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टीनएजर्स के लिए जरूरी है क्रिएटिव स्किल्स

क्रिएटिव सोच हो तो कई तरह की प्रॉब्लम्स को आसानी से सॉल्व किया जा सकता है।

खुद को दुनिया में आगे बढ़ने के लिए तैयार करना आसान नहीं है। दुनिया में कई बदलाव, नई तकनीक और नए तौर-तरीके अपनाए जा रहे हैं। हम स्कूल में जो कुछ सीखते हैं वो समय के साथ पुराने हो जाते हैं। यही वजह है कि बच्चों, टीनएजर्स और युवाओं को आजकल नई स्किल्स सीखने पर फोकस करना चाहिए। समय के साथ हो रहे बदलावों को स्वीकार करना चाहिए। ऐसी ही सबसे जरूरी स्किल है क्रिएटिव सोच। यह आपको नई चीजें खोजने में मदद करती हैं। चुनौतियों से लड़ना और नई तरह से समाधान निकालना भी सिखाती है। हमें परंपरागत तरीके से सोचने का तरीका बदलने की जरूरत है ताकि आप क्रिएटिव सोच रख सकें। किसी खास समस्या का क्रिएटिव सॉल्यूशन निकाल सकें। इसकी शुरुआत आपके अनुभवों से होती है जिसे समय के साथ सीखते हैं। 21वीं सदी में इनोवेटिव तरीके से सोचना, प्रॉब्लम को सॉल्व करना एक जरूरी स्किल बन गई है।

टीनटॉक इंडिया एक्सपर्ट से जानिए कैसे क्रिएटिव सोच डेवलप की जाए...

ब्रेनस्टॉर्मिंग : किसी चीज के बारे में सोचें और दिमाग में आने वाले विचारों को समझें लेकिन इनमें उसे अपनाएं जो अलग और नया हो। विचारों के इस पूल में एक ऐसा आइडिया चुनिए जो अलग हो और समस्या का समाधान कर सकता हो। किसी समस्या का समाधान करने के लिए ब्रेनस्टॉर्मिंग बेहतर विकल्प है। दिमाग में जितने ज्यादा आइडिया आएंगे, समाधान की दर उतनी ही तेजी से बढ़ेगी।

माइंड मैपिंग : माइंड मैपिंग की मदद से छोटी-छोटी चीजों को जोड़ा जाता है। ब्रेनस्टॉर्मिंग की मदद से नए आइडिया जनरेट होते हैं और माइंड मैपिंग की मदद से उन्हें आपस में व्यस्थित तरीके से जोड़कर समाधान निकाला जाता है। ब्रेनस्टॉर्मिंग से निकले आइडिया को माइंड मैपिंग से जोड़ना चाहिए। यह एक्सरसाइज दिमाग के दोनों हिस्सों में करना चाहिए। यह आपको सोचने पर मजबूर करेगी और स्किल को बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।

रीफ्रेमिंग : रीफ्रेमिंग का मतलब होता है चीजों को व्यवस्थित करना। आप पहले समस्या और स्थितियों को समझें। इसके बाद अनूठे तरीके से समाधान निकालने की कोशिश करें। आप जिस बारे में सोच रहे हैं उसकी एनालिसिस करें और बड़े स्तर पर समझें। उसमें कितने मौके हैं और कौन सी बाधाएं हैं, इसे जानें। इनदिनों ज्यादातर प्रोफेशनल्स यही प्रक्रिया को अपना रहे हैं।

दूर की सोच : क्रिएटिव स्किल को डेवलप करने का यह तरीका आपको ट्रेंड करेगा ताकि आप भविष्य की तस्वीर आज ही देख सकें। इसकी शुरुआत आज की स्थिति से करें। इस तरह आप वर्तमान और भविष्य के बीच एक कनेक्शन को जोड़ पाएंगे। आपमें क्रिएटिविटी बढ़ेगी। नए विचार और समाधान आएंगे जो आपको भविष्य के लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करेंगे।

क्रिएटिव सोच की जरूरत सिर्फ आर्टिस्ट और म्यूजिशियंस जैसे क्रिएटिव लोगों को ही नहीं है। हर इंसान इसका फायदा उठा सकता है। दूसरों से हटकर सोचने के बड़े फायदे हैं। यह आपको अपना विचार रखने में मदद करेगी। अगर आप सफल बनना चाहते हैं तो क्रिएटिव सोच रखना जरूरी है। चाहें बात समस्या का समाधान की हो या गंभीर तरीके से सोचने की।

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Tips to Cope with Teenage Anxiety

Teenage anxiety can be so difficult to manage. Amidst the many changes which occur, anxious thoughts and feelings can become prevalent. Here are some tips which might help you find your calming spot.

At some point in our lives, we may experience anxious thoughts and  feelings caused by different stressors. It can be in the form of aches and pains, worrying thoughts, racing heart rate, sweating, fear and likewise.

Signs of anxiety can include but are not limited to:-

  1. Feeling restless

  2. Being easily tired

  3. Concentration concerns

  4. Being irritable

  5. Tense or sore muscles

  6. Having no or unsatisfying sleep

  7. Seeking reassurance from others

  8. Excessive list making

There might be many things which bother us on a regular basis. However, it’s important to remember that we are in control of our thoughts and feelings. In a moment of anxiety, try some of the following tips to cope with it and help yourself.

  1. First and foremost, remember to BREATHE, Inhale deeply through your nose and exhale through your mouth

  2. Learn to identify anxious thoughts and actively recognize if they are reasonable or irrational

  3. If they are unreasonable, challenge them and try to see if there is evidence supporting those thoughts, if not, try to invalidate them

  4. Avoid drinking caffeine if you are feeling or anticipating feeling anxious

  5. Try to find the following around you. 5 things you can see, 4 things you can touch, 3 things you can hear, 2 things you can smell and 1 thing you can taste. This will help you bring your attention back to the present and distract you from the anxious thoughts

  6. Set aside a certain amount of time during the day when you allow yourself to worry about whatever is bothering you. Aside from this time, try to control or stop your anxious or worrisome thoughts.

  7. Get some physical movement into your daily schedule (exercise, yoga, running, walking, jogging, skipping, sports, cycling, martial arts, etc)

  8. Do some work round the house or organize something like your closet or study table

  9. Cultivate stronger and meaningful friendships and relationships with people

  10. Find that one thing that helps you feel calm and repeat it

Anxiety can be abundantly scary and so terrifying. But when you learn to identify what makes you anxious, learn to replace those thoughts with something more realistic and rational. Writing these irrational and challenging rational thoughts really helps. Talk to a friend and ask them to challenge you because then you can be accountable to them along with yourself.

You’re stronger and braver than your anxiety. Remind yourself that you can control it and if there is something negative, certainly something positive is also present. You’ll just need to look closely and patiently. Stop. Breathe. Repeat!

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