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तीन बातें जो नए रिश्ते को संभालना सिखाएंगी

टिप्स जो निश्चित रूप से टीनएज रिलेशनशिप को संभालने और संवारने में काम आएंगे।

टीनएज रिलेशनशिप्स समंदर की लहरों की तरह होती हैं ये पल में उठती हैं और पल में बह जाती हैं। इस उम्र में प्यार का पहला अहसास होता है और इसे दोबारा महसूस कर पाना मुश्किल होता है। कोई भी रिलेशन परफेक्ट नहीं होता है। लेकिन किसी भी रिश्ते को खूबसूरत और मजबूत बनाया जा सकता है। अच्छा रिश्ता बनाने के लिए हर तरह के हालात में वैसी गर्मजोशी कायम रखें जो शुरू में थी। ये जानना बेहद जरूरी है कि रिश्ते को कैसे बचा सकते हैं और गलतफहमियों को कैसे दूर कर सकते हैं।
यहां कुछ टिप्स दिए जा रहे हैं जो निश्चित रूप से टीनएज रिलेशनशिप को संभालने और संवारने में काम आएंगे।


एक दूसरे को जानना जरूरी
किसी को जानने का सबसे आसान तरीका है उसके साथ समय बिताना और बात करना। इससे आपको और आपके साथी को एक-दूसरे को समझने का मौका मिलता है। आप अपनी रोज की दिनचर्या, अपने शौक, कमियों और यहां तक कि गलतियों को साझा कर सकते हैं। यह एक बॉन्ड बनाने का पहला कदम है। लेकिन कुछ बाते हैं, जिन्हें आपको ध्यान में रखना चाहिए। मस्ती करने के बजाय समझने और स्वीकार करने की कोशिश करें। एक-दूसरे के प्रति ईमानदार रहें। ये जरूरी नहीं कि आप अपने पार्टनर की हर पसंद को अपनाएं या उनकी हर पसंदीदा चीज मं दिलचस्पी लें। अगर हालात आपको खराब नजर आएं तो उस वक्त घबराएं नहीं और कुछ भी गलत लगने पर बोलें। कभी किसी के लुक को देखकर प्रभावित न हो। इससे अच्छा है कि आप उसके विचारों और उसके नजरिए से प्यार करें।
 
हर बंद दिल की चाबी है कम्युनिकेशन
टीनएज में लोग बोलने से पहले कई दफा सोचते हैं। लेकिन जब एक अच्छे रिश्ते को बनाए रखने की बात आती है, तो आपके मुंह से निकला हरेक शब्द मायने रखता है। इसका मतलब ये नहीं है कि आप हर समय खुद पर ध्यान देते रहें। हम बस ये कह रहे हैं कि आप जो भी कहें वो सोच-समझकर ही कहें। इस तरह से आप पार्टनर और आपके बीच किसी भी तरह की गलतफहमी को पनपने से रोक सकते हैं। साथ ही इससे आपको अपने दिल और दिमाग की आवाज सुनने भी मदद मिलेगी। अगर आप अपने पार्टनर की किसी भी बात से सहमत नहीं होते हैं तो कड़वे शब्द बोलने से बचें, जिससे वो आपकी बातों से उसे तकलीफ ना हो। अगर कोई चीज आपके सिद्धांतों के खिलाफ तो भी उन चीजों को नजरअंदाज करना भी सीखें।

धीमी रखें रोमांस की रफ्तार

अगर आपको ऐसा लगता है कि आप अपने साथी के साथ शारीरिक तौर पर करीब हैं या फिर आप अपने पार्टनर के और करीब आने के लिए थोड़ा और समय चाहते हैं, तो इसके बारे में बोलें। रिश्ते की शुरुआत में पार्टनर से दूरी बनाना आम बात है। सहज महसूस करना और अपने साथी को भी उस रिश्ते में सहज महसूस कराना बहुत महत्वपूर्ण है। एक-दूसरे के लिए अपनी भावनाओं व्यक्त करना ना भूलें। आप अपने रिश्ते की स्थिति को आसानी से समझ सकते हैं। जब एक-दूसरे की पसंद, राय, जरूरतों को स्वीकार करने की बात आती है तो एक-दूसरे के लिए खुले रहने की कोशिश करें। एक नया रिश्ता एक बच्चे की तरह है, देखभाल और प्यार यह सब है जो इसे मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है।

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ईर्ष्यालु दोस्तों से कैसे निपटें

लोग कहते हैं कि आपसे जब कोई ईर्ष्या करता है तो खुश होना चाहिए। क्या सच में ऐसा होना चाहिए?

आप जानते हैं कि आप एक शानदार इंसान हैं, दूसरे लोग भी आपकी बहुत तारीफ करते हैं लेकिन तब आप क्या करेंगे जब यह तारीफ ईर्ष्या (जेलसी) में बदल जाएगी? इस तरह की मुश्किलें खासकर दोस्ती जैसे रिश्ते में जरूर आती है। आपको काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है जैसे धोखा, लड़ाई-झगड़े, बहस और यहां तक कि ईर्ष्या भी। जो इंसान आपसे ईर्ष्या करता है वो आपकी लाइफ में बहुत नकारात्मकता लेकर आता है। ईर्ष्या जैसी भावनाएं अच्छी से अच्छी दोस्ती को भी तोड़ देती हैं। और अगर आपने इसे अनदेखा किया तो शायद आप अपना अच्छा दोस्त भी खो दें। हालांकि, ईर्ष्या को पहचानना और इससे दूर होने के लिए प्रयास करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि यह दुश्मनी को ज़्यादा बढ़ावा देता है।


ईर्ष्या को समझें
आपको टीचर से अच्छे रिमार्क्स मिले, या फिर आपको अपना प्यार मिल गया या जैसा बॉडी फिगर आप चाहते थे आपको मिल गया हो, ऐसे खुशी के समय में सबसे पहले आप यह खबर उनसे शेयर करते हैं जिनसे आप बहुत प्यार करते हैं खासकर फ्रेंड्स और फैमिली से। इनमें से कुछ ऐसे भी होते हैं जो खुश होने के बजाय यह मानते हैं कि ये तो कोई भी कर सकता है या फिर आपके अचीवमेंट से खुश नहीं होते। उन्हें ऐसे व्यवहार से अगर आपको बुरा लगता है और आपकी खुशी दुख में बदल जाती है तो समझ लीजिये कि यही ईर्ष्या है।

ईर्ष्यालु दोस्तों (जेलस फ्रेंड) कैसे निपटें:


नजरअंदाज न करें
अगर ऐसी बातों पर आप ध्यान नहीं देंगे तो बात और बिगड़ सकती है। ईर्ष्या बढ़ जाएगी और आपकी दोस्ती में इससे मुश्किलें भी आ सकती हैं।

बात करो मगर आराम से
एक अच्छा कम्युनिकेशन ही इस मुश्किल को कम कर सकता है। अपने दोस्त से इस बारे में आराम से बात करें और अगर वह आपकी बुराई करे तो आप गुस्सा न हो बल्कि धैर्य रखें फिर बात करें।

भावनाओं को समझें
खुद को दोस्त की जगह पर रखकर देखें और उसकी भावनाओं को समझें। ऐसा भी हो सकता है कि आप अपने अचीवमेंट से इतने ज्यादा खुश हों जिससे दोस्त को बुरा लग रहा हो।

थोड़ा समय दें
एक बार जब आप अपने दोस्त से बातचीत कर लें तो एक ब्रेक लें और उसे थोड़ा समय दें। उन्हें स्पेस दें और आपके बारे में अच्छा सोचने या अपना दृष्टिकोण तुरंत बदलने के लिए दबाव न बनाएं।

ध्यान दें-
ईर्ष्यालु व्यक्ति को समझने और इसका समाधान करने के लिए बहुत समय और ध्यान देने की आवश्यकता होती है। आपको नकारात्मकता से छुटकारा पाने के लिए सकारात्मकता के साथ समझाना होगा। याद रखें कि ईर्ष्या की जड़ें कम आत्मविश्वास और असुरक्षा में होती हैं।

तय करें कि क्या आप अभी भी दोस्त बनना चाहते हैं-
ईर्ष्यालु मित्र से दोस्ती रखना कठिन हो सकता है। और अगर ऊपर दिए इन सारे स्टेप्स से भी वह दोस्त न बदले तो आपके लिए यही सही होगा कि इस दोस्ती को तोड़ दें क्योंकि ऐसी दोस्ती में कुछ नहीं रखा सिवाय ईर्ष्या के।

निस्संदेह, ईर्ष्या एक मानवीय भावना भी है, लेकिन इससे निपटने के तरीके हैं। आपको बस यह पता लगाना है कि कैसे इससे निपटा जा सकता है।

 

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