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टीनएज प्रैग्नेंसी : चिंता की वजह

एक ऐसा देश जहां बाल विवाह बड़ी संख्या में होते हैं और सेक्स के बारे में बात करना टेबू है, युवा लड़कियों को संस्कृति और ग़लत सूचनाओं में जकड़ दिया जाता है

यूनाइटेड नेशन पॉपुलेशन फ़ंड (यूएनएफपीए) की 2013 में रिलीज़ हुई रिपोर्ट के मुताबिक सन् 2000 से 2013 के बीच 73 लाख लड़कियों ने 18 वर्ष की उम्र से पहले बच्चे को जन्म दिया है। 10 देशों की इस सूची में भारत पहले नंबर पर था, जहां 20 से 24 साल की उम्र के बीच की लड़कियों ने बताया कि वे 18 वर्ष की उम्र से पहले बच्चे को जन्म दे चुकी हैं। यह जानकारी तृप्ति शरण के आर्टिकल से ली गई है, जो कि नई दिल्ली में प्रैक्टिस कर रही एक गायनेकोलॉजिस्ट हैं। उन्होंने इस ज्वलंत मुद्दे की ओर इशारा किया है, जिस पर खुलकर बात नहीं की जाती है।

शरण ने टीनएज प्रैग्नेंसी के बारे में विस्तार से बताया है, प्रैग्नेंसी चाहे ज़बरदस्ती हो या अनजाने में हुई हो, ये न केवल युवा लड़की के शरीर को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि उसके मानसिक विकास पर भी इसका स्थायी प्रभाव होता है।    

प्रैग्नेंसी और कानून  : 
प्रैग्नेंसी के 20 सप्ताह बाद डॉक्टर इसे ख़त्म नहीं कर सकते हैं। यह क़ानूनन अपराध है। ऐसी स्थिति में, टीनएज गर्ल्स या युवा लड़कियों के पास बच्चे को जन्म देने और मां बनने का सफ़र शुरू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता है। कई कारण हैं, जो टीनएज प्रैग्नेंसी को जन्म देते हैं। प्राथमिक कारणों में से एक सेक्स पर चर्चा करने की इच्छा का न होना है। स्कूलों और कॉलेजों में सेक्स एजुकेशन की कमी होना है। पितृसत्तात्मक देश में महिलाओं की सेक्स की इच्छा को नियंत्रित किया जाता है। ज्यादातर मामलों में, अनप्रोटेक्टेड सेक्स के बाद प्रैग्नेंसी होने वाली टीनएजर गर्ल्स बाजार में उपलब्ध कॉन्ट्रिसेप्टिव्स पिल्स का उपयोग करती हैं। ऐसे में इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि 72 घंटे बीत जाने के बाद वे कॉन्ट्रिसेप्टिव्स बेअसर हो जाती हैं। दुर्भाग्य से, यदि आप प्रैग्नेंसी हैं, तो एक भरोसेमंद वयस्क व्यक्ति जो आपको समझ सके, उस पर भरोसा करना इस दिशा में पहला कदम है। इसके अलावा, गायनेकोलॉजिस्ट से अपना चेकअप करवाना दूसरी बात है। अंत में, बच्चे को रखना या प्रैग्नेंसी का समय कितना बीत चुका है, उसके आधार पर ही उसे हटाना, मैरिटल स्टेटस और सामाजिक नियमों के आधार पर ही किसी विकल्प को चुनने के लिए तैयार होना होगा। 

इससे बचने के लिए आप क्या कर सकती हैं : 

हालांकि, टीनएज प्रैग्नेंसी से बचा जा सकता है। यहां उसके लिए कुछ उपयोगी टिप्स दिए गए हैं।

-जानिए कि आप क्या कर रहे हैं : ख़ुद से सवाल पूछें जैसे कि "क्या मैं सेक्स के लिए तैयार हूं," या "क्या मैं अपने प्रेमी / प्रेमिका के दबाव में ऐसा कर रहा हूं।"
-कंडोम का उपयोग करें : जैसा कि कहा गया है, प्रिवेंशन इज़ बेटर देन क्योर यानी रोकथाम इलाज से बेहतर है। यदि आप इसके लिए तैयार न हों तो प्रैग्नेंसी के जाल में फंसने से बचना बेहतर है। इसके अलावा, इसका उपयोग करने से सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ (एसटीआई) और इंफे़क्शन से भी आप सुरक्षित हो सकते हैं।
-कॉन्ट्रिसेप्टिव : यदि आप सेक्शुअली एक्टिव हैं, तो आप अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह ले सकती हैं और मंथली पिल्स ले सकती हैं। हालांकि इनके साइड इफे़क्ट्स होते हैं, जिसमें सिरदर्द से मितली तक के लक्षण नज़र आ सकते हैं। 

उम्मीद है कि इन टिप्स से आपको मदद मिली होगी। सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ (एसटीआई) के बारे में अधिक जानकारी इस लिंक http://www.teentalkindia.com/explore/sexuality-lgbtq पर आपको मिल जाएगी। अगर किसी अन्य मुद्दे पर आप काउंसलर से सलाह लेना चाहती हैं तो expert@teentalkindia.com पर अपना सवाल ईमेल कर सकती हैं।

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Ritika SrivastavaTeentalkindia Counsellor

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