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तीन आसान तरीके से अंग्रेजी के डर को कर सकते हैं दूर

कुछ लोगों के लिए नई भाषा से जुड़े शब्दों को सीखने के लिए कॉन्फिडेंस का होना जरूरी होता है। लेकिन कुछ लोगों के लिए, विदेशी भाषा में बात करना डरावना साबित होता है।

जब भी हमारे पास खुद को बयां करने के लिए शब्द नहीं होते हैं तो हम उस बच्चे की महसूस करते हैं जो अपने सामने चंद लोगों को देखकर झेंप जाता है। ऐसा वो लोग भी महसूस करते हैं जिन्होंने कभी भी खुद की आलोचना ना सुनी हो और गरिमा बनाए रखने के लिए मन ही मन संघर्ष कर रहे होते हैं। कुछ आसान तरीकों से आप नर्वसनेस दूर कर सकते हैं जो नई भाषा को बोलने पर आप महसूस करते हैं, खासकर अंग्रेजी बोलने के दौरान...

जो लोग आसानी से अंग्रेजी नहीं बोल पाते हैं उनके दिमाग में एक ही आवाज गूंजती है कि चाहे कुछ भी हो जाए कुछ नहीं बोलना है क्योंकि मैं मूर्ख साबित हो जाऊंगा। अफसोस की बात है कई लोग अपने दिमाग की उपज को सुन भी लेते हैं। वो ये मान लेते हैं कि आलोचना होना तय है। यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं जो अंग्रेजी के डर को दूर करने में मदद करेंगे।

अपने डर को जानो
ऐसा क्या है जिससे आप डरते हैं? चिंता तब बढ़ती है जब अंग्रेजी बोलने के दौरान फेल होने का डर सताता है या नकारात्मक मूल्यांकन होता है। अगर इंटरव्यू या किसी से बात करने के दौरान मुंह से कुछ अजीब या अलग शब्द निकल जाता है तो डर लगता है। इससे लड़ने के लिए, खुद से पूछें विदेशी लोग आपकी भाषा बोलने से पहले कितना प्रयास करते हैं। उम्मीद है, आपका जवाब नकारात्मक नहीं होगा और न ही कुछ गलत सोचेंगे।

ध्यान से सुनें
उन लोगों के साथ अंग्रेजी में बोलें जिनके साथ आप सहज महसूस करते हैं और जिनकी इस भाषा पर अच्छी कमांड है। अंग्रेजी गाने सुनें, अच्छी अंग्रेजी फिल्में या टीवी शोज देखें और अंग्रेजी में बातचीत (यूट्यूब पर उपलब्ध) पर भी ध्यान दें।

भाषा पर काम करें
अपनी शब्दावली बनाएं और व्याकरण सीखें। आप इसकी शुरुआत अंग्रेजी में अभिवादन करना सीखने से कर सकते हैं। इसके बाद जानवरों, फलों, वाहनों, बर्तनों जैसी अलग-अलग तरह की चीजों के नाम अंग्रेजी में जानें। साथ ही अंग्रेजी भाषा में कहावत और प्रसिद्ध बातें सीखने की कोशिश करें।

अपना आत्मविश्वास बनाए रखें और इसे केवल एक भाषा की ही तरह समझें। इसे रॉकेट साइंस समझने की गलती नाकरें। लाओ त्ज़ु के एक वाक्य से इसे समझें - 'एक हज़ार मील की यात्रा एक कदम से शुरू होती है और यह एक उत्कृष्ट पहला कदम है।'

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फ्रस्ट्रेशन का सामना कैसे करें

सभी को ग़ुस्सा आता है और फ्रस्ट्रेशन इसी का इमोशनल रिएक्शन है। इसलिए यह तो मुमकिन नहीं कि हम पूरी तरह से फ्रस्ट्रेशन से बच जाएं। लेकिन इसका सामना करने के कुछ तरीक़े ज़रूर हैं
Gousiya Teentalkindia Content Writer

फ्रस्ट्रेशन को इग्नोर करना मुश्किल है। ख़ासतौर पर तब, जब आप टीनएजर हों और आप पर स्कूल, दोस्तों, फ़ैमिली और हॉर्मोन्स का प्रेशर हो। अपने पैरेंट्स की अथॉरिटी से दबाव में रहना, डेटिंग और दोस्ती के अनुभवों से हर्ट होना और आने वाले कल को लेकर कुछ भी साफ़ नहीं होना- ये चीज़ें फ्रस्ट्रेशन को जन्म देती हैं। लेकिन गनीमत है कि इसका सामना करने के उपाय मौजूद हैं।

भागें नहीं
जब भी आपको लगे कि आपके साथ कुछ भी सही नहीं हो रहा है, तो बैठें, रिलैक्स करें और चीज़ों को क़रीब से देखें। अपने फ्रस्ट्रेशन से कभी दूर भागने की कोशिश मत कीजिए। इस बात को शांत मन से स्वीकार कर लीजिए कि आप डिप्रेस्ड हैं।

बातें करें
जब आप फ्रस्ट्रेशन फ़ील कर रहे हों तो किसी क़रीबी से बातें करना आपको बेहतर महसूस करा सकता है और उससे आपको एक नया नज़रिया भी मिल सकता है। अगर ऐसा न हो सके तो आपको अपनी फ़ीलिंग्स को लिख डालना चाहिए और उसे बार-बार पढ़ना चाहिए, ताकि आप यह जान सकें कि चीज़ों को बदलने के लिए आप कुछ कर सकते हैं या नहीं।

जाने दीजिए
आपके लिए यह समझना भी ज़रूरी है कि कुछ चीज़ें आपके नियंत्रण में नहीं हैं। इसलिए समझदारी इसी में है कि उन्हें चुपचाप स्वीकार कर लें और उनको लेकर ख़ुद को तक़लीफ़ ना दें।

अपना फ़ोकस बदलें
जैसा कि हम जानते हैं, ग़ुस्से और फ्रस्ट्रेशन का चोली-दामन का साथ होता है। इसलिए ग़ुस्से की भनक लगते ही अपना फ़ोकस बदलने की कोशिश कीजिए। छोटी लेकन डिमांडिंग एक्टिविटीज़ पर ध्यान लगाइए। मिसाल के तौर पर, वॉक पर चले जाइए या घर में साफ़-सफाई कीजिए, जिसे आप बहुत दिनों से टाल रहे थे, कुछ अच्छा पका लीजिए, कुछ भी ऐसा कीजिए, जो आपका ध्यान भटका सके।

ख़ुद को पहचानें
एक लिस्ट बनाकर उसमें अपनी छोटी-बड़ी क़ामयाबियों का लेखा-जोखा लिखें। जब आपको मालूम होगा कि अतीत में आप क़ामयाब हुए हैं तो इससे आपके सिर से फ्रस्ट्रेशन का बोझ कम हो जाएगा।

एक बात हमेशा याद रखें - ज़िंदगी में कभी ना कभी फ्रस्ट्रेशन का सामना करना नॉर्मल है, लेकिन आपको कभी अपने फ्रस्ट्रेशन को ख़ुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। अपने ग़ुस्से की लगाम कसिए और जितना सम्भव हो सकता है, पॉज़िटिव बने रहिए।
 

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