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Keeping your friendships strong

“Friends are the family we choose for ourselves” - Edna Buchanon

Friends are an incredibly important part of our lives. Our friends and friendships define us. And that's why a good friendship is indeed something to savor and protect. Yet, like any human relationship, even the closest of friendships can unravel in moments of weakness. How can you avoid a falling out with someone you’ve long trusted and cared about? Here are a few tips:

Choose your friends wisely

Remember that you do not have to be everyone’s friend. Choose to be friends with people who build you up, not tear you down, who welcome you and not alienate and insult you.

Listen closely

Be an attentive listener to what the other person is saying. Let that person know that you not only hear them but understand as well.

Respond carefully

As the wise say, think before you speak – especially when you are angry. Sometimes, taking a moment to think about what you say before you start blurting things out will spare hurt feelings and bruised pride.

Avoid consistent advice or trying to fix all of your friend’s problems

When a friend asks for your advice, give it. However, don’t wiggle your way into every aspect of your friend’s life, telling them how to be the star of their own show. Give them their deserved space.

Be the kind of friend you want others to be for you

You want friends who are honest, kind, compassionate, fair, not judgmental, authentic, and intelligent.  Be that person first and you’ll be more likely to attract that kind of friend into your life.

Apologize when needed

When you do something wrong, admit it.  Learn to apologize. Sometimes a friend is upset, and all they want from you is to (genuinely) say “sorry.”

Keep your promises

If you know you can’t deliver something, don’t promise that you will. If you make a promise, do your best to keep it.

Celebrate what you have in common

Most friendships are started because of some common thread – a favourite sport, a love of books, an appreciation of fine dining, an insufferable boss, etc. Cherish your common interests together and your bond will grow stronger.

Try new things together

What new experiences can you share with your friend? It could be as simple as checking out the new local coffee shop, or as adventurous as bungee jumping.

Keep personal information confidential

When a friend tells you a secret it is because they trust you and believe that you will keep what they told you in the strictest of confidence.  Do not betray your friend by sharing their secrets with others. Many times relationships are ruined over spilled secrets.

More importantly, be authentic, be yourself and be honest. Avoid putting up a fake personality. We all test our relationships by throwing something out there about our true nature. We then hide behind a corner, head peeking out, waiting for the response.  If someone can’t accept you for who you are, developing a relationship with them will be hard. Don’t change yourself by denying your beliefs, values, and point of view, for the sake of fitting in. You won’t be doing anyone any favors.


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वो बातें जो एक मां को अपनी टीनेज बेटी के साथ जरूर करना चाहिए

किसी भी बेटी के लिए मां उसकी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा होती है। फिर चाहे वो छोटी हो या बड़ी, युवा हो या बुजुर्ग, मां के लिए वो हमेशा बच्ची ही रहती है। हालांकि मां-बेटी का ये रिश्ता जितना प्यार भरा रहता है, उसमें उतनी ही नोक-झोंक भी देखने को मिलती है।
Richa DubeyTeentalkindia Content Writer

किसी भी बेटी के लिए मां उसकी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा होती है। फिर चाहे वो छोटी हो या बड़ी, युवा हो या बुजुर्ग, मां के लिए वो हमेशा बच्ची ही रहती है। हालांकि मां-बेटी का ये रिश्ता जितना प्यार भरा रहता है, उसमें उतनी ही नोक-झोंक भी देखने को मिलती है। खासकर किशोरावस्था के दौरान ये नोक-झोंक कई बार मतभेद के रूप में भी बदल जाती है। बढ़ती उम्र के दौरान शरीर में होने वाले परिवर्तनों और मानसिक स्थिति में बदलाव की वजह से अक्सर ऐसा होता है। ऐसे  में लड़कियों के लिए मां का मार्गदर्शन बहुत जरूरी बन जाता है। यहां हम उन चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिनका जिक्र एक मां को अपनी किशोर बेटी से बात करने के दौरान जरूर करना चाहिए।

जरूरत पड़ने पर ना कहना भी आना चाहिए

कई बार शिकायत करने या ना कहने को लेकर टीनेज लड़कियां दबाव महसूस करती हैं। फिर चाहे वो स्कूल में हों, दोस्तों में हों या फिर किसी अन्य व्यक्ति के साथ हों। जबकि उन्हें लगता है कि हां में हां मिलाकर वे अपनी छवि ज्यादा अच्छी बना सकती हैं। लेकिन उसे ये पता होना चाहिए है कि कई बार ना कहना भी बेहद जरूरी रहता है। बहुत सी चीजों को लेकर लड़कियों को स्कूल में ढेर सारी बातें सुनाई जाती हैं, ऐसे में उन्हें आपकी सलाह की जरूरत नहीं रहती। इसकी बजाए आप अपनी बेटी को ये बता सकती हैं कि जिन कामों को करने के लिए वे सहमत हैं, उन्हें करते वक्त सहज महसूस करना ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। फिर चाहे वो किसी दोस्त के साथ वक्त गुजारना हो, किसी की मदद करना हो या किसी के लिए कुछ करना हो। इस बात को सुनिश्चित करें कि वो ये बात समझ जाए कि किसी से ना कहना और इसे बाहर निकालना पूरी तरह से ठीक है।

आत्मविश्वास होना बेहद जरूरी है

जब लड़कियां 13 साल की उम्र में कदम रखती हैं, तो उन्हें ऐसा लगता है जैसे उनका आत्मविश्वास कई गुना कम हो गया है। इसके बाद वे अचानक बच्चों की तरह महसूस करना भी बंद कर देती हैं। हालांकि वास्तव में वे बड़ी तो हुई नहीं होती हैं। ऐसी स्थिति में एक मां के रूप में, आपको अपनी बेटी को ना केवल ये बताने की जरूरत है कि वो पूरी तरह ठीक है, बल्कि उसे अपना आत्मविश्वास दिखाने की भी जरूरत रहती है। आखिर में आपकी बेटी को यह समझने की जरूरत है कि ये उसके कपड़ों या सामान की पसंद नहीं है जिसे याद रखा जाएगा, बल्कि इसकी जगह पर जिस तरह से वो खुद को रखती या प्रस्तुत करती है, वो महत्वपूर्ण है। एक मां के तौर पर आपका काम बेटी को सिर्फ सलाह देना या रोक-टोक करना ही नहीं है, इसके अलावा अच्छे फैसलों के लिए उसकी तारीफ करना भी बेहद जरूरी है

अपने आप को सुरक्षित रखना सीखो

जैसे-जैसे आपकी छोटी लड़की बड़ी होती जाती है, उसका जीवन बदलता जाता है और आजादी के साथ ही उसके जीवन में कई अन्य चीजें भी आती जाती हैं। वो पार्टियों में जाना चाहेगी, दोस्तों के साथ घूमना चाहेगी और डेट्स पर भी जाना चाहेगी। ये सारी चीजें जहां एक तरफ उसके आत्मविश्वास, मानसिकता और सामाजिक कौशल के लिए बेहद जरूरी हैं, वहीं दूसरी ओर वे संभावित खतरों की आशंका को भी बढ़ाते हैं। आपको अपनी बेटी के साथ इस बारे में भी बात करना चाहिए कि वे कौन सी स्थितियां हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया जाना चाहिए और कभी कुछ अनहोनी होने पर खुद को बचाने के लिए क्या करना चाहिए।

कभी-कभी रोना अच्छा रहता है

आधुनिक दौर में कई पत्रिकाएं और ब्लॉग में ये पढ़ा जा सकता है कि एक मजबूत महिला को कैसे बनाया जाए। मजबूत होने का मतलब ये है कि हम खुद की कमजोरियों को स्वीकार करते हुए उन पर विजय पाएँ। उदाहरण के लिए अगर आपकी टीनेज बेटी उदास है, तो आपको उसे ये स्पष्ट करना होगा कि वो आपके पास आकर बात कर सकती है और रो भी सकती है। कभी-कभी एक खराब परिस्थिति से बाहर निकलने के सबसे बेहतर तरीका ये होता है कि किसी की भावनाओं को आंसूओं के रूप में बह जाने दें। महत्वपूर्ण बात ये है कि आपकी बेटी इस बात को समझे कि आँसू कमजोरी का संकेत नहीं देते हैं।

हर हाल में सक्रिय बने रहना जरूरी है

लड़की को ये पता होना चाहिए कि दुखी होने पर रोना-धोना ही आखिरी विकल्प नहीं होता है। इस मामले में एक मां अपनी बेटी को जो सबसे अच्छी बात सिखा सकती है वो ये है कि दुख या तकलीफ पर ध्यान देने की बजाए वो उससे बाहर निकलने के संभावित समधानों के बारे में सोचना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि वो खुद को दुखों से बाहर निकलने के लिए हमेशा सक्रिय रखे। मां बेटी को समझाए कि हर समस्या का कोई ना कोई समाधान जरूर होता है। इसके लिए बेटी को सिर्फ सक्रिय रहने की जरूरत है।

जरूरत पड़ने पर मदद जरूर मांगना चाहिए

कई लड़कियां मदद मांगने में हिचकिचाती हैं और इसे एक बोझ की तरह समझते हुए इसे मांगने में खुद को कमजोर महसूस करती हैं। इसलिए ये बेहद महत्वपूर्ण है कि आप उसके सामने इस बात को स्पष्ट करें कि हर किसी को कभी ना कभी मदद की जरूरत पड़ती है और मुसीबत के वक्त या जरूरत के वक्त अपनी परेशानियां बताने या मदद मांगने में उसे बिल्कुल भी डरना नहीं चाहिए। अपनी टीन बेटी को ये बात बिल्कुल स्पष्ट कर दें कि आप उसके लिए हमेशा वहां खड़ी हैं, और उससे पूछें कि क्या उसे किसी तरह की मदद की जरूरत है, इससे पहले कि उसे पूछने के बारे में सोचने का मौका मिले।

अच्छी जिंदगी के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है

टीनेज के दौरान बहुत-सी लड़कियों का ध्यान पढ़ाई से ज्यादा रोमांस खोजने, परिवार की मदद करने और अन्य किसी जगह पर रहता है। लेकिन आपको अपनी बेटी को ये बात समझाने की जरूरत है कि आधुनिक दुनिया में अच्छी शिक्षा ही उसके भविष्य में काम आएगी। फिर भले ही आपकी शिक्षा का स्तर कुछ भी क्यों ना रहा हो। इस बात को आप उसे सफल महिलाओं के उदाहरण देकर भी समझा सकती हैं। कहा जाता है कि खुशियां खरीदी नहीं जा सकतीं, लेकिन अच्छी शिक्षा निश्चित रूप से आपकी बेटी के आरामदायक ढंग जीवन जीने की संभावनाओं को बढ़ा सकती है।

अपने आप के लिए खड़े होना आना जरूरी है

जीवन की हर परिस्थिति में अनावश्यक टकराव और संघर्ष से बचना आपका लक्ष्य होना चाहिए। हालाँकि, कुछ स्थितियां ऐसी भी होती हैं जब अपने लिए ही खड़ा होना अत्यंत आवश्यक हो जाता है, विशेष रूप से जब आप एक किशोर लड़की हो। उसे ये बताना महत्वपूर्ण है कि कुछ परिस्थितियों में टकराव उचित रहता है। उसे व्यवहार में हमेशा शांत और सौम्य बने रहने के लिए कहें, लेकिन साथ ही अपने बयानों में दृढ़ रहना भी सिखाएं। हमेशा की तरह बेटी की नजरों में उसकी मॉडल बनें और अपनी बेटी को दिखाएं कि शांति के साथ कैसे असहमति को संभालना है और अपने कार्यों को सही ठहराना है।

पार्ट-टाइम काम करना और बजट सेट करना बताएं

समाज में रहने और जीने के लिए सभी लोगों को आय के किसी ना किसी स्रोत की आवश्यकता रहती है। बेटी को ये बात समझाने के लिए आप उसे पार्ट टाइम जॉब करने की सलाह दे सकती हैं। ताकि वो कम उम्र में ही आय के हिसाब से अपने खर्चों को मैनेज करने जैसी महत्वपूर्ण बात सीख जाए।

हमेशा खुद से प्यार करना चाहिए

ये आपकी बेटी के लिए शायद सबसे महत्वपूर्ण सलाह है। किशोरावस्था से लेकर वयस्क होने तक शरीर और सोच में कई बदलाव होते हैं, जिनकी वजह से कई बार ऐसी स्थितियां आ जाती हैं, जब उसके मन में खुद को लेकर अनिश्चय की स्थिति बन जाएगी और कई सवाल उठने लगते हैं। ऐसे हालातों से निपटने के लिए उसे खुद से प्यार करना आना बेहद जरूरी है। आप अपनी बेटी को याद दिलाएं कि वो उसके पास मौजूद सभी प्यार की हकदार है और उसे खुद से भी प्यार करना सीखना होगा। किशोरावस्था की कई चुनौतियों पर काबू पाने के लिए उसे पहले अपनी खामियों को स्वीकार करना और फिर अपनी आंतरिक भावना के साथ एक होना सीखना होगा।

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