लॉग इन करें
This site is not collecting any personalized information for ad serving or for personalization. We do not share any information/cookie data about the user with any third party.OK  NO

किसी सुसाइडल व्यक्ति के दोस्त कैसे बनें?

अगर आपको लगता है कि आपका दोस्त सुसाइडल या सेल्फ़-हार्मिंग है, तो उसकी मदद के लिए यहां एक गाइड दी जा रही है :

एक जोक ऐसा है, जिस पर आपको कभी नहीं हंसना चाहिए : वह, जिसमें एक दोस्त अपनी जान ले लेने की बात करता है। अगर वो दोस्त मौत के बारे में नॉर्मल से ज़्यादा बात करता है, तो इसे ख़तरे की घंटी समझिए। वो डिप्रेस्ड हो सकता है और सुसाइड की ओर बढ़ सकता है। 

आपका दोस्त सुसाइडल है या नहीं, कैसे पहचानें : 

-जब वो कहे कि ज़िंदगी का कोई मतलब नहीं है
-जब वो कहे कि उसके पास जीने की कोई वजह नहीं है
-जब वो अपनी चीज़ें दूसरों को देने लगे
-जब वो आपसे पूछे कि अपनी जान कैसे लेते हैं

आप इसमें कैसे मदद कर सकते हैं : 

अपने दोस्त को पेसिमिस्ट बोलकर ख़ारिज़ मत करो : टीनटॉक थैरेपिस्ट अवंती मलहोत्रा कहती हैं। वो एक इंसिडेंट शेयर करती हैं। उनकी क्लाइंट एक बड़ी कम्पनी में टॉप परफ़ॉर्मर थी, और उसने सुसाइड कर ली। अवंती याद करती हैं कि उन्होंने अपने लोन्स चुकाने शुरू कर दिए थे, उन्होंने अपनी एक विल भी लिखवा ली थी, और मरने से पहले अपनी फ़ैमिली के तमाम फ़ाइनांसेस सॉर्ट-आउट कर लिए थे।

अपना एक सुसाइडल दोस्त होना बहुत परेशान कर सकता है। ना केवल आप इस बारे में किसी को बताने से डरते हैं, बल्कि आपको लगातार उनकी चिंता भी होती रहती है। ऐसी पोज़िशन में होना आसान नहीं है। लेकिन फ़िक्र मत कीजिए, आप उस हादसे को टालने के लिए ये कुछ चीज़ें कर सकते हैं : 

-ज़िंदगी की पॉज़िटिव बातों को दोस्त के सामने रखें
-इस बात पर ज़ोर दें कि अभी पूरी उम्र हमारे सामने पड़ी है
-दोस्त से बात करें और उसका नज़रिया जानने की कोशिश करें
-किसी भरोसेमंद व्यक्ति को सारी बातें बताएं (टूलकिट में ‘आप किससे बात कर सकते हैं’ टूल देखें)

अगर आपके दोस्त ने सुसाइड कर ली तो कैसे मूव-ऑन करें :

वर्स्ट केस सिनैरियो में, मान लें अगर आपने अपने किसी दोस्त को खो दिया, तो आप बहुत सारी चीज़ें महसूस करेंगे। आपको सदमा लग सकता है, आपको गिल्ट हो सकती है, ग़ुस्सा आ सकता है, मायूसी फ़ील हो सकती है। लेकिन आप अपने दर्द को कम करने के लिए ये चीज़ें कर सकते हैं :

समय लीजिए : आपकी पहली प्रतिक्रिया हो सकती है, ये नहीं हो सकता। लेकिन आपको इसे एक्सेप्ट करना ही होगा, फिर इसके लिए आप चाहे जितना समय लेना चाहें।
ख़ुद को एक्सप्रेस करें : ऐसे मौक़ों पर हेल्पलेस महसूस करना नॉर्मल है। लेकिन आपको किसी भरोसेमंद साथी के सामने ख़ुद को एक्सप्रेस करना चाहिए।
यादों को सेलिब्रेट कीजिए : आप अपने दोस्त की याद में अपने गार्डन में एक पौधा रोप सकते हैं या उसके मेंटलपीस पर उसकी तस्वीर लगा सकते हैं : जैसे भी हो, आपको उसकी याद को सेलिब्रेट करना चाहिए।

यदि आपके पास भी हमसे शेयर करने के लिए कोई कहानी है तो हमें यहां , ईमेल करें

यदि आपके पास कोई सवाल हैं, तो हमें यहां , ईमेल करें

आप क्लिक करके काउंसलर से भी बात कर सकते हैं टीनटॉक एक्सपर्ट चैट.

Comments

अगली कहानी


ये 5 आदतें आपको नुकसान पहुंचाती हैं

काम में टालमटौल करना और अधिक नींद लेना आपको नुकसान पहुंचा सकता है। जानिए इससे कैसे निपटें, इससे पहले बात हाथ से निकल जाए?
Nishtha JunejaTeentalkindia Content Writer

हम जब खुद को हानि पहुंचाते हैं तो जरूरी नहीं कि शरीर को ही नुकसान हो, इंसान कई तरह से अपनी भावनाओं को भी हानि पहुंचाता है। ये आदतें इंसान को फिजिकली और मेंटली दोनों तरह नुकसान पहुंचाती हैं।



ऐसे समझें, कहीं आप खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए इन आदतों का हिस्सा तो नहीं हैं -

1. टाल-मटोल
इसे आम भाषा में समझें तो यह काम करने का समय और लक्ष्य के बीच का हिस्सा होता है जिसमें देरी कि जाए तो टालमटोल करना कहलाता है। इसे नीचे दिए उदाहरण से समझ सकते हैं-

मैं : मेरा फिजिक्स का असाइनमेंट अधूरा है।
दिमाग: हम इसे लंच के बाद कर लेंगे।
मैं: लंच खत्म होते ही इसे पूरा कर लेंगे।
दिमाग: एक झपकी लेने के बाद इसे करते हैं।
मैं : डिनर के बाद करेंगे।
दिमाग : अभी इसे भूल जाते हैं।
मैँ : चेहरे पर कुटिल हंसी आती है

इससे कैसे निपटें
किसी ने सही कहा है कि अगर आप किसी काम को अगले 5 मिनट में कर सकते हैं तो उसे पूरा कर लेना चाहिए। अपने कामों की लिस्ट बनाएं और उसे जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश करें। इससे आपमें कम से कम अवसाद पनपेगा और चिंता कम होगी। साथ ही यह आपको संतुष्टि का अहसास कराएगा।

2- आराम से खाएं
अगर आधी रात खाना लेना आपकी आदत बन गई है तो संभलने की जरूरत है। जब भी आप कल होने वाले फुटबॉल मैच या एग्जाम के बारे में स्ट्रेस लेते हैं या अवसाद से घिरते हैं तो आपको कटोरे भरकर चीजें खाना अच्छा लगता है। ऐसी आदतें अपनाएं जो आपका ध्यान खाने की ओर से भटकाएं।

इससे कैसे निपटें: अगली बार जब ऐसा हो तो धीरे खाएं ताकि पूरी प्रोसेस स्लो हो जाए। अपनी हर बाइट का आनंद उठाएं। एक बार आप खाने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं तो खाने की मात्रा घट जाएगी। ऐसी आदतों को रूटीन में शामिल करें जो खाने की ओर से ध्यान हटाए जैसे ऐसी स्थिति में गाना सुनने की आदत डालें।
 

3- जरूरत से ज्यादा नींद लेना
ये सभी जानते हैं कि झपकी या नींद लेने से एंजायटी दूर होती है लेकिन अधिक नींद लेने की आदत आपको मुश्किल में डाल सकती है। 9 घंटे से अधिक नींद लेना अधिक सोने की कैटेगरी में आता है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है।

इससे कैसे निपटें : अधिक नींद लेने की स्थिति को हायरसोम्निया कहते हैं। ऐसे मामलों में आपको विशेषज्ञ की सलाह की जरूरत होती है। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो एक कागज पर उन चीजों को लिखें जो आपको परेशान करती हैं। लिस्ट तैयार करने के बाद, कौन सा काम किस तारीख को करना है यह तय करें। आपको लगता है कि कोई काम पहले हो सकता है तो उससे ही शुरुआत करें। अपने अंदर के डर को निकालें और अगली सुबह से इसकी शुरुआत करें।
 

4- अपने इमोशंस को संभालें
गर्लफ्रेंड के साथ झगड़ा हुआ था या आपके टीचर में क्लास में सबसे सामने आपको डांट दिया था? इससे जुड़े इमोशंस को नजरअंदाज करें। ये दर्द पहुंचाते है और परेशान करते हैं। इसे दिमाग में दबाने पर आप कुछ समय के लिए अच्छा महसूस करते हैं लेकिन लंबे समय तक ऐसा नहीं हो पाता।

इससे कैसे निपटें : इमोशंस से निपटने के लिए इसका अनुभव होना जरूरी है। आपके दिमाग में दो बातें जरूरी आनी चाहिए, पहली, आपको कौन सी बात परेशान करती है? और आपके पास इसका क्या समाधान है। आप अपनी जिद को किनारे रखें और गर्लफ्रेंड से झगड़े के बारे में बात करें। समस्या को हल करने की पहल करें। यह आपकी मेच्योरिटी और स्ट्रेंथ को दिखाता है।

5- जरूरत से अधिक विनम्र होना
इंसान को कितना विनम्र होना चाहिए इसे समझने की जरूरत है। सामान्यतौर पर विनम्र होने और अधिक विनम्र होने में फर्क है। अगर आप डिबेट कॉम्पिटीशन में सबसे अंत में बोले थे, बास्केटबॉल मैच हार गए थे और इनके बारे में अधिक सोचकर अपने कॉन्फिडेंस को कम कर रहे हैं तो ये इशारा है आप जरूरत से ज्यादा नर्म हैं।

इससे कैसे निपटें : जरूरत से अधिक विनम्र होने से खुद को बचाना है तो सबसे पहले अपनी और दूसरे की परफॉर्मेंस को अलग रखें। आपको अपने किए गए कामों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए दूसरों की नहीं। अगर आप खुद को जज करते हैं या लोगों के सामने ऐसा व्यक्त करते हैं तो ध्यान रखें कि आपकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है इस बात को याद रखें।
खुद से प्रॉमिस करें अब से ऐसा नहीं करेंगे।

यदि आपके पास भी हमसे शेयर करने के लिए कोई कहानी है तो हमें यहां , ईमेल करें

यदि आपके पास कोई सवाल हैं, तो हमें यहां , ईमेल करें.

आप क्लिक करके काउंसलर से भी बात कर सकते हैं टीनटॉक एक्सपर्ट चैट.

टिप्पणियाँ

कॉपीराइट टीनटॉक 2018-2019
डिस्क्लेमर : टीनटॉकइंडिया आपातकालीन सेवाएं नहीं प्रदान करता है और न ही यह किसी तरह की आपदा में हस्तक्षेप करने वाला कोई केंद्र है। अगर आप या आपका कोई मित्र या परिचित गहरे अवसाद के दौर से गुज़र रहा है, या उसके मन में आत्महत्या या स्वयं को नुक़सान पहुंचाने वाले विचार आ रहे हैं तो कृपया निकटस्थ अस्पताल या आपातकालीन/आपदा प्रबंधन सेवा केंद्र या हेल्पलाइन से सम्पर्क करें।