में आत्महत्या या स्वयं को नुक़सान पहुंचाने वाले विचार आ रहे हैं तो कृपया निकटस्थ अस्पताल या आपातकालीन/आपदा प्रबंधन सेवा केंद्र या हेल्पलाइन से सम्पर्क करें।