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तुम ऐसा क्यों करती हो, फ्रेंच फ्राइज़? : एक लव-हेट रिलेशनशिप

फ्रेंज फ्राइज़ के लिए मेरी दीवानगी और उससे मेरा खट्‌टा-मीठा रिश्ता...

सर्दियों में एक दिन मुझे पता चला कि सीरियल्स (इस अनाज को मैं हर बार खाना बनाने में इस्तेमाल करती थी) हेल्दी नहीं हैं। यह जानकर मैं टूट गई कि तभी मुझे ग्रेनोला और फ्लैवर्ड योगर्ट की सच्चाई का पता चला कि दोनों में से कोई भी इतना पौष्टिक नहीं है, जितना वे दावा करते हैं। ये जानकर मेरा दिल टूट गया। हर वो फूड जिसे मैं हेल्दी समझ रही थी, वो न्यूट्रीशन के नाम पर एक धोखा था।

इस कमजोर पल में मैंने फ्रेंच फ्राइज़ का सहारा लिया। तब से फ्रेंच फ्राइज़ और मेरे बीच लव अफेयर है। हो सकता है कि वो हेल्दी नहीं हो, लेकिन वो झूठ भी नहीं बोलता है। यहां तक कि लो-फैट, लो-कार्ब, वीगन, रॉ, ग्लूटन-फ्री और कई तरह की फेड डाइट के समय भी, फ्रेंच फ्राइज़ को लेकर मेरे प्यार पर कोई असर नहीं हुआ।     

सच कहा जाए, तो आज खाने के साथ हमारा रिश्ता उतना ही पेचीदा और अनहेल्दी है, जितनी कि मेरी ये कहानी। इस समय खाने को लेकर हमारी प्राथमिकताएं तय हैं। हम या तो फैंसी डाइट के चक्कर में पड़ जाते हैं या फिर किसी इंस्टाग्रामिंग फू़ड में इन्वेस्ट करने में लग जाते हैं। 

तब, मैंने अपनी मदद के लिए तलाश की और वह पूरी हुई न्यूट्रिशनिस्ट और फिटनेस एक्सपर्ट पूजा भार्गव के रूप में। न्यूट्रिशन और हेल्थ को मिलाकर क्या सही एप्रोच होना चाहिए, उसका पूजा ने एक मैप बनाया, जो हमारी लाइफस्टाइल के हिसाब से है और हमें खाने के साथ हेल्दी रिलेशनशिप बनाने देता है। 

पूजा और मेरे बीच इस विषय पर हुई बातचीत के कुछ अंश : 

तुम कौन हो? 
पूजा कहती हैं कि, सबसे पहले खुद से पूछिए, आप ख़ुद को कैसे देखना चाहते हैं? मेरा अनुभव है कि सबकी अलग-अलग रुचियां हैं। कुछ टीनएजर्स का अकेडमिक की ओर झुकाव होता है, कुछ का खेल में और कुछ का आर्ट्स में। इसलिए अपने सपने पर फोकस करें क्योंकि यही वह चीज है, जो आपको किसी ख़ास न्यूट्रीशन या हेल्थ पैटर्न को फॉलो करने के लिए उत्साहित करेगी।

वह कहती हैं कि अगर झुकाव अकेडमिक की ओर हो तो दिमाग को पावर और अलर्टनेस की ज़रूरत होगी, जिसके लिए आपको कार्ब्स, एनर्जी और ग्लूकोज की ज़रूरत है। प्रोटीन आपके शरीर में होने वाली टूट-फूट की मरम्मत के लिए आवश्यक हैं लेकिन जरूरी नहीं यदि आप एथलीट हों या फिर किसी स्पोर्ट्स में हों, तब। आपको इस उम्र में प्रोटीन हड्‌डियों के विकास और उन्हें अच्छा रखने के लिए भी ज़रूरी है। फैट सेक्स हार्मोन को अच्छा रखता है। इसलिए बॉडी के सही फंक्शन के लिए हर न्यूट्रिएंट्स महत्वपूर्ण है और हर एक का अपना महत्व है। 

आप और आपका खाना : 
वह कहती हैं कि, आपने इसके पहले खाना कब खाया था, इस पर नज़र रखिए। क्या आपने शाम को 6 बजे कुछ खाया और उसके बाद 9 बजे रात तक नहीं खाया क्योंकि आप किसी क्लास को अटैंड करने में बिजी थीं या मोबाइल पर कुछ देखने में व्यस्त थीं? अगर ऐसा है तो आपकी खाने की आदतों को बदलने का समय आ गया है।

अब फ्रेंच फ्राइज़ को लेकर मेरी अनहेल्दी सनक पर वापस आते हैं।

पूजा बताती हैं, "ऐसा तब होता है जब आप देर तक कुछ नहीं खाते हैं, उस समय फ्रेंच फ्राइज़ ललचाती है। इसलिए दो से तीन घंटे के बीच में कोशिश करें कि कुछ न कुछ खाते रहें और सिर्फ एक रोटी को रोल करके जल्दबाजी में न खाएं। अच्छे से बैठकर, खाने पर ध्यान लगाकर और अच्छी तरह से चबाकर खाएं, क्योंकि तभी शरीर पोषक तत्वों को लेता है, लेकिन यदि हम जल्दी-जल्दी खाते हैं, तो यह सब कुछ छूट जाता है। इसलिए फ्रेंच फ्राइज़ हमें आकर्षित करती है और इसके साथ में ईटिंग डिसऑर्डर भी आ जाते हैं।  

खाने की अच्छी आदतों को डेवलप करने को लेकर वह कहती हैं, कि सुबह जब घर छोड़ें, तो कभी भी भूखे न जाएं। सुबह उठने के एक घंटे के अंदर कुछ न कुछ ज़रूर खाएं। रात भर में हमारे शरीर के पूरे न्यूट्रिएन्ट्स खत्म हो चुके होते हैं। जब हम सो रहे होते हैं, शरीर तब भी काम कर रहा होता है। इसलिए सुबह अच्छे से नरिश करें।

थोड़ा-थोड़ा सब कुछ : एक बार फिर सभी न्यूट्रिएंट्स के महत्व पर पूजा ज़ोर देते हुए कहती हैं कि, आप किसी को भी नहीं छोड़ें। न्यूट्रिएंट्स को मुठ्‌ठी की पांचों उंगलियां की तरह सोचिए। कार्बोहाइड्रेट, फैट, मिनरल्स, प्रोटीन, विटामिन के अलावा मुठ्‌ठी बंद करने के लिए पानी की भी ज़रूरत होती है। अच्छी सेहत के लिए आपको ये सभी चाहिए। पांचों न्यूट्रिएंट्स शरीर के अलग-अलग फंक्शन के लिए ज़रूरी हैं। पानी ट्रांसपोर्ट सिस्टम है, जो सभी न्यूट्रिएंट्स को पूरे शरीर में लेकर जाता है। इस रास्ते को अपनाने से आपका आदर्श वजन रहेगा, साथ ही अपने सपने और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए आप मानसिक और शारीरिक रूप से फिट भी रहेंगे।

खाना या एक्सरसाइज  : मैंने पूछा खाना या एक्सरसाइज दोंनों में से क्या बेहतर है? पूजा ने कहा, “फिटनेस और न्यूट्रीशन दोनों ही एक सिक्के के दो पहलू हैं। आपको अपनी हड्डियों और मसल्स के सपोर्ट की ज़रूरत होती है और वह तब मिलता है जब आपको अच्छी एक्सरसाइज़ के साथ सही न्यूट्रीशन मिले। आजकल कमिटमेंट का लेवल और ज़िम्मेदारियां बहुत अधिक हैं, इसलिए आपका शेड्यूल एक क्लास के बाद दूसरी क्लास से पूरी तरह पैक है। आप अधिकांश समय बैठे रहते हैं। मैं कहता हूं कि एक एकेडमिक क्लास में कटौती करें, इससे कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ता है।  इसके बजाय एक घंटा फिजिकल एक्टिविटी के लिए अपने शेड्यूल में शामिल करें। मैं जिम के बजाय कोई खेल खेलने की सलाह देती हूं।

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5 वीयर्ड सिम्पटम्स, जो बताते हैं कि आपको न्यूट्रिशनल डेफ़िशिएंसी हैक्या आपको इनमें से कोई वीयर्ड सिम्पटम्स हैं...

क्या आपको इनमें से कोई वीयर्ड सिम्पटम्स हैं...
Ritika SrivastavaTeentalkindia Counsellor

क्या आपकी कभी-कभी अजीबोग़रीब क्रैविंग्स होती हैं? क्या आप अपने में स्ट्रेंज बिहेवियर पैटर्न्स और सिम्पटम्स पाते हैं। अगर आप ध्यान से सुनें तो पाएंगे कि आपका शरीर आपसे कुछ कहना चाह रहा है।

हर अजीब क्रैविंग और सिम्पटम के पीछे कोई ना कोई बात होती है। आपकी बॉडी उसके ज़रिये आपको बताना चाहती है कि आपको न्यूट्रिशनल डेफ़िशिएंसी हो सकती है। यह आपकी बॉडी का तरीक़ा है, आपको यह बतलाने का कि आपको अब किस चीज़ की दरकार है।

पहले-पहल यह समझना कठिन लग सकता है कि आपको न्यूट्रिशनल डेफ़िशिएंसी हो सकती है, क्योंकि आप तो समय-समय पर कुछ ना कुछ खाते ही रहते हैं। अगर आपने खाना भी खाया है और बीच-बीच में स्नैक्स भी लेते रहे हैं तो यह कैसे हो सकता है कि आपको डेफ़िशिएंसी हो? जवाब है एम्प्टी कैलरीज़ की वजह से।

यानी बहुत मुमकिन है, आप ऐसा खाना खा रहे हों, जो कि न्यूट्रिशन के लेवल पर ज़ीरो है। और चूंकि आपको यह नहीं मालूम, इसलिए आप अनजाने ही अपने सिस्टम को सभी हेल्दी न्यूट्रिएंट्स से महरूम रख रहे हैं। जहां इन सिम्पटम्स पर ग़ौर करें, जो आपके भीतर की डेफ़िशिएंसी की ओर इशारा करते हैं और यह भी बताते हैं कि आपको कौन-से न्यूट्रिएंट्स की ज़रूरत है।

चॉक खाने की क्रैविंग
अगर आपको चॉक चबाने की अनकंट्रोलेबल क्रैविंग हो रही है या आपका दिल कर रहा है कि दीवार पर पुते चूने को खुरजकर खा जाएं तो इसका मतलब है कि आपको कैल्शियम डेफ़िशिएंसी है। और कैल्शियम के सोर्स के लिए आपमें क्रैविंग जगाकर आपकी बॉडी आपको यह बताना चाह रही है कि आपको उसकी ज़रूरत है।

इसे फ़िक्स करने के लिए-
केले, दूध और पनीर, सी-फ़ूड, नट्स और हरी सब्ज़ियां खाएं, जो कैल्शियम से भरपूर होती हैं। समय-समय पर ग्रीन सैलेड भी खाते रहें।

मिट्‌टी खाने की इच्छा
यह सुनने में भले अजीब लगे, लेकिन जिन लोगों को यह क्रैविंग होती है, वे किसी भी क़ीमत पर मिट्‌टी कुरेदकर खा जाना चाहते हैं। इसका यह मतलब है कि वो एनीमिया या आयरन डेफ़िशिएंसी से जूझ रहे होते हैं।

इसे फ़िक्स करने के लिए-
सी-फ़ूड, रेड मीट, बीन्स, सीरियल्स और डार्क ग्रीन वेजिटेबल्स खाइए। ये सभी आयरन का अच्छा सोर्स होते हैं। अगर आप वेजिटेरियन हैं तो सोयाबीन, टमाटर, अलसी और मसूर की दाल खाइए।

आपके हाथ या दूसरे अंग सुन्न पड़ जाते हैं या झनझनाते हैं
अगर आपके हाथ या दूसरे अंग सुन्न पड़ जाते हैं या उनमें झुरझुरी होती है तो बहुत सम्भव है कि आपको विटामिन बी-12 या विटामिन डी की डेफ़िशिएंसी है। ऐसे में हम आपको सजेस्ट करेंगे कि आप अपना टेस्ट करवाएं और अगर सच में ऐसा है तो उसकी भरपाई करें।

इसे फ़िक्स करने के लिए-
विटामिन डेफ़िशिएंसीज़ का कारण सूर्य की रोशनी की कमी, वीगन डाइट्स, स्ट्रेस और अनहेल्दी लाइफ़स्टाइल होती हैं। ऐसे में सीरियल्स, मशरूम्स, सी-फ़ूड, अंडे, बीफ़, चीज़, कॉड लिवर ऑइल्स का सेवन करना ज़रूरी है।

बर्फ़ चबाने की इच्छा
ये भी सुनने में अजीब ही लगेगा, लेकिन बर्फ़ खाने की इच्छा होना भी आयरन डेफ़िशिएंसी का संकेत है। इससे आप थकान भी महसूस करते हैं। बर्फ़ खाने की इच्छा इसलिए होती है, क्योंकि इससे मेंटल एनर्जी को बूस्ट मिलता है।

इसे फ़िक्स करने के लिए-
बर्फ़ खाने के बजाय वो तमाम चीज़ें अपने भोजन में शामिल करें, जिससे आपकी बॉडी में आयरन का लेवल बढ़ता है, जैसे रेड मीट, बीन्स, दालें, संतरे का ज्यूस, घोंघा, योगर्ट, सोया आदि।

आपके नाख़ून या बाल टूट रहे हैं 
अगर आपके बाल टूट रहे हैं तो आपको अपने शैम्पू के इनग्रेडिएंट्स को चेक करने की ज़रूरत है, लेकिन इससे ज़्यादा ज़रूरी यह है कि आप समझें यह एक क़िस्म की प्रोटीन डेफ़िशिएंसी है। नाख़ूनों की टूट-फूट के लिए आपको आयरन की कमी को ज़िम्मेदार ठहराना चाहिए

इसे फ़िक्स करने के लिए-
आयरन डेफ़िशिएंसी को फ़िक्स करने के लिए आपको सी-फ़ूड, रेड मीट, बीन्स, ड्राइड फ़ूड्स, सीरियल्स और डार्क ग्रीन वेजिटेबल्स लेना चाहिए। प्रोटीन डेफ़िशिएंसी के लिए ब्रॅकली, चिकन, ओट्स, बादाम, अंडे और दूध से बनी चीज़ें खाइए।

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