लॉग इन करें
This site is not collecting any personalized information for ad serving or for personalization. We do not share any information/cookie data about the user with any third party.OK  NO

जब आप अकेलापन या दु:खी महसूस करते हैं, तो अधिक खाते हैं

हमारी इनहाउस काउंसलर क्षितिजा सावंत के अनुसार, लो फ़ील करने और ओवरईटिंग के बीच सीधा संबंध है।

चिकन नगेट्स, कबाब, बर्गर, सोडा और फ्राइज़ तब तक मेरी पसंदीदा खाने की चीजें थी, जब तक कि वे मेरे लिए सबसे बुरा ख्वाब नहीं बन गईं। मैं हमेशा से संतुलित खाने का आदी था, मगर खाना कब मेरे लिए जुनून बन गया, मुझे पता ही नहीं चला। मैं एक इमोशनल ईटर बन गया, यानी ऐसा व्यक्ति जो भावनात्मक रूप से कमजोर होने पर अधिक खाता है। हर समय जब भी मैं उदास होता था, मैकडॉनल्ड्स जाकर बर्गर खा लेता था। मैं जब तक 9वी क्लास में था, तब तक खुश था, मगर उसके बाद चीजें बदलने लगीं। मेरा एकमात्र डर यही था कि मैं थोड़ा मोटा या कहूं थोड़ा हेल्दी था। मुझे मोटापे के कारण स्कूल में शर्मिंदगी महसूस होने लगी थी। लोग मुझे फै़टी और पिग कहकर बुलाने लगे। इसने न केवल मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई बल्कि मेरे अंदर डायबिटीज़ के खतरे को भी बढ़ा दिया।

मैं तब भी खाने का शौकीन था। तंग करने वाले बच्चे मेरा लंच खा जाते और मेरे टिफिन बॉक्स को कहीं छिपाकर रख देते थे। मैं बाथरूम में जाता और रोने लगता था। एक बार जब मैंने उन्हें चुप रहने के लिए कहा, तो उन्होंने मेरे कंधे पर मारा। एक लात उन्होंने मेरी टांगों के बीच में मारी। इस वजह से मैं स्कूल जाने से नफरत करने लगा। 

मैं आखिर में तब टूट गया था, जब मुझे स्कूल की ग्रेजुएशन सेरेमनी में आमंत्रित नहीं किया गया था। मैं अनचाहा, अकेला और बेकार महसूस करता था। मैं कभी-कभी अपनी फीमेल फ्रेंड्स के लिए कपड़े चुनता था, लेकिन कुछ समय बाद मेरे मेल फ्रेंड्स मुझे इसके लिए फे़मिनाइन कहने लगे। उन्होंने कहा कि लड़के ऐसा नहीं करते। मैं जब 15 साल का था, तब भी मैंने खुद को मारने की कोशिश की, लेकिन मैं इसमें नाकामयाब हुआ। 

मेरी बेबसी को देखते हुए मेरे कज़िन ब्रदर ने मुझे एक काउंसलर से मिलवाया। मेरी एक साल से ज्यादा समय तक थैरेपी चली थी।

हमारी इन-हाउस काउंसलर क्षितिजा सावंत के अनुसार, लो फ़ील करने यानी खुद को दूसरों से कमतर महसूस करने और ओवर-ईटिंग के बीच गहरा रिश्ता होता है-

जब भी हम दर्द या मुसीबत का अनुभव करते हैं, तब अपने लिए कंफर्ट की तलाश करने लगते हैं। कई बार हमें यह कंफर्ट खाने के माध्यम से मिलता है, जो कि खासकर फैट और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है, क्योंकि इसके शांत प्रभाव का सीधा असर हमारे दिमाग पर होता है।
 
क्षितिजा ने बुलीइंग से निपटने के लिए भी कुछ टिप्स दिए हैं : 

1. ख़ुद के प्रति जागरूक हों : अपनी ताकत, अपनी कमजोरियों, अपने बारे में आपको पसंद है, क्या नहीं है, क्या आपके लिए जीवन में सबसे ज्यादा मायने रखता है और क्या नहीं, इन सभी को जानिए।

2. अपने लिए ख़ुद को स्वीकार करना सीखें : दूसरे आपको स्वीकार करें उससे पहले ख़ुद से प्यार करना सीखना ज़रूरी है। ज़िंदगी में कितनी भी कठिनाई क्यों न आए, ख़ुद पर भरोसा करना सीखिए। कुछ समय बाद, एक वक्त ऐसा आएगा, जब पूरी दुनिया यहां तक कि आपके दोस्त भी आप पर भरोसा करना सीख जाएंगे।

3. दृढ़ रहना सीखें :  ख़ुद के लिए और आप जिन पर भरोसा करते हैं उनके लिए खड़े हों। इसका मतलब है कि दोस्त या बुलीज़ के मामले में। दृढ़ होने पर शुरुआत में भले ही थोड़ी मुश्किल हो सकती है, लेकिन यदि इसी राह पर लंबे समय तक चले तो निश्चित ही फायदा होगा।  
4. नकारात्मकता से ऊपर उठें :  जो लोग आपको नीचे लाने की कोशिश करते हैं, उनकी सहमति लेने के बजाय, उस आदर्श जीवन की कल्पना करने की कोशिश करें, जिसे आप जीना चाहते हैं और उन लक्ष्यों की दिशा में काम करना शुरू करें। खुद के प्रति सच्चे रहें, बाहर जाएं, यात्रा करें, नए लोगों से मिलें और नए कार्यक्रम, नई एक्टिविटीज़ में हिस्सा लें। कौन जानता है, जिस ज़िंदगी को आप डिज़र्व करते हैं, वो दूसरी तरफ आपका इंतजार कर रही है मगर वह आपके कंफर्ट ज़ोन से बाहर है।  
 
हम यहां आपकी मदद करने के लिए हैं। अगर आप भी ऐसी किसी परिस्थिति का सामना कर रहे हैं, तो हमसे expert@teentalkindia.com पर संपर्क कर सकते हैं या होमपेज पर लाइव चैट ऑप्शन पर क्लिक करके टीनटॉक इंडिया एक्सपर्ट से बात कर सकते हैं।

यदि आपके पास भी हमसे शेयर करने के लिए कोई कहानी है तो हमें यहां , ईमेल करें

यदि आपके पास कोई सवाल हैं, तो हमें यहां , ईमेल करें

आप क्लिक करके काउंसलर से भी बात कर सकते हैं टीनटॉक एक्सपर्ट चैट.

Comments

अगली कहानी


पांच चीजें जिनके बारे में आप नहीं कि वो आपका मोटापा बढ़ा रही हैं

खुद को संभालिए, ये जानकर आपको आश्चर्य होगा
Khubi Amin AhmedTeentalkindia Content Writer

नए साल की शुरआत हो चुकी है, और इसकी बहुत ज्यादा संभावना है कि आप अब तक वजन कम करने को लेकर लिया गया रिजोल्युशन तोड़ चुके होंगे। अब हकीकत का सामना करते हैं, क्योंकि वजन कम करने को लेकर लिए जाने वाले संकल्प तो वैसे भी टूट जाते हैं। वे थोड़े समय के लिए गए वादे होते हैँ, जो ज्यादा नहीं चलते हैं। यदि आप सच में अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो आपको सबसे पहले यह जानना होगा कि वो कौन सी चीजें हैं, जो आपको मोटा बना रही हैं। यहां ऐसी पांच चीजों की सूची दी गई है, जिनके बारे में जानकर आप सरप्राइज होंगे :

फेड डाइट : यानी वजन कम करने के लिए थोड़े समय के लिए एक डाइट प्लान को अपनाना। यह डाइट आपका वजन कम नहीं करती बल्कि बढ़ाती है। इस तरह की डाइट सुनने में भले भरोसेंद लगे लेकिन इसमें आप फेल ही होते हैं। चीट डे यानी डाइट प्लान के हिसाब से जिस दिन सबकुछ खाने की छूट होती है, उसके बजाय इस तरह के डाइट प्लान के कारण ज्यादा फेल होते हैं। 

डाइटिंग आपके शरीर का झुकाव वजन बढ़ाने की ओर कर देती है। इससे मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और खाने की लत बढ़ने लगती है। आपका शरीर आपके डाइट प्लान को अडॉप्ट करना सीख जाता है, जिसका नतीजा बढ़ा हुआ वजन होता है।

आपका पसंदीदा डाइट सोडा : अक्सर एक अच्छी मूवी देखते समय या फिर दोस्तों के साथ हैंग आउट के दौरान आप डाइट सोडा पीते हैं, लेकिन इसे अधिक मात्रा में लेने से आपकी कमर का साइज 6 गुना ज्यादा बढ़ सकता है, इसलिए इन ड्रिंक से दूर ही रहिए। 
साथ ही अधिक मात्रा में शुगर और आर्टिफिशियल स्वीटनर की वजह से ये ड्रिंक्स दांत और पूरी सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं। 

नींद की कमी : टीनएजर होना कोई बच्चों का खेल नहीं है। आपने इस चिंता के बारे में पढ़ा भी होगा। टीनएज से जुड़ी वे समस्याएं जिनके कारण आप रात को ठीक से सो नहीं पाते हैं। उनके बारे में बात करने के लिए आपके पास दोस्त और परिवार है। इसके अलावा आप टीचर और किसी अन्य विशेषज्ञ से भी इन मुद्दों पर बात कर सकते हैं।

यदि किसी वजह से आपकी नींद में कमी हो रही है, तो जितना जल्दी संभव हो उस पर काम करें, क्योंकि नींद कैलोरी बर्न करने में मदद करती है। रिसर्च से यह साबित हुआ है कि ठीक से आराम करने वाले एक दिन में 300 कैलोरी तक बर्न कर लेते हैं। 

बिंग वॉचिंग, जंक ईटिंग : हम नेटफ्लिक्स एंड चिल के समय में जी रहे हैं, और जब हम कुछ देखने में व्यस्त होते हैं, तो उस समय में बिना नियंत्रण के कुछ खाना बहुत आसान हो जाता है। जब आप टीवी देखते हुए जंक फूड या स्नैक्स खाते हैं, तो आप कितना खा रहे हैँ, उस मात्रा को पकड़ नहीं पाते हैं। इसके कारण वजन बढ़ता है।

तनाव का स्तर : हम जानते हैं कि टीनएजर की ज़िंदगी तनाव से भरी हुई है – यह तनाव अधिक नंबर लाने से लेकर टॉप पर बने रहने तक का होता है, मगर जब आप तनाव में होते हो, तो आपका शरीर अधिक मात्रा में कोर्टिसोल और इंसुलिन बनाने लगता है। इसके कारण आपको भूख लगने लगती है और आप अधिक मात्रा में मिठाईयां और फैट से भरपूर चीजें खाने लगते हैं और भोजन से तनाव को कम करने की कोशिश करने लगते हैं। और अधिक खाने का मतलब ही अधिक वजन बढ़ाना।

यदि आप मोटापे से ग्रसित हैं, या हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर गाइडेंस चाहते हैँ, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं या फिर expert@teentalkindia.com पर ईमेल कर काउंसलर से संपर्क कर सकते हैं।

यदि आपके पास भी हमसे शेयर करने के लिए कोई कहानी है तो हमें यहां , ईमेल करें

यदि आपके पास कोई सवाल हैं, तो हमें यहां , ईमेल करें.

आप क्लिक करके काउंसलर से भी बात कर सकते हैं टीनटॉक एक्सपर्ट चैट.

टिप्पणियाँ

कॉपीराइट टीनटॉक 2018-2019
डिस्क्लेमर : टीनटॉकइंडिया आपातकालीन सेवाएं नहीं प्रदान करता है और न ही यह किसी तरह की आपदा में हस्तक्षेप करने वाला कोई केंद्र है। अगर आप या आपका कोई मित्र या परिचित गहरे अवसाद के दौर से गुज़र रहा है, या उसके मन में आत्महत्या या स्वयं को नुक़सान पहुंचाने वाले विचार आ रहे हैं तो कृपया निकटस्थ अस्पताल या आपातकालीन/आपदा प्रबंधन सेवा केंद्र या हेल्पलाइन से सम्पर्क करें।