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बॉलीवुड की फिल्में और तनाव का नियंत्रण

हम अपनी भावनाओं को काबू में करके अपनी ज़िंदगी के हीरो ख़ुद बन सकते हैँ और यह कैसे कर सकते हैँ यह हमारी पसंदीदा बॉलीवुड फिल्मों से सीख सकते हैँ….

लव, रोमांस, फ्रेंडशिप और लाइफस्टाइल के आइडिया के लिए प्रसिद्ध, बॉलीवुड की ज्यादातर भारतीयों की ज़िंदगी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लगभग हर भारतीय को अपनी पसंदीदा बॉलीवुड फिल्म के मुख्य किरदार में एक सा हीरोइज्म महसूस होने के साथ, हम अक्सर यह भूल जाते है कि जैसी भावनाएं हम अपनी निजी ज़िंदगी में महसूस करते हैँ, उन भावनाओं को ये किरदार भी पर्दे पर महसूस करते नज़र आते हैं। हम डर का सामना करते हैं, हम गुस्से का सामना करते हैँ, हम ख़ुद को असहाय महसूस करते हैं, हम तनाव का सामना करते हैँ और हम दुख का सामना करते हैँ। हम अपनी इन भावनाओं को काबू में करके अपनी ज़िंदगी के हीरो ख़ुद बन सकते हैँ और यह कैसे कर सकते हैँ यह हमारी पसंदीदा बॉलीवुड फिल्मों से सीख सकते हैँ। बॉलीवुड फिल्मों के प्रसिद्ध ऑनस्क्रीन कैरेक्टर के इन 6 मैकेनिज्म की मदद से अपने अंदर की नकारात्मकता और भावनाओं को काबू में करने में मदद मिलेगी।

जब बी मेट : जाने दीजिए

गीत आदित्य को उन चीजों को अपनी ज़िंदगी से जाने देने के लिए कहती है, जो उसे परेशान करती हैं, वह उसे अपनी एक्स गर्लफ्रेंड की तस्वीर जलाने और उसे टॉयलेट में बहाने के लिए समझाती है। इसके अलावा वह जोर डालती है, तब आदित्य अपनी एक्स को बुलाता है और उस पर अपनी सारी फ्रस्ट्रेशन निकालता है।

काउंसलर टिप : कभी-कभी अपनी भावनाओं को बाहर निकालने से मन का बोझ हल्का हो जात है। अपने नकारात्मक विचारों को कागज पर लिखें और उसे बहा दें, जला दें या फिर फाड़ दें। अपनी भावनाओं को बाहर निकालने का यह बेहतरीन तरीका है।

रब ने बना दी जोड़ी – अपनी हॉबी पर ध्यान दो और ख़ुश हों तानी जब अपनी शादीशुदा ज़िंदगी में नाखुश होती है, तब वह तय करती है कि डांस के लिए अपने प्यार पर ध्यान देगी औरर एक डांस कॉम्प्टीशन में हिस्सा लेती है। इससे उसे अपनी ज़िंदगी में मौजूद तनाव और नकारात्मक भावनाओं से अपना ध्यान हटाने में मदद मिलती है।

काउंसलर टिप : अपनी हॉबी को पूरा करें क्योंकि जब बाकी सबकुछ नहीं हो सकता उस समय में भी यही वह चीज़ है, जो आपकी ख़ुशी की ग्यारंटी दे सकती है।

ये जवानी है दीवानी : ख़ुद को एक ब्रेक दें और ज़िंदगी को एंजॉय करें स्कॉलर नैना अपनी ज़िंदगी से थक चुकी है। मेडिकल स्टूडेंट होने के कारण उसे अपनी सोशल लाइफ का सेक्रिफाइज करना होता है और उस पर अकेडमिक में अच्छे परफॉर्मेंस का बहुत ज्यादा दबाव है। तभी उसके फ्रेंड्स के साथ वह बिना प्लानिंग के ट्रेकिंग ट्रिप में जाना तय करती है, इस ट्रिप में वह सब है, जिसकी उसे स्ट्रेस रिलीज करने के लिए ज़रूरत है।

काउंसलर टिप : ज़िंदगी में एक प्वाइंट ऐसा आता है, जब हम भावनाओं से भर जाते हैं और तब ख़ुद को खाली करना बहुत ज्यादा ज़रूरी होता है। आप सभी को अपनी ज़िंदगी में मोनोटॉनी से ब्रेक लेने की ज़रूरत होती है, इसलिए अपने घर से बाहर आएं और कुछ वक्त अपनी वर्क डेस्क से दूर होकर नेचर के साथ बिताएं, एडवेंचर और आउटडोर फन करें।

डियर ज़िंदगी – एक भरोसेमंद को खोजें और इसके बारे में बात करें
कॅरियर और रिलेशनशिप में तल्खी आने के बाद, कायरा इन्सोमेनिया एक स्लीप डिसॉर्डर और डिप्रेशन से ग्रस्त हो जाती हैं। तभी, उसकी ज़िंदगी में नया मोड़ तब आता है, जब वह जग से मिलती है, जो उसे ज़िंदगी जीने का एक नया नज़रिया देता है, जिससे उसे अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने, अपने ज़ुनून का पीछा करने और अपनी लव लाइफ को सुधारने में मदद मिलती है।

काउसंलर टिप : एक इंसान होने के नाते, हम नकारात्मक भावनाओं, चिंता और डर में जकड़ जाते हैं। एक भरोसेमंद व्यक्ति को खोजने, उससे बात करने और उसे सुनने से हमें एक नया नज़रिया मिलता है, जो पहले नकारात्मक विचारों से ढक चुका होता है।

गली बॉय – अपनी भावनाओं के बारे में लिखिए
एक काबिल रैपर होने के बावजूद मुरार के पिता उसे वाइट कॉलर जॉब के लिए हमेशा दबाव बनाते हैं। वह अपने पिता के द्वारा घर में किए जाने वाले हिंसात्मक व्यवहार का भी गवाह है। तब वह रैप का उपयोग एक्सप्रेशन के रूप में करता है और सामाजिक मुद्दों और अपनी ज़िंदगी के बारे में लिखना शुरू कर देता है।

काउंसलर टिप : राइटिंग अपनी भ्रावनाओं को बाहर निकालने का एक ज़रिया है। जब दुनिया में ख़ुद को असहाय या लोगों की तरफ से अनदेखा महसूस करें तब म्यूजिक, पोएट्री या किसी जर्नल के रूप में अपनी भावनाओं को लिख सकते हैँ। म्यूजिक सुनने से भी खुद को शांत करने और भावनाओं पर नियंत्रण करने में मदद मिलेगी।

दिल चाहता है – ख़ुद को एक्सप्रेस करने के लिए आर्ट का प्रयोग
सिड, एक युवा है, जो गहराई और जोश़ से भरा हुआ है। जब वह अपने से उम्र में एक बड़ी और तलाकशुदा महिला से प्यार कर बैठता है, तो उसकी ज़िंदगी कई मोड़ लेती है। उसे लगता है कि दुनिया में उसकी कोई नहीं सुनेगा तो वह अपनी भावनाओं और फिलॉसॉफी को निकालने के लिए पेंटिंग का सहारा लेता है।

काउंसलर टिप : आर्ट अपनी भावनाओं को एक्सप्रेस करने का बहुत अच्छा रूप है और अपने विचारों की पेंटिंग या स्क्रेबलिंग एक अच्छी आर्ट थैरेपी है। कला उपचार का एक तरीका है, जो आपको उस वक्त मदद कर सकती है, जब कोई और आपको नहीं समझता है।

 

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Snigdha Teentalkindia Counsellor

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