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8 काम करना, जब आपका दिन खराब हो

कुछ उपयोगी टिप्स जो आपके बुरे दिन को अच्छा बना देंगी

हम सभी अपनी ज़िंदगी में ऐसे दिनों से होकर गुज़रे हैं, जब हमें लगता है कि कुछ भी ठीक नहीं हो रहा है। हमने जो भी सोचा था, वैसा कुछ नहीं हो पा रहा है। कोई भी हमें प्यार नहीं करता और किसी को हमारी परवाह नहीं है। हमारा दिल बैठ जाता है। दिन ख़त्म होते-होते हम हताश हो जाते हैं। और अगर आप टीनएजर हैं, तब तो आपकी फ़ीलिंग्स और नाज़ुक होती हैं, और इसीलिए उन्हें केयर के साथ हैंडल करना ज़रूरी हो जाता है। एक टीनएजर की ज़िंदगी इमोशंस, ड्रामा, फ़ीलिंग्स और आइडियाज़ से भरी होती है, इसलिए भी एक बुरे दिन से सामना होने पर वो अपने को औरों से ज़्यादा मुश्किल में पाते हैं।

हक़ीक़त यही है कि हम सभी के साथ यह होता है, लेकिन हममें से सभी को और विशेषकर टीनएजर्स को पता नहीं होता कि इसका सामना कैसे करें। लेकिन टीनएज एक ऐसा समय है, जब आपको पॉज़िटिव चीज़ों पर ज़्यादा फ़ोकस करना चाहिए और निगेटिव चीज़ों पर कम, ताकि आगे भी यही आदत हमेशा बनी रहे। अगर आप टीनएजर हैं और अपने बुरे दिन को अच्छा बनाना चाहते हैं, तो ये कुछ टिप्स आपके लिए मददगार साबित होंगी :

1. अपने प्रति उदार रहें

टीनएजर्स के साथ अकसर ऐसा होता है कि जब चीज़ें उनके नियंत्रण में नहीं रह जातीं तो वो इसके लिए ख़ुद को ही दोषी ठहराने लगते हैं। लेकिन एक टीनएजर के रूप में आपको ख़ुद के प्रति अधिक उदार होना पड़ेगा। आप अपने आसपास होने वाली सभी चीज़ों को कंट्रोल नहीं कर सकते, लेकिन किसी चीज़ पर क्या रिएक्शन देना है और उसके बारे में क्या महसूस करना है, इसे आप ज़रूर कंट्रोल कर सकते हैं।

2. अपने लिए कुछ अच्छा पकाइए

नहीं, मैकडॉनल्ड्स वाला हैप्पी मील नहीं, बल्कि अपने लिए कोई ऐसा कम्फ़र्ट फ़ूड पकाइए, जिससे आपको ख़ुशी मिले। टीनएजर होने के नाते आपको चॉकलेट्स, क्रीमी पास्ता, वैफ़ल्स वग़ैरह की क्रैविंग होगी। तो जब भी आपको लगे कि आपका दिन बुरा जा रहा है तो अपने को इन चीज़ों से ट्रीट कीजिए।

3. एक छोटा-सा लक्ष्य बनाकर उसे हासिल करें

अपने लिए एक छोटा-सा गोल सेट करें, जिसे आप दिन ख़त्म होने से पहले पूरा कर सकें। यह कुछ भी सिम्पल-सा लक्ष्य हो सकता है, जैसे कि डिशेस वॉश करना, अपना कमरा साफ़ करना, लॉन्ड्री करना वग़ैरह। जब हम वो चीज़ें कर लेते हैं, जिन्हें करने का हमने निश्चय किया था तो इससे हमें अच्छा महसूस होता है।

4. किसी के प्रति अच्छा व्यवहार करें

रिसर्चेस बताती हैं कि जब हम किसी के प्रति अच्छा व्यवहार करते हैं तो हम इससे बेहतर महसूस करते हैं। आप कुछ भी कर सकते हैं, जैसे घर में सभी के लिए कुछ पकाना, अपने डिस्टैंट फ्रेंड को एक मैसेज भेजना, या घर के कामों में फ़ैमिली के किसी मेम्बर की मदद करना।

5. एक ग्रैटिट्यूड जर्नल बनाएं

हम सभी में कुछ ना कुछ अच्छी बातें होती हैं। हमें हमेशा अपने उन गुणों को याद रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो सके तो एक ग्रैटिट्यूड जर्नल बनाकर उसे अपने कमरे में ऐसी जगह लगाएं, जहां आप उसे लगातार देख सकें। आप हमारे एक्सपर्ट्स के द्वारा बनाए गए ग्रैटिट्यूड जर्नल को मुफ़्त में डाउनलोड भी कर सकते हैं।

6. यह भी गुज़र जाएगा

हमेशा ख़ुद को याद दिलाते रहें कि “यह भी गुज़र जाएगा।” चाहें तो इस कथन को अपने अंदाज़ में नए सिरे से गढ़ें और ख़ुद को लगातार उसकी याद दिलाते रहें।

7. नींद ख़राब ना करें

जब आपका दिन बुरा हो तो उस दिन जल्दी सो जाना चाहिए। उस पर अपनी नींद ख़राब करने का कोई फ़ायदा नहीं। अच्छी नींद नहीं ले पाने के कारण भी हम कई बार चिड़चिड़े हो जाते हैं। एक रात अच्छे से सोएं और अगले दिन ताज़ादम होकर जागें।

8. कॉमेडी देखें

वो कहते हैं ना कि हंसी से बड़ी दवाई कोई और नहीं है। इसलिए कोई फ़नी मूवी, टीवी शो या यूट्यूब वीडियो देखिए और अपने दिमाग़ को हर तरह के तनाव से फ्री कर लीजिए।

टीनएजर्स को ख़ुश और एनर्जी से भरा रहने के लिए मेडिटेशन और एक्सरसाइज़ पर भी ध्यान देना चाहिए। जब हम टीनएज में ही बुरे दिन को अच्छा बना लेने की आदत डाल लेते हैं तो आगे चलकर हम किसी भी मुश्किल का सामना करने के लिए भी ख़ुद को तैयार कर रहे होते हैं।
 

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अपनी एनर्जी बचाने के तरीक़े

हम अकसर अपने आसपास के लोगों की एनर्जी से प्रभावित हो जाते हैं। यह अच्छी बात है, लेकिन अगर हम निगेटिव लोगों से घिरे हैं तो इसका बुरा असर भी हो सकता है।
Gousiya Teentalkindia Content Writer

हम सभी जानते हैं कि अपनी एनर्जी का ख़याल रखना कितना ज़रूरी है। लेकिन हम यह नहीं समझ पाते कि फ़िज़िकल एनर्जी की तरह हमारी मेंटल हेल्थ, हमारे इमोशनल और स्प्रिचुअल आयामों की रक्षा करने वाली एनर्जी को बचाना भी इतना ही ज़रूरी है। और जैसे फ़ूड और एक्सरसाइज़ का हमारी फ़िज़िकल एनर्जी पर असर पड़ता है, उसी तरह हमारी सोच, हमारी भावनाओं और लोगों से हमारे संवाद का असर हमारी मेंटर और इमोशनल बेहतरी पर पड़ता है।

जब हम नौजवां होते हैं, तब हमारे पास ज़्यादा ज़िम्मेदारियां नहीं होतीं। हमारी दुनिया हमारे दोस्तों, पढ़ाई और सोशल लाइफ़ तक ही सीमित रहती है। लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते जाते हैं और ज़्यादा ज़िम्मेदारियां हमारे हिस्से आने लगती हैं तो हमें तरह-तरह के लोगों और एक्टिविटीज़ में अपनी एनर्जी को लगाना पड़ता है। ऐसे में अगर आप अपनी एनर्जी को मैनेज नहीं कर पाएं तो आप ख़ुद को भीतर से ख़ाली महसूस कर सकते हैं और आपको इससे झुंझलाहट भी हो सकती है। चूंकि अच्छी आदतों को सीखने के लिए टीनएज ही सबसे अच्छा समय होता है, इसलिए आने वाले समय में बेहतर मेंटल और इमोशनल हेल्थ के लिए अपनी एनर्जी बचाने की प्रैक्टिस इसी उम्र से शुरू कर देना चाहिए।

दूसरों की निगेटिव एनर्जी से अपने को बचाने के ये कुछ तरीक़े हैं : 

1. अपनी सीमाएं तय करें

जब आप ख़ुद को किसी ऐसे व्यक्ति के साथ पाते हैं, जो हमेशा दूसरों का अपमान करता हो, हमेशा शिक़ायतें करता रहता हो या निगेटिव बातों से भरा हो तो केवल उनके साथ होने के लिए उनका सपोर्ट ना करें। इस बात को समझें कि आपकी एनर्जी और पर्सपेक्टिव उनसे अलग है और आपके पास दुनिया को देने के लिए बहुत कुछ है।

2. अपना ‘बबल’ बनाएं

यहां पर विज़ुअलाइज़ेशन की ट्रिक कारगर साबित होती है और यह तब काम आती है, जब आप ऐसे लोगों से घिरे हों, जो आपको बहुत ऊर्जावान महसूस नहीं कराते। तब आप कल्पना कर सकते हैं कि आप सफ़ेद या नीले रंग के किसी सॉफ़्ट बबल में हैं। अब अगर आपसे कोई कुछ कहता है तो आप कल्पना कर सकते हैं कि उनके शब्द बबल से टकराकर उनके पास लौट जा रहे हैं। अनेक रिसर्चरों का कहना है कि विज़ुअलाइज़ेशन माइंड-बॉडी हीलिंग की एक अच्छी तकनीक है।

3. अपना एक ‘मंत्र’ बनाएं

यह तब काम आता है, जब आप ऐसे लोगों से घिरे हों, जिनकी एनर्जी आपको पूरे समय अपनी गिरफ़्त में रखती है। तब आप अपना एक छोटा-सा मंत्र बनाएं, जैसे कि- ‘यह उनकी एनर्जी है, मेरी नहीं’, या ‘उनकी एनर्जी मुझ पर अपना असर नहीं छोड़ सकती।’ जब कोई अड़चन पैदा करे या नाटकीय व्यवहार करने लगे तो अपने आपसे यह मंत्र कहने लगें। इसकी मदद से हम शांत बने रह सकते हैं और अपनी स्थिरता को नुक़सान पहुंचाए बिना किसी के स्ट्रगल में उसकी मदद भी कर सकते हैं।

4. अपने स्पेस को डी-क्लटर करें

साफ़-सफ़ाई में निगेटिविटी को दूर रखने की क्षमता होती है। अपने घर और कमरे को ग़ैरज़रूरी चीज़ों से मुक्त कर दीजिए और ऐसा लगातार करते रहने की आदत डाल लीजिए। बेडशीट्स, पिलो या परदों के लिए हलके रंगों को चुनें, घर में थोड़ी-सी हरियाली रखें, और प्राकृतिक रौशनी भीतर आती रहे, इसके लिए दरवाज़े-खिड़कियां खुली रखें। अपने कमरे को एक सुकून से भरी जगह बनाना आपका ही काम है।

आप जितने सेंसेटिव होंगे और दूसरों की तकलीफ़ समझेंगे, उतना ही दूसरों की एनर्जी की चपेट में आने का ख़तरा आपके लिए बना रहेगा। लेकिन सही प्रैक्टिस और मज़बूत इरादों की मदद से आप अपनी एनर्जी बचा सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
 

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