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सांस लें, पढ़ें, रिपीट करें

मेंटल हेल्थ से सम्बंधित किताबें पढ़ना आपको उन सब चीज़ों को समझने का मौक़ा देता है, जो आपके आसपास हो रही हैं, ख़ासकर आपके आसपास के लोग।

बिना एक इंच भी हिले दुनिया देखने का बेहतरीन ज़रिया हैं किताबें। क्या यह सुविधाजनक नहीं है? चलिए कुछ मेंटल हेल्थ के बारे में सीखते हैं और यात्रा करते हैं कैरेक्टर्स, सिचुएशन, दुर्घटना, स्ट्रेटजी की और थोड़े मज़े करते हैं टेक्स्टबुक्स के अलावा कुछ और पढ़कर।

मेंटल हेल्थ से जुड़े मसले हमारे जीवन को किसी ना किसी तरीक़े से छूते ही हैं। आप इनके बारे में कुछ सीखने जानने के लिए विभिन्न मीडिया का सहारा ले सकते हैं, जिनमें किताबें भी शामिल हैं। एक टीनएजर के तौर पर आप उन मुद्दों पर और जागरूक और संवेदनशील बन सकते हैं, जो आपके आसपास मौजूद हैं। पढ़ना न सिर्फ़ आपको इसके क़रीब लाएगा बल्कि आपके सामान्य दिन में एक अन्य एक्टिविटी भी जुड़ जाएगी।

हमारे पास आपके लिए कुछ सुझाव हैं। एक नज़र इन पर भी!

13 रीज़न्स वाय- यह बुक एक टीनएज लड़की के जीवन संघर्ष के बारे में है, जिसके परिणामस्वरूप वह आत्महत्या कर लेती है।

क्लीन- यह किताब एडिक्शन से लड़ रहे दो लोगों के बारे में बात करती है।

द डिस्टर्ब्ड गर्ल्स डिक्शनरी- यह किताब एक यंग लड़की कि कहानी बयां करती है, जो अपनी फै़मेली लाइफ़ में बहुत मुश्किलों से गुज़र रही है और जीवन में घटी सभी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं का सामना करने के लिए कुछ क़दम उठाती है।

(डोन्ट) कॉल मी क्रेज़ी- मेंटल हेल्थ पर कन्वर्सेशन शुरू करने और इसके अर्थ को थोड़ा बेहतर तरीक़े से समझने की शुरुआत करने के लिए यह एक अच्छी किताब है।

गर्ल, इंटरप्टेड- यह मेंटल हेल्थ इंस्टिट्यूट में एक लड़की के अनुभवों का सुंदर वर्णन है।

फाइंडिंग ऑड्रे- यह नॉवेल इस बारे में बात करता है कि कैसे एक लड़की को अपने घर से निकलने में बहुत मुश्किल आती है, यहां तक कि वह घर में भी धूप के चश्मे को नहीं उतारती। लेकिन, एक पाइंट पर उसे एक नया सपोर्ट मिलता है और उसे विश्वास हो जाता है कि वह फिर से बाहर जाने की कोशिश कर सकती है। 

चैलेंजर डीप- यह किताब सिज़ोफ्रेनिया की मेंटल इलनेस को छूती है।

मोर हैप्पी देन नॉट- यह किताब सेक्शुएलिटी के कॉन्सेप्ट और मेंटल हेल्थ से संघर्ष कर रहे टीनएजर्स के जीवन को छूती है।

इम्पल्स- यह कहानी तीन अलग लोगों के बारे में है, जो एक सायकियाट्रिक हॉस्पिटल में हैं और आत्महत्या के एक जैसे एक्ट के कारण साथ बंधे हुए हैं।

पढ़ना एक अच्छी आदत है और मेंटल हेल्थ के बारे में पढ़ना इसे इंट्रेस्टिंग बना सकता है। यह एक लर्निंग प्रोसेस भी है। हम सभी का फ़िल्म और टीवी शोज़ की तरफ़ झुकना नेचरल है, लेकिन अपने दिन के दौरान थोड़ा समय निकालें,  एक बुक लें, चादर ओढ़ लें और बस पढ़ डालें।

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कैसे बनाएं अच्छा रेज्यूमे

रेज्यूमे तैयार करना भी आसान बात नहीं हैं क्योंकि आप इसमें आप इसमें अपनी उपलब्धियों, कौशल और क्षमताओं का जिक्र करते हैं। अगर फ्रेशर हैं और पहली बार रेज्यूमे बना रहे हैं ये और भी मुश्किल लगता है।
Gousiya Teentalkindia Content Writer

आज कई तरह के रेज्यूमे फॉर्मेट मौजूद हैं। लेकिन ये सभी, मुश्किल हल करने की बजाय कंफ्यूज करते हैं। जब आप रेज्यूमे बनाने की शुरुआत करते हैं तो घबरा जाते हैं कि क्या लिखें और क्या ना लिखें? तरह-तरह के सवाल मन में आने लगते हैं जैसे खुद के बारे क्या लिखूं? अपने बारे में लिखा कहां से शुरू करूं? कितना लिखूं? हम दे रहे हैं इन्हीं सवालों के जवाब... जिसकी मदद से आप एक अच्छा रेज्यूमे बना पाएंगे जो कंपनी के एचआर पर आपका पहला इम्प्रेशन छोड़ेगा।
सबसे पहले कोशिश करें कि रेज्यूमे आपके बारे में सटीक जानकारी दे। आपका परिचय एक जिम्मेदार और ईमानदार व्यक्ति के रूप में करवाए। एक अच्छा रेज्यूमे आपको परिपक्व दिखाने में भी मदद करता है।

यहां हम आपको बता रहे हैं कुछ आसान से टिप्स ...
 

एक रेज्युमे के प्रकार को चुनें
सबसे पहले किस तरह का रेज्युमे तैयार करना चाहते हैं यह तय करें। जैसे - फंक्शनल, क्रोनोलॉजिकल और कॉम्बिनेशन। अपनी जरूरत के मुताबिक, इनमें से एक प्रकार को चुनें। फंक्शनल रेज्युमे फ्रेशर्स के लिए बेहतर होता है। क्योंकि ये कौशल पर केंद्रित होता है ना कि अनुभव पर। फंक्शनल रिज्यूमे बनाने के लिए आप आप गूगल की भी मदद ले सकते हैं।

एक आकर्षित हेडर बनाएं
रेज्युमे पर लिखा गया हेडर आकर्षित होना चाहिए, चाहे वो आपका नाम हो, ई-मेल आईडी हो या फोन नंबर हो। अपनी पर्सनल डिटेल सबसे पहले लिखें, जिससे एचआर को आपकी प्रोफाइल समझने में आसानी हो।

अपना ऑब्जेक्टिव लिखें
चूंकि आप नए हैं तो आप अपने करियर को शुरू करने और उसे दिशा देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसलिए, एक प्रभावशाली और व्यावहारिक करिअर ऑब्जेक्टिव लिखें जो स्पष्ट रूप से आपके गोल्स को बताता है। लेकिन कुछ शब्दों और वाक्यों से बचें.. जैसे मैं एक नौकरी / कंडिशन / करियर की मांग कर रहा हूं। क्योंकि आप नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं तो आप किसी भी तरह की मांग नहीं कर सकते हैं। अपने ऑब्जेक्टिव को सटीक और साफ लिखें ये एचआर को आपके बारे में समझाने में मदद करेगा।

पढ़ने लायक बनाएं
रेज्युमे को दूसरा इंसान ही पढ़ेगा। हो सकता है कि इसे एक से ज्यादा लोग पढ़ें इसलिए इसमें लिखी गई सभी बातें आसान शब्दों में लिखें ताकि इसे हर कोई पढ़ और समझ सके। एरिअल, कैलीग्राफी और रोमन लिखावट में ना लिखें। जहां जरूरत ना वहां कैपिटल लेटर ना लिखें। शब्दों के बीच उचित अंतर रखें। इनका साइज भी सही को इसका ध्यान रहे, जैसे 16 फॉन्ट साइज हैडिंग और रनिंग मैटर के लिए साइज 12 रखें।  


कीवर्ड जोड़ें
कई रिक्रूटर्स ATS (एप्लिकेंट ट्रैकिंग सिस्टम) का इस्तेमाल रिज्यूमे को शॉर्टलिस्ट करने के लिए करते हैं, इसलिए अपने रिज्यूमे में जॉब से संबंधित कीवर्ड शामिल करें। JD (जॉब डिस्क्रिप्शन) को ध्यान से पढ़ें और समझें कौन से शब्द स्किल और आपकी क्षमता को बताते हैं जिसकी रिक्रूटर को तलाश है।

उपलब्धियों को हाइलाइट करें
चूंकि आपके पास कोई अनुभव नहीं है, इसलिए अपनी उपलब्धियों को हाइलाइट करना बुद्धिमानी है। उन सभी खूबियों को शामिल करें जो आपने पढ़ाई के दौरान, एक्स्ट्रा करिक्यूलर एक्टीविटीज और प्रोजेक्ट्स में हासिल की है। अगर आपने इंटर्नशिप की है तो इसका भी उल्लेख करें।

अपना रेज्यूमे प्रूफ-रीड करें
रेज्यूमे में अगर किसी भी तरह की ग्रामेटिकल मिस्टेक होती हैं तो वो आपका इम्प्रेशन खराब कर सकता है। इसलिए अपने रेज्युमे को ध्यान से पढ़ें, हो सके तो इसे किसी और से भी एक पार प्रूफ-रीड करवा लें।

उम्मीद करते हैं कि ये टिप्स आपके काम आएंगे।    

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