Log In
This site is not collecting any personalized information for ad serving or for personalization. We do not share any information/cookie data about the user with any third party.OK  NO

जीवन में हुए नुकसान की भरपाई कैसे करें

जीवन में कई बार हमारी कुछ आदतें हमे नुक्सान पहुँचा देती हैं । एक सच्ची कहानी से सीखने की कोशिश करते हैं ।

मैं एक बेहद शांत स्वभाव का स्टूडेंट था। स्कूल में हमेशा अव्वल आता था। हमेशा एक अच्छा छात्र रहा, मेरे माता-पिता मुझे पर गर्व करते थे। लेकिन जैसे ही मैंने इंजीनियरिंग में दाखिला लिया मेरे अंदर कई बदलाव आने लगे। कॉलेज के पहले साल में मेरे ग्रेड्स काफी गिर गए। इतना ही नहीं मैं कई सब्जेक्ट्स में फेल होने लगा। मेरी एकेडमिक परफॉर्मेंस में काफी बदलाव आने लगा। दरअसल, मुझे पॉर्न फिल्में देखने की लत लग गई थी। मैं हर रात पॉर्न साइट्स पर सर्फिंग करने लगा। मुझे इसकी बहुत बुरी लत लग गई। लाख कोशिशों के बाद भी मैं इस लत से खुद को आजाद नहीं करवा पा रहा था। मैं पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रहा था। मैं काफी विचलित महसूस कर रहा था।
मेरी साइकोलॉजिस्ट ने उस तनाव से मुझे आजाद कराया। ये एक भावनात्मक स्थिति थी जो कुछ लोगों में तब होती है जब वो किसी सदमे से गुजरते हैं। मेरी साइकोलॉजिस्ट ने एक साल पहले हुई मेरे परिवार के साथ एक घटना के जरिए मेरी मनोदशा के बारे में पता लगाया।
एक सुबह मैं उठा तो मुझे पता चला कि मेरा भाई संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में फोटोग्राफी करने गया था लेकिन वो वहां से कभी नहीं लौटा। कुछ दिनों बाद हमें उसी उद्यान में उसका कंकाल मिला। लेकिन राष्ट्रीय उद्यान के किसी भी शख्स ने हमारी मदद नहीं की। उन्होंने इस बात को मानने से भी इनकार कर दिया कि मेरे भाई पर किसी जानवर ने अटैक किया। इस हादसे ने मेरे परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया।


भाई की इस तरह की मौत ने मुझे पूरी तरह से तोड़ दिया। जब 18 साल का हुआ तो मुझे एहसास हुआ कि मैं इसे समझने में असफल हो रहा हूं। मैं किसी को भी ये बता नहीं पा रहा था कि मेरी भाई की मौत के बाद मैं क्या महसूस कर रहा हूं। मेरी साइकोलॉजिस्ट ने मुझे बताया कि मै जिस चीज से जूझ रहा हूं वो पोस्ट ट्रॉमेटिक डिसऑर्डर डिप्रेशन है। मैंने खुद को समेट लिया और मैंने खुद को बाहरी दुनिया से काट लिया था और पॉर्न की लत में पड़ गया।
क्लोजर- ये एक कठिन शब्द है। यह यादों से भरा कमरा नहीं है कि आप दरवाजे को बंद कर सकते हैं, और बंद हो सकते हैं। क्लोजर के साथ यह बात जुड़ी है कि आपको अपना नुकसान स्वीकार करना होगा, अपना दुख व्यक्त करना होगा और इससे मजबूते से निपटना होगा।
मेरी काउंसलर ने मुझे 5 चीजों के बारे में बताया था।
1 जिस प्रियजन को आपने खोया है, उसे एक पत्र लिखें। उन सभी चीजों को व्यक्त करें, जो अनसुनी रह गई थीं, उन भावनाओं को बाहर निकाल दें जो अंदर बंद हैं।
2 गेस्टाल्ट थैरेपी का हिस्सा बनाया। इस थैरेपी में एक कुर्सी का प्रयोग किया जाता है। इस अभ्यास में आप यह कल्पना करते हैं कि खोया हुआ व्यक्ति आपके सामने एक खाली कुर्सी पर बैठा है। अब आप उसे ये बता सकते हैं कि आप उससे कितना प्यार करते हैं।
3 आप खुद को एक पत्र भी लिख सकते हैं। अपने आप को लिखना और ये बताना है कि आखिर हुआ क्या। इस बारे में खुद शांत भी रखें।
4 प्रेरणादायक कहानियों को पढ़ना / लोकप्रिय लोग कैसे सफल हुए हैं, अपने आप को यह बताने का एक और तरीका है कि क्या हुआ और आगे बढ़ना चाहिए।
5 अपने खोए हुए प्यार को याद करते हुए, उनकी याद को एक परिवार के रूप में सम्मानित करें और जो गलतियां की गई थीं, उनसे सीखना आगे बढ़ने का एक और तरीका है। इसे बाहर निकलने की कोशिश करें या इसे किसी भी तरह से लिखें, दु:ख को स्वीकार करें ताकि इसे से छुटकारा पा सकें।

If you have a story to share, Email it to us HERE.

If you have a query, Email it to us HERE.

You can also chat with the counsellor by clicking on Teentalk Expert Chat.

Comments

NEXT STORY


रोना बुरी बात नहीं : कई मजबूत व्यक्ति भी रोते हैं

निष्ठा जुनेजा बताती हैं कि कैसे आपका रोना एक थैरेपी की तरह है।

जब वह मुझे छोड़कर चला गया तो लगा कि दुनिया ही खत्म हो गई। जैसे शीशा टूटने पर उसके कई टुकड़े हो जाते हैं ठीक वैसा ही मेरे दिल के साथ हुआ। दुनिया बेरंग लगने लगी। मैंने हंसना-बोलना छोड़ दिया। ये एकतरफा प्यार का मामला था। मैं उससे बहुत प्यार करती थी लेकिन वह मुझसे प्यार नहीं करता था।
जब वह चला गया, उसने मेरे साथ कोई गलत व्यव्हार नहीं किया। अब मुझे उससे कोई मतलब नहीं था। वह मेरे साथ नहीं था। उसने मेरी जिंदगी में तूफान ला दिया और फिर चला गया। वह अपने साथ मेरे दिल और आत्मा का एक हिस्सा भी ले गया। अजीब बात है कि मैं अब उस हिस्से को दोबारा पाना नहीं चाहती हूं। मैं चाहती थी कि ये ऐसे ही बना रहे। मैं उसे मुझसे प्यार ना करने के लिए दोषी नहीं मानती हूं।

जब वह गया तो उसने मेरे अंदर एक खालीपन छोड़ दिया। उसने मेरे अंदर एक सवाल छोड़ दिया कि क्या मैं खुद से प्यार करती हूं? मुझे इस सवाल का जवाब ढूंढने लंबा वक्त लगा। मैंने कई रातें यही सोचते हुए गुजारी की क्या मैं कभी खुद से प्यार कर पाऊंगी? कई रातें रोकर गुजारने के बाद मैंने यही निष्कर्श निकाला कि मुझे खुद से प्यार करने की जरूरत है। उसके बाद ही मैं किसी और से प्यार कर पाऊंगी। मैं एक मजबूत और संवेदनशील इंसान हूं। बावजूद इसके मुझे रोने पर कभी अफसोस नहीं हुआ। मैं अपने आंसुओं की वजह से ब्रेकअप के दर्द से उबर पाई। अपने आप ही मेरे आंसू निकल जाते थे और मैंने कभी उन्हें रोका नहीं। हर बार रोने के बाद मुझे हल्का महसूस होता था।
उसके छोड़ने के बाद, मैंने खुद को बेहतर महसूस कराने की कोशिश की जो आसान नहीं था। लेकिन जब आप पहला कदम उठाते हैं तो उसके बाद आप पीछे मुड़कर नहीं देख सकते। मैं लगभग हर रात रोती थी। उसका चेहरा मेरी आंखों के सामने हर वक्त रहता और उसे भुलाना या उस दर्द से बाहर आना मेरे लिए मुश्किल हो गया। मेरे लिए अपनी भावनाओं पर काबू रखना मुश्किल हो गया। मैं उन सभी चीजों के बारे में सोचती जो मैं उसके साथ करना चाहती थी। मैं सपने को साकार करने के लिए कल्पना करने लगी। लेकिन जैसे ही एहसास हुआ कि यह मेरी कल्पनाभर है और ये कभी सच नहीं हो सकती तो मैं और ज्यादा रोती। मैं अपने दिमाग में उन पलों को दोहराने लगी जो मैंने उसके साथ बिताए थे। मैं हर 2 मिनट में उसके कॉल का इंतजार करती। लेकिन कभी फोन नहीं आया। मैंने उसका इंतजार किया। लेकिन वह मुझे कभी नहीं मिला, मैं और थोड़ा रोई।
जब वो चला गया तो मेरे दोस्तों ने मुझे आगे बढ़ने की सलाह दी। मैं अब किसी और शख्स से नहीं मिलना चाहती थी। हर कोई मेरी मदद करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन उनकी सहानुभूति और सुझावों ने हालात और खराब कर दिए।
जब वह चला गया, तो मुझे रोने से केवल सांत्वना मिली। मैं बस खुद के साथ बैठकर रोना चाहती थी। मैं अपने बिस्तर पर लेटी रहती और रोती रहती थी। मेरे आंसू एक तरह से थैरेपी का काम कर रहे थे। मेरे आंसुओं ने मुझे कमजोर इंसान बनाने के बजाय एक मजबूत इंसान बना दिया जो फिर से प्यार करने से डरता नहीं है।
उसने मुझे छोड़ कर अभिभूत, कमजोर, खोया हुआ और भ्रमित सा महसूस कराया। लेकिन मैंने एक बार फिर खुद को पाया।

If you have a story to share, Email it to us HERE.

If you have a query, Email it to us HERE.

You can also chat with the counsellor by clicking on Teentalk Expert Chat.

Comments

Copyright TEENTALK 2018-2019
Disclaimer: TeentalkIndia does not offer emergency services and is not a crisis intervention centre, if you or someone you know is experiencing acute distress or is suicidal/self harming, please contact the nearest hospital or emergency/crisis management services or helplines.