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जस्ट बी योरसेल्फ़' बिहेवियर को ऐसे अपनाएं

जस्ट बी योरसेल्फ़' बिहेवियर की प्रैक्टिस करना

‘जस्ट बी योरसेल्फ़' सुनने में एक ज़बरदस्त चीज़ लगती है, और कई बार हम चाहते हैं कि सच में ऐसा कर सकें। लेकिन इसका अर्थ क्या होता है? हमारा असल व्यक्तित्व तब ज़ाहिर होता है, जब हम अपने पर लगाए गए हर तरह के लेबल को, जजमेंट को उतार फेंकते हैं। किसी मास्क या पोज़िंग के बिना यही हमारी सच्चाई होती है। जब हम जीवनभर इकट्‌ठा किए गए थिंकिंग पैटर्न और मान्यताओं को पीछे छोड़ देते हैं तभी हमारा असल व्यक्तित्व सामने आता है। यहां कुछ स्टेप्स दिए जा रहे हैं, जो आपके वास्तविक नेचर को बाहर लाने में मदद कर सकते हैं :

अपने भीतर के बच्चे के साथ जुड़े रहिए : यदि आपने किसी छोटे बच्चे पर ध्यान दिया हो तो आपने नोटिस किया होगा कि वे कितने ज़्यादा फ्री होते हैं और उन्हें इस बात की कितनी कम चिंता होती है कि लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे। वे अपने असल स्वभाव में ख़ुश रहते हैं। बच्चे प्योर लव और लाइट होते हैं। यदि आप वाक़ई में अपने भीतर के बच्चे से जुड़ना चाहते हैं, आज़ाद रहना चाहते हैं तो खेलिए, मस्ती कीजिए और मोमेंट को एन्जॉय कीजिए। हम उस तरह के रोल्स निभाते हैं जो सोसायटी के हिसाब से ठीक होते हैं और हम अपने असल व्यक्तित्व को यह सोचकर बाहर नहीं आने देते कि लोग क्या कहेंगे। यदि आप यह सोचते हैं कि आपको जज कर लिया जाएगा, तो याद रखिए यह सिर्फ़ आपका सामाजिक रूप है, असल नहीं। 

अपने विचारों को लेकर सतर्क हो जाएं : यह बहुत शॉकिंग हो सकता है यदि आपको पता चले कि आपके दिमाग़ में दिनभर में कितने नकारात्मक विचार उपजते हैं। अपने विचारों की गुणवत्ता के बारे में जागरुक हो जाएं। हर सुबह 5 से 10 मिनट के लिए शांत होकर बैठें। विचार आते-जाते रहेंगे, उनसे बिना अटैच हुए उन्हें सिर्फ़ आने-जाने दीजिए। उन्हें ऑब्ज़र्व कीजिए और जब यह ख़त्म हो जाए, तो अपने दिमाग़ को दिनभर ऑब्ज़र्व कीजिए। अपने विचारों की क्वालिटी को लेकर अवेयर होना आपके असल व्यक्तित्व को सामने लाने में मदद कर सकता है।

अपने इंट्यूशन की सुनिए : बीइंग योरसेल्फ़ के लिए शायद यह सबसे ज़रूरी चीज़ है। जब आप छोटे-छोटे संकेतों को सुनकर उनका पालन करना शुरू कर देते हैं, तब यह एक जादुई कालीन पर सवार होने जैसा अहसास होता है। जब आप छोटी-छोटी चीज़ों के साथ यह करने की आदत डाल लेते हैं तो यह आपके लिए बड़ी चीज़ों को हां कहना आसान कर देता है।

अतीत पर ध्यान देना बंद कर दीजिए : एक क़दम पीछे लेकर गहरी सांस लीजिए। अपने बिहेवियर के फ्रेमवर्क को मत भूलिए और उन्हें अतीत में ही रहने दीजिए। आपके पुराने फ़ैसले और बिहेवियर, चाहे वो कितने ही इम्पैक्टफु़ल क्यों ना हों, यह नहीं बता सकते कि आप कौन हैं, और यह तो और भी कम कि आप किस तरह के व्यक्ति बनने जा रहे हैं। अतीत की चीज़ों के लिए ख़ुद को तनाव देते रहना बहुत अनहेल्दी है। चीज़ों को जाने देना सीखिए और मूव ऑन कीजिए।

तुलना करना बंद कर दीजिए : जब आप स्वयं को समझने की कोशिश कर रहे हों, तब दूसरों से ख़ुद की तुलना करना ठीक नहीं। हम अपने से अधिक सक्सेसफु़ल और ब्यूटीफु़ल वर्शन्स से घिरे हुए हैं और वे अकेले ही हमारे सेल्फ़ कॉन्फ़िडेंस को गिरा सकते हैं। बेकार की तुलना करने से आपकी ग्रोथ ही रुकेगी और आपके असल व्यक्तित्व को बाहर लाने में भी रुकावट पैदा होगी।

जीवन को पूरा जीएं : अच्छा-बुरा, खट्टा-मीठा, अंधेरा-उजाला या धूप-छांह- सभी तरह के विरोधाभासों का अनुभव करें। डरें नहीं, क्योंकि जितना अनुभव आपके पास होगा, उतने ही आप मैच्योर होते जाएंगे। इसे फ़ोर्स मत कीजिए और आप पाएंगे कि चीज़ें अपने आप अपनी जगह पर फ़िट होती जा रही हैं।

आप जो हैं, उससे ऊपर उठना चाहते हैं तो आपको उसे जाने देना होगा, जिसे रूप में आप ख़ुद को इमेजिन करते हैं। -एलेन वॉट्स
 

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टीनएज से ही स्मार्ट दीपावली मनाने के लिए तैयार हो जाएं

70 : 30 रूल का पालन करें, आपका जो भी बजट हो, उसका 30 प्रतिशत दान कर दें
Richa DubeyTeentalkindia Content Writer

हमारी संस्कृति की असल ख़ूबसूरती और महानता हमारे त्योहारों में देखी जा सकती है। हर त्योहार की अपनी कुछ न कुछ विशेषता होती है। एक टीनएजर के रूप में आपको याद होगा कि घर के बड़े लोगों के पास त्योहार के इतिहास और उनकी शुरुआत से जुड़ी कई कहानियां होती थीं। त्योहारों का अर्थ परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना, बहुत सारा खाना, नए कपड़े और बहुत सारी मस्ती करना होता था। पर क्या आप एक स्मार्ट टीनएजर के तौर पर उन लोगों के लिए त्योहारों को ख़ास बना सकते हैं, जिनके पास संसाधनों की कमी है? 

टीनएज से ही एक विनम्र और स्मार्ट व्यक्ति बनने की कोशिश कीजिए, जो ख़ुद के बजाय सभी के लिए एक ख़ूबसूरत दीपावली मनाना चाहता है। मुझे विश्वास है कि आप जब भी बाहर शॉपिंग के लिए जाते हो, आपके पैरेंट्स हमेशा आपके लिए बेस्ट चीज़ चुनते हैं। आप भी एक टीन के रूप में सही मायने में दूसरों के लिए दीपावली को ख़ूबसूरत बनाकर दयालुता और डायवर्सिटी फैला सकते हैं। 
 

कोई भूखे पेट न सो पाए 
टीनएजर्स विभिन्न व्यंजनों के दीवाने होते हैं और जब समय दीपावली का हो तब तो व्यंजनों की रेंज का कोई अंत ही नहीं होता। हेल्दी खाइए और त्योहारों का आनंद लीजिए। इन सबके अलावा, पास के किसी स्लम एरिया या अनाथाश्रम में आप कुछ मिठाइयां और भोजन वहां के टीनएजर्स और बच्चों को बांट सकते हैं। विश्वास कीजिए कि यह आपको बहुत अधिक ख़ुशी और संतुष्टि के भाव से भर देगा।

जो कपड़े अब नहीं फ़िट होते उन्हें दान कर दीजिए
लगभग हर त्योहार पर टीनएजर्स को नए कपड़े या तो तोहफ़े में मिलते हैं या वे ख़रीद लेते हैं। यह एक अच्छा मौक़ा है अपने पुराने कपड़े दान कर देने का। बस पुराने कपड़े इस स्थिति में हों कि वे किसी के द्वारा पहने जा सकें, सामान्यत: वे कपड़े जो आपको टाइट हो गए हैं या अब आप जिन्हें नहीं पहनते। इस तरह से, कुछ ग़रीब बच्चे दीपावली पर नए कपड़े पहन पाएंगे।
 

सड़क के दुकानदारों से रंगोली ख़रीदकर उनके जीवन में भी रंग भरिए

स्ट्रीट दुकानदारों से दीये और डेकोरेशन के आयटम ख़रीदिए, बजाय मॉल्स से ख़रीदने के। इससे वास्तव में स्ट्रीट के दुकानदार दीपावली पर ज़रूरी चीज़ें ख़रीदने में सक्षम होंगे। इसलिए संक्षेप में यह एक तरीक़ा है, जिससे आप दीपावली मनाने में उनकी मदद कर सकते हैं।

पटाखे देकर लोगों के जीवन में रोशनी ले आइए

एक टीनएजर होने के नाते सभी को पटाखे चलाना पसंद है। दरअसल, टीनएजर्स और बच्चों के लिए दीपावली का सबसे एट्रेक्टिव पार्ट ही यही होता है। इसलिए इसका पूरा लुत्फ़ उठाइए, लेकिन सुरक्षित रहते हुए। और दूसरी बात, ऐसे कई वंचित बच्चे हैं, जिन्हें अक्सर पटाखे नहीं मिलते। लिहाज़ा आप उनके जीवन में आशा की किरण बन सकते हैं। उनकी दीपावली को यादगार बनाने के लिए अपने पटाखों का 40 प्रतिशत दान कर दें और महसूस करें कि आप कितनी ख़ुशियों बांट सकते हैं।

अपने दोस्तों और परिवार के साथ ख़ुशियां और समृद्धिपूर्ण दीपावली मनाइए। त्योहार आपको क्रिएटिव और ख़ुश होने का मौक़ा देते हैं, इसका भरपूर फ़ायदा उठाइए। और एक टीनएजर के तौर पर दूसरों के जीवन में ख़ुशियां और रोशनी लाकर स्वयं को और अपने परिवार को गर्व की अनुभूति कराइए। यह निश्चित रूप से भविष्य की राह को मज़बूत करेगा और आप भारतीय संस्कृति और त्योहारों के असल मिज़ाज को समझ पाएंगे। 
 

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