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क्या होती है एब्यूसिव रिलेशनशिप

हमें वायलेंस का विरोध करना चाहिए, क्योंकि रीएक्ट के बजाय एक्ट करना बेहतर है।
Richa DubeyTeentalkindia Content Writer

किसी को डेट या रोमांस करते हुए आपको ठेस पहुंच सकती है- शारीरिक, यौन या भावनात्मक रूप से। डेटिंग में किसी भी तरह के एब्यूज़ की स्थिति में आपको समझदारी और मज़बूती के साथ पेश आना चाहिए। डेटिंग में वायलेंस या बुरे व्यवहार को माफ़ नहीं किया जा सकता है और टीनएजर्स को तो इसका ख़तरा बहुत अधिक होता है। ऐसी स्थिति में सबसे पहले आपको ताक़तवर बनना चाहिए, डरना नहीं चाहिए। न चुप रहें और न ही अनदेखा करें, बल्कि शांत होकर स्मार्ट तरीक़े से काम लें।

किसी भी रिश्ते में रिस्पेक्ट और केयर सबसे महत्वपूर्ण चीज़ें हैं। इसलिए किसी भी तरह का एब्यूज़ ग़लत है। और आपको इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठानी चाहिए।   

किसी भी चीज़ पर एक्ट करने का मतलब शक करना या रिश्ते पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि हमेशा सतर्क और जागरूक रहना है- फिर चाहे आप अपनी पहली डेट पर ऑकवर्ड अनुभव कर रहे हों या अपने पार्टनर को लम्बे वक़्त से जानते हों।

वायलेंस यह दिखाती है कि आपके पार्टनर का खु़द पर नियंत्रण नहीं है और इसलिए वह हिंसक हो जाता है। यह एक अनियंत्रित प्रतिक्रिया है, जो उत्तेजना या भावनात्मक नियंत्रण की कमी का परिणाम है। यक़ीन मानो, यह हमेशा आपत्तिजनक है।

कई बार बुरा व्यवहार साफ़ तौर पर ऐसा नहीं होता, जो डरावना या चोट पहुंचाने वाला हो। आपके साथी को छोटी-छोटी चीज़ों में भी अपमान महसूस हो सकता है। ऐसी किसी भी स्थिति में सावधान रहना आवश्यक है। यह साइकोलॉजिकल एब्यूज़ है और इसे मेंटल या इमोशनल एब्यूज़ भी कहा जाता है।

जिस रिश्ते में आपको अपनी पहचान खोनी पड़े, उसमें न रहना ही बुद्धिमानी है। और ये पांच संकेत आप एक एब्यूसिव रिश्ते में आसानी देख सकते हैं-

हमेशा आपको अपमानित या शर्मिंदा करना :  क्या आपके पार्टनर को हमेशा आपको परेशान करने और नीचा दिखाने की आदत है, चाहे अकेले में या सबके सामने? तुलना कभी भी अच्छी नहीं होती है, फिर भी अगर कुछ ऐसा आपके रिश्ते में है, तो आपको इसक बारे में सोचना चाहिए।

कटाक्ष करना या नीचा दिखाना : किसी भी रिश्ते में किस टोन में बात की जा रही है, इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि आपका साथी हमेशा कटाक्ष या तानाकशी के माध्यम से आपका मज़ाक बनाने की कोशिश करता है या आपके साथ बोलते समय बुरी टोन का प्रयोग करता है, तो आपको इसे अनदेखा करना बंद कर देना चाहिए।

अधिकार जमाना या नियंत्रण करना : एक रिश्ते में होने का मतलब अपने जीवन या पसंद पर किसी को नियंत्रण करने देना नहीं है। इसलिए, यदि आपका साथी आप पर हावी रहता है और यह तय करता है कि आपको क्या करना है, कब करना है,  क्यों करना है और क्यों नहीं करना है, किसके साथ बात करना है और किसके साथ नहीं करना, और अगर वो उसकी बात नहीं मानने पर गु़स्सा हो जाता है, तो इसे अनदेखा ना करें और इस बारे में अपने पार्टनर से चर्चा करें।

पैसों के माध्यम से नियंत्रण करना : कुछ लोगों में यह भावना बहुत गहरी होती है कि पैसा कुछ भी ख़रीद सकता है। दुर्भाग्यवश यदि आप अपने रिश्ते में किसी भी ऐसे लक्षण का सामना करते हैं, तो इसे छोड़ दें। इस तरह के रिश्ते से बाहर आना ही सबसे अच्छा होगा। किसी व्यक्ति को किसी भी चीज़ से अधिक क़ीमती समझना बेहद ज़रूरी है।

छोड़ने पर आत्महत्या करने की धमकी देना :  बहुत सारे लोग अपने पार्टनर को इमोशनली ब्लैकमेल करते रहते हैं। इस तरह की एक्टिविटी से घबराएं नहीं। सबसे पहले समझदारी से और भावुक हुए बिना काम करें। ऐसी किसी भी स्थिति का आप पर बुरा असर पड़ता है। ज़्यादातर मामलों में आपको धमकी देने के बाद आपका साथी आपके साथ बेहद शांत और सामान्य व्यवहार करेगा, जैसे कि कुछ नहीं हुआ है। यह ठीक बात नहीं है। ऐसे में आपका पार्टनर आपको नुक़सान भी पहुंचा सकता है।
 

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