लॉग इन करें
This site is not collecting any personalized information for ad serving or for personalization. We do not share any information/cookie data about the user with any third party.OK  NO

हॉबीज़ होने का फ़ायदा

जैसा कि कहा जाता है, खेलोगे कूदोगे तो बनोगे नवाब

हॉबीज़ और एक्स्ट्राकरिक्युलर एक्टिविटीज़ से टीनएजर्स को बहुत फ़ायदे होते हैं। चूंकि वो अपना ज़्यादातर समय स्कूल या कोचिंग में बिताते हैं, इसलिए ख़ाली समय का इस्तेमाल वो कैसे करते हैं, इसका बहुत महत्व होता है। हॉबीज़ किसी की लाइफ़ और कॅरियर में एक अहम भूमिका निभा सकती हैं।

हॉबीज़ अहम क्यों?
हॉबीज़ एक प्लेटफ़ॉर्म होती हैं, जिनसे आप अपनी पसंद की चीज़ें कर सकते हैं और बदले में आपको अपनी पैशन, नई स्किल्स, हेल्दी बॉडी और माइंड मिलते हैं। हॉबीज़ कई बार जीवन को एक अहम मोड़ देने वाली भी हो सकती हैं। टेलर स्विफ़्ट का उदाहरण लीजिए, जो बहुत छोटी उम्र से गाने लिखते और गाते आ रही थीं और आज वो एक मेगा-आइकन बन गई हैं।

टीन्स के लिए हॉबीज़ के कुछ फ़ायदे :

स्किल सीखना
हॉबीज़ की मदद से हमें नई स्किल्स सीखने और डेवलप करने के मौक़े मिलते हैं। मिसाल के तौर पर फ़ोटोग्राफ़ी की हॉबी आपको कैमरे की तकनीकी जानकारियों, तस्वीर की एडिटिंग और क्वालिटी एनहांसमेंट, डिज़ाइन, लाइटिंग जैसी कितनी ही चीज़ों के बारे में सिखा सकती है।

स्ट्रेस से मुक्ति
जब आप किसी ऐसी चीज़ में लगे होते हैं, जिससे आपको ख़ुशी मिलते तो इससे आपका स्ट्रेस और एंग्ज़ायटी लेवल कम होता है और आपका दिमाग़ शांत रहता है। नतीजा, बेहतर फ़ोकस और बढ़िया लाइफ़स्टाइल।

सोशल सर्कल बनाना
जब आप किसी हॉबी में इंगेज होते हैं तो आपकी मुलाक़ात उसके बहाने बहुत सारे लोगों से होती है। इनके चलते आप मज़बूत कनेक्शंस बना सकते हैं और जीवनभर साथ देने वाले दोस्त भी पा सकते हैं।

समय प्रबंधन
किसी हॉबी को समय देते समय आप अपने ख़ाली टाइम का एक कंस्ट्रक्टिव इस्तेमाल कर रहे होते हैं। इससे आप बिज़ी रहते हैं और समय के महत्व को भी सीखते हैं। टाइम मैनेजमेंट से ही एक अनुशासित जीवन जिया जा सकता है।

दबावों का सामना
जीवन में आपको कई उतार-चढ़ाव देखना होंगे, और हॉबी पूरी करते समय भी यही होता है। हमेशा हर चीज़ आपके मन मुताबिक़ नहीं होती। लेकिन आप इसे पॉज़िटिव तरीक़े से लेकर अपनी कमियों पर काम करना सीख सकते हैं।

हॉबीज़ अनेक मायनों में हमारे जीवन को बदल देती हैं। वो हमें मुश्किलों का सामना करना सिखाती हैं और हमें नई स्किल्स भी देती हैं। वो हमारी फ़िज़िकल और इमोशनल हेल्थ दोनों के लिए अच्छी होती हैं। वो हमारी बेहतरी के लिए मददगार ही साबित होती हैं।

यदि आपके पास भी हमसे शेयर करने के लिए कोई कहानी है तो हमें यहां , ईमेल करें

यदि आपके पास कोई सवाल हैं, तो हमें यहां , ईमेल करें

आप क्लिक करके काउंसलर से भी बात कर सकते हैं टीनटॉक एक्सपर्ट चैट.

Comments

अगली कहानी


सांस लें, पढ़ें, रिपीट करें

मेंटल हेल्थ से सम्बंधित किताबें पढ़ना आपको उन सब चीज़ों को समझने का मौक़ा देता है, जो आपके आसपास हो रही हैं, ख़ासकर आपके आसपास के लोग।
ArchitaTeentalk Expert

बिना एक इंच भी हिले दुनिया देखने का बेहतरीन ज़रिया हैं किताबें। क्या यह सुविधाजनक नहीं है? चलिए कुछ मेंटल हेल्थ के बारे में सीखते हैं और यात्रा करते हैं कैरेक्टर्स, सिचुएशन, दुर्घटना, स्ट्रेटजी की और थोड़े मज़े करते हैं टेक्स्टबुक्स के अलावा कुछ और पढ़कर।

मेंटल हेल्थ से जुड़े मसले हमारे जीवन को किसी ना किसी तरीक़े से छूते ही हैं। आप इनके बारे में कुछ सीखने जानने के लिए विभिन्न मीडिया का सहारा ले सकते हैं, जिनमें किताबें भी शामिल हैं। एक टीनएजर के तौर पर आप उन मुद्दों पर और जागरूक और संवेदनशील बन सकते हैं, जो आपके आसपास मौजूद हैं। पढ़ना न सिर्फ़ आपको इसके क़रीब लाएगा बल्कि आपके सामान्य दिन में एक अन्य एक्टिविटी भी जुड़ जाएगी।

हमारे पास आपके लिए कुछ सुझाव हैं। एक नज़र इन पर भी!

13 रीज़न्स वाय- यह बुक एक टीनएज लड़की के जीवन संघर्ष के बारे में है, जिसके परिणामस्वरूप वह आत्महत्या कर लेती है।

क्लीन- यह किताब एडिक्शन से लड़ रहे दो लोगों के बारे में बात करती है।

द डिस्टर्ब्ड गर्ल्स डिक्शनरी- यह किताब एक यंग लड़की कि कहानी बयां करती है, जो अपनी फै़मेली लाइफ़ में बहुत मुश्किलों से गुज़र रही है और जीवन में घटी सभी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं का सामना करने के लिए कुछ क़दम उठाती है।

(डोन्ट) कॉल मी क्रेज़ी- मेंटल हेल्थ पर कन्वर्सेशन शुरू करने और इसके अर्थ को थोड़ा बेहतर तरीक़े से समझने की शुरुआत करने के लिए यह एक अच्छी किताब है।

गर्ल, इंटरप्टेड- यह मेंटल हेल्थ इंस्टिट्यूट में एक लड़की के अनुभवों का सुंदर वर्णन है।

फाइंडिंग ऑड्रे- यह नॉवेल इस बारे में बात करता है कि कैसे एक लड़की को अपने घर से निकलने में बहुत मुश्किल आती है, यहां तक कि वह घर में भी धूप के चश्मे को नहीं उतारती। लेकिन, एक पाइंट पर उसे एक नया सपोर्ट मिलता है और उसे विश्वास हो जाता है कि वह फिर से बाहर जाने की कोशिश कर सकती है। 

चैलेंजर डीप- यह किताब सिज़ोफ्रेनिया की मेंटल इलनेस को छूती है।

मोर हैप्पी देन नॉट- यह किताब सेक्शुएलिटी के कॉन्सेप्ट और मेंटल हेल्थ से संघर्ष कर रहे टीनएजर्स के जीवन को छूती है।

इम्पल्स- यह कहानी तीन अलग लोगों के बारे में है, जो एक सायकियाट्रिक हॉस्पिटल में हैं और आत्महत्या के एक जैसे एक्ट के कारण साथ बंधे हुए हैं।

पढ़ना एक अच्छी आदत है और मेंटल हेल्थ के बारे में पढ़ना इसे इंट्रेस्टिंग बना सकता है। यह एक लर्निंग प्रोसेस भी है। हम सभी का फ़िल्म और टीवी शोज़ की तरफ़ झुकना नेचरल है, लेकिन अपने दिन के दौरान थोड़ा समय निकालें,  एक बुक लें, चादर ओढ़ लें और बस पढ़ डालें।

यदि आपके पास भी हमसे शेयर करने के लिए कोई कहानी है तो हमें यहां , ईमेल करें

यदि आपके पास कोई सवाल हैं, तो हमें यहां , ईमेल करें.

आप क्लिक करके काउंसलर से भी बात कर सकते हैं टीनटॉक एक्सपर्ट चैट.

टिप्पणियाँ

कॉपीराइट टीनटॉक 2018-2019
डिस्क्लेमर : टीनटॉकइंडिया आपातकालीन सेवाएं नहीं प्रदान करता है और न ही यह किसी तरह की आपदा में हस्तक्षेप करने वाला कोई केंद्र है। अगर आप या आपका कोई मित्र या परिचित गहरे अवसाद के दौर से गुज़र रहा है, या उसके मन में आत्महत्या या स्वयं को नुक़सान पहुंचाने वाले विचार आ रहे हैं तो कृपया निकटस्थ अस्पताल या आपातकालीन/आपदा प्रबंधन सेवा केंद्र या हेल्पलाइन से सम्पर्क करें।