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आत्मसम्मान तब बढ़ता है जब खुद से सहनुभूति रखते हैं

टीनएजर्स अक्सर खुद का आकलन करने की जिद करते हुए देखे जाते हैं और आत्मविश्वास को बनाए रखते हैं। हालांकि ये आत्म-सहनभूति की पावर को बढ़ाने और खुद को उन शक्तियों को याद दिलाने का एक पड़ाव होता है।

टीनएज बच्चे इन दिनों बहुत ज्यादा चिंता, खुद पर संदेह करना, तुलना करना, कॉम्पिटीशन, परफेक्शन में उलझे रहते हैं। जो उन्हें तनाव की ओर ले जा रहा है। ये घटते  आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास का कारण बनाते हैं। हालांकि, ये ऐसी चीजें हैं, जिन्हें सही टूल और ट्रिक्स के जरिए कम किया जा सकता है। हम खुद से जो कहते हैं वह महत्वपूर्ण होता है। दूसरे लोग हमें हमारे बारे में क्या बताते हैं और हम क्या अनुभव करते हैं यह मायने नहीं रखता।

यहां कुछ तरीके दिए गए हैं जो आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करेंगे और आपको याद दिलाएंगे कि आप वास्तव में कौन हैं?
सेंटेंस फॉर्मेशन - हर दिन कम से कम 5 सेंटेंस लिखने की कोशिश करें। वाक्यों इन तरीकों की मदद से लिखें जैसे "मेरे प्रियजन मेरी प्रशंसा करते हैं क्योंकि ...", "मेरी सबसे अच्छी खासियत है ...", "मुझे लगता है कि जब मैं सशक्त हूं ...", "मुझे इससे ताकत मिलती है ...", "मुझे खुद पर गर्व है ..."
आभार व्यक्त करना- हर दिन निम्न वाक्यों को लिखने का प्रयास करें जैसे "आज मैं इसके लिए आभारी हूं...", "मैं ...... का आभारी हूं ..."।, "मैं ... अनुभवों के लिए आभारी हूं।"

एचीवमेंट की लिस्ट बनाएं- सभी छोटी-बड़ी सफलताओं और उपलब्धियों की लिस्ट बनाएं जिन्हें आप अब तक पूरा करने में कामयाब रहे हैं। हाल ही में या भविष्य में पूरा करने के लिए आप जो भी प्लानिंग कर रहे हैं तो उसे भी इस लिस्ट में शामिल करें।

 

दो मिनट - हर दिन दो मिनट अकेले बैठें और खुद की तारीफ करें।
अंदर का आलोचक - जब आप खुद की आलोचना करते हैं तो जमीन से जुड़ते हैं। इसलिए एक मिनट का समय निकालें और खुद का विश्लेषण करें।

 

प्रतिज्ञा- खुद को विश्वास दिलाएं कि आप बेहतर हैं। उदाहरण के लिए आप खुद से कहें कि "मैं आज सकारात्मक महसूस कर रहा हूं"। खुद को सक्षम, रचनात्मक, शक्तिशाली और स्मार्ट बनाने के लिए खुद को याद दिलाते रहें कि आप सही दिशा में हैं। हर सुबह पांच ऐसे वाक्य दोहराएं।
 

विज़ुअलाइज़ेशन - अपने आप को बेहतर समझें। एक डायरी में इससे जुड़ी बातों और विचारों की एक सूची बनाने की कोशिश करें। अपने आप को याद दिलाते रहें कि आप ऐसा महसूस करने में सक्षम हैं और खुद का सबसे अच्छा बना रहे हैं। कल्पना करें, महसूस करें, सफल हों!
 

आत्मविश्वास और आत्म सम्मान ऐसी चीजें हैं जिन्हें अंदरूनी तौर पर संचालित किया जा सकता है। आप जितने सकारात्मक और प्रशंसात्मक हैं, आप उतना ही अच्छा महसूस करते हैं। दूसरों को भी आपको अपने बारे में अच्छा महसूस करने का मौका दें।
अपने आप को एक ऐसी दुनिया तब्दील करें जहां आप खुद के लिए महत्वपूर्ण हैं। आत्मविश्वास भी सहनुभूति और दया से जुड़ा है। अपने आप से ऐसा व्यवहार करें जैसे आप किसी प्रिय मित्र के साथ करेंगे और यह देखेंगे कि आप दुनिया में कैसे आगे बढ़ते हैं।

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तीन आसान तरीके से अंग्रेजी के डर को कर सकते हैं दूर

कुछ लोगों के लिए नई भाषा से जुड़े शब्दों को सीखने के लिए कॉन्फिडेंस का होना जरूरी होता है। लेकिन कुछ लोगों के लिए, विदेशी भाषा में बात करना डरावना साबित होता है।

जब भी हमारे पास खुद को बयां करने के लिए शब्द नहीं होते हैं तो हम उस बच्चे की महसूस करते हैं जो अपने सामने चंद लोगों को देखकर झेंप जाता है। ऐसा वो लोग भी महसूस करते हैं जिन्होंने कभी भी खुद की आलोचना ना सुनी हो और गरिमा बनाए रखने के लिए मन ही मन संघर्ष कर रहे होते हैं। कुछ आसान तरीकों से आप नर्वसनेस दूर कर सकते हैं जो नई भाषा को बोलने पर आप महसूस करते हैं, खासकर अंग्रेजी बोलने के दौरान...

जो लोग आसानी से अंग्रेजी नहीं बोल पाते हैं उनके दिमाग में एक ही आवाज गूंजती है कि चाहे कुछ भी हो जाए कुछ नहीं बोलना है क्योंकि मैं मूर्ख साबित हो जाऊंगा। अफसोस की बात है कई लोग अपने दिमाग की उपज को सुन भी लेते हैं। वो ये मान लेते हैं कि आलोचना होना तय है। यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं जो अंग्रेजी के डर को दूर करने में मदद करेंगे।

अपने डर को जानो
ऐसा क्या है जिससे आप डरते हैं? चिंता तब बढ़ती है जब अंग्रेजी बोलने के दौरान फेल होने का डर सताता है या नकारात्मक मूल्यांकन होता है। अगर इंटरव्यू या किसी से बात करने के दौरान मुंह से कुछ अजीब या अलग शब्द निकल जाता है तो डर लगता है। इससे लड़ने के लिए, खुद से पूछें विदेशी लोग आपकी भाषा बोलने से पहले कितना प्रयास करते हैं। उम्मीद है, आपका जवाब नकारात्मक नहीं होगा और न ही कुछ गलत सोचेंगे।

ध्यान से सुनें
उन लोगों के साथ अंग्रेजी में बोलें जिनके साथ आप सहज महसूस करते हैं और जिनकी इस भाषा पर अच्छी कमांड है। अंग्रेजी गाने सुनें, अच्छी अंग्रेजी फिल्में या टीवी शोज देखें और अंग्रेजी में बातचीत (यूट्यूब पर उपलब्ध) पर भी ध्यान दें।

भाषा पर काम करें
अपनी शब्दावली बनाएं और व्याकरण सीखें। आप इसकी शुरुआत अंग्रेजी में अभिवादन करना सीखने से कर सकते हैं। इसके बाद जानवरों, फलों, वाहनों, बर्तनों जैसी अलग-अलग तरह की चीजों के नाम अंग्रेजी में जानें। साथ ही अंग्रेजी भाषा में कहावत और प्रसिद्ध बातें सीखने की कोशिश करें।

अपना आत्मविश्वास बनाए रखें और इसे केवल एक भाषा की ही तरह समझें। इसे रॉकेट साइंस समझने की गलती नाकरें। लाओ त्ज़ु के एक वाक्य से इसे समझें - 'एक हज़ार मील की यात्रा एक कदम से शुरू होती है और यह एक उत्कृष्ट पहला कदम है।'

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