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शिफ्टिंग के दौरान कैसे करें स्ट्रेस कम

स्टूडेंट हॉस्टल में रहें या फिर पेइंग गेस्ट की तरह रह रहे हों, यह जगह हमारे लिए बेहद अहम होती है। बात जब शिफ्टिंग की आती है तब कई चीजों से सामना होता है।
Richa DubeyContent Writer

मूविंग इन या मूविंग आउट, दोनों ही स्ट्रेस में डाल देते हैं। फिर चाहें आप एक अपार्टमेंट से दूसरे अपार्टमेंट शिफ्ट हो रहे हों या फिर एक शहर से दूसरी शहर। मुश्किलें तो आती ही हैं और इससे स्ट्रेस भी बढ़ जाता है।

स्टूडेंट हॉस्टल में रहें या फिर पेइंग गेस्ट की तरह रह रहे हों, यह जगह हमारे लिए बेहद अहम होती है। जिन जगहों पर हम रहते हें वो हमारे जीवन का एक हिस्सा बन जाता है और हम कंफर्टेबल महसूस करते हैं। लेकिन बात जब शिफ्टिंग की आती है तब कई चीजों से सामना होता है। सामान पैक करना फिर नयी जगह पहुंचकर उन्हें अनपैक करके नई जगह पर वापस रखना, यह पूरा काम काफी मुश्किलों से भरा हुआ रहता है। पुराने घर की सभी यादें स्टूडेंट्स को भावुक बना देती हैं जिससे स्ट्रेस लेवल और भी बढ़ जाता है।


शिफ्टिंग हमारे लिए लाइफ का एक एक्साइटिंग और लर्निंग एक्सपीरियंस साबित हो सकता है। इसके लिए हमारी ओर से भी प्रयास होने जरूरी हैं। यहां उनमें कुछ बताए जा रहे हैं-

सही एटीट्यूड
अगर शिफ्ट होना आपकी चॉइस नहीं है तो यह स्वाभाविक है की आपको बुरा लगेगा और इस डिसिशन से आप बिलकुल खुश नहीं होंगे। लेकिन आपको शिफ्ट होना है और आपके पास कोई चॉइस नहीं है तो क्यों ना इस काम को ख़ुशी- ख़ुशी किया जाए। सोचिए कि आपको नए लोग मिलेंगे, नई जगहों को जानेंगे, नई कैंटीन, नया अनुभव और नई चीजें। यह सब कुछ लाइफ को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

नई जगहों को खोजना
नयी जगह पर शिफ्ट होना थोड़ा डरावना हो सकता है क्योंकि आप उस जगह को पहले से नहीं जानते। लेकिन उस जगह पर घूमना, वहां की दुकानें, एटीएम, रेस्तरां आपको उस जगह से फ्रेंडली बना सकते हैं। इसके बाद आप उस जगह से बिलकुल अनजान नहीं रहेंगे।

प्लानिंग सबसे ज़्यादा जरुरी है
बहुत से लोग पैकिंग के समय हार मान लेते हैं लेकिन इस मुश्किल को आसान करने के कुछ टिप्स अपना सकते हैं।

- शिफ्ट होने से पहले अपने पास कुछ बॉक्स इकट्ठा करें या फिर अपने पास कुछ खाली बक्से रखें।
- अपना सामान व्यवस्थित करें। बिखरा हुआ सामान आपके दिमाग में नकारात्मकता लाता है। इसलिए जो सामान आपके काम का नहीं उसे हटाएं। चाहें तो डोनेट करें या रिसाइकल करें।
- एक जैसी चीज़ें एक ही बॉक्स में रखें जिससे अनपैक करने में मुश्किल ना आए। जैसे केबल्स, चार्जर एक बॉक्स में, बुक्स, कीमती चीजें, आदि इन सबके लिए अलग-अलग बॉक्स बनाएं।
- शिफ्ट होने से पहले, जिस नई जगह पर आप शिफ्ट हो रहे हैं उसे अच्छी तरह से देख लें और कहां क्या रखना है पहले से ही सोच लें। इससे आपको सामान अनपैक करने में ज्यादा मुश्किल नहीं आएगी।

पैकर्स और मूवर्स
अगर आप एक से दूसरे शहर में शिफ्ट कर रहे हैं तो पैकर्स और मूवर्स से कॉन्टेक्ट करें। ये आपकी चीज़ें सावधानी से और अच्छी तरह से शिफ्ट करने में मदद करेंगे। अगर शहर के अंदर ही शिफ्ट कर रहे हैं तो दोस्तों की मदद ले सकते हैं।

इमोशनल सपोर्ट लें
शिफ्ट होने से पहले इमोशनल होना स्वाभाविक है। इसलिए दुखी बिलकुल मत हों और ऐसे समय में अपने दोस्तों और परिवार का सहारा लें। वे आपको इमोशनली सपोर्ट देंगे जिससे आप इस समस्या को भी आसानी से हल कर लेंगे। ऐसे समय में खुद को सबसे अलग बिलकुल भी मत करिए।

रूटीन सेट करें
पुरानी जगह से नई जगह शिफ्ट होने में आपका रूटीन बिगड़ जाता है क्योंकि सामान को अनपैक करना, सही जगह उसे रखना यह सब आपका समय बहुत लेता है। इसलिए नई जगह पर नया रूटीन बनाकर उसे फॉलो करने की कोशिश करें।

यह बात हमेशा याद रखें कि जीवन में जो चीज़ कांस्टेंट है वो है बदलाव। बदलाव आते रहेंगे इसलिए जरुरी है कि हम इस बात को अपनाएं और इसी के साथ अपना जीवन खुशहाली से जिएं। हो सकता है जिसे आप अंत समझ रहे हों वो जीवन की नई शुरुआत साबित हो।

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Unsocial Teens on Social Media

Teenagers are spending a significant amount of time on various social media platforms these days. This brings into account the different mental heath concerns which emerge from the use and overuse of the same.
Richa DubeyContent Writer

Social media has its advantages and disadvantages like any other factor which stands a chance to affect a teen’s mind and brain. A lot happens on social media now and access to teens is wide and almost unmonitored. When we look at social media, we don’t realize how deeply it can impact someone. Today, a major source of validation, affirmation, acknowledgment, appreciation, recognition, self-esteem, body image, self-worth and likewise are affected by what we see and experience in the digital world.

Some examples of health concerns which can be a cause of concern for teens attributable to social media consumption are as follows but not limited to:

  1. Sleep deprivation – Teens may spend many hours on social media leading to lack of sleep or quality of sleep. For instance, teens are found to wake up in the middle of the night to check their phones/social media accounts which then may cause difficult falling back to sleep. This can cause moodiness, lower grades, overeating, and other health concerns.

  2. Envy – One of the major emotions, teens can be susceptible to feelings of jealousy and envy based on the comparison game they play with themselves. They view what others post and anticipate that others are ‘happier’ and having an ‘exciting’ life while they are not. Social media often presents the positive experiences of people which hide the struggles or negative ones. Teens don’t realize the existence of these struggles and become envious of their lives and what others have. This can lead to mean behavior like bullying, cyberbullying and likewise.

  3. Communication Issues – All the time spent on social media leads to neglect of interactions in real. We can’t hear the other person’s voce or see their facial expressions while chatting with them on social media which could spiral into misunderstandings and communication concerns. Another side to this is that even at real events, people may spend time clicking photos for social media to depict a sense of excitement and fun while not actually having fun. These can all turmoil into broken relationships, friendships, familial concerns and likewise.

  4. Self – Esteem – People often post pictures, status messages, videos, etc on social mediaand stay hooked to monitoring how many ‘likes’ and ‘comments’ they are receiving. Each ‘like’ may have a certain amount of validation attached to it. The more ‘likes’ the higher the feeling of pride and self-worth. However, when this doesn’t work, this could lead to self-doubt, anxiety about being ‘disliked’ or even obsessing about uploading more things to earn more validation.

There are several others ways in which social media affects teens in different forms. Teen brains are still in the process of developing and hence more vulnerable. As they gain more exposure to the digital world, they also find themselves at risk for internal and external mental health concerns. However, not all consumption of social media has a negative impact. For instance, social media now also helps teens promote their talents, talk about charity and serving their communities, sharing affirmations and positive quotations, reading about others’ experiences about travel, academics, hobbies, researching about different topics, finding support for different concerns, and so much more.

Anything in moderation is effective while anything that is overused or obsessed over can lose its meaning and cause more harm than good. It’s important to set a particular amount of time aside during the day to access social media and adhere to it. Go out, talk to your friends, see their actual faces, play board games, interact with your family members, say hello to a stranger, go on actual dates, attend events in your city, and most importantly, spend some ‘no screen’ time with yourself.

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