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भारत में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का भविष्य कितना उज्जवल हैं? 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नए युग के लिए आग की तरह है, जो उद्योगों के पूरे परिदृश्य को बदल सकता है।

पिछले कुछ सालों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) फील्ड में काफी तरक्की की है। एआई कम्प्यूटर साइंस की सब ब्रांच है। एआई की मदद से एक साथ तरह की कम्प्यूटर मशीन बनाई जाती है जो इंसानों की तरह काम करती है। ये मशीन किसी भी चीज को देखने में, उसका आंकलन करने में, अलग-अलग आवाज़ निकालने में, फैसले लेने में और भाषाओं का अनुवाद करने में खुद सक्षम होती है। कम्प्यूटर की तरह इसे इंसान के दिमाग की जरूरत नहीं होती है। ये अपने मुताबिक चीजों को बदलने में माहिर होती हैं। इसके अलावा ये मशीनें खेती-किसानी, स्वास्थ की प्राथमिक देखभाल और सेना की तरह सुरक्षा करने भी सक्षम होती हैं। 

एआई से कई लोग काफी प्रभावित हुए हैं। लोगों इस फील्ड में काफी स्कोप नजर आता है। अगर आप भी इस फील्ड में अपना करिअर बनाने के बारे में सोच रहे हैं तो इससे पहले इसके बारे में कुछ अहम बातें जान लेना बेहद जरूरी है। इसके आधार पर ही आप ये तय करें कि आपको क्या एआई में अपना करिअर तलाशना चाहिए या नहीं। अगर भारत में एआई की बात करें तो इसका अच्छा भविष्य है। यहां कम्प्यूटर प्रोग्राम बनाने को बनाने को लेकर काफी फोकस किया जाता है। ये प्रोग्राम्स कई तरह की प्रॉब्लम्स को दूर करने में मदद करते हैं। इस वजह से हमारे देश में एआई की दिशा में अच्छा भविष्य देखा जा सकता है। इसमें कम्प्यूटर वर्जन, गेम डवलपमेंट, स्पीच रिकॉग्नाइजेशन, रोबोटिक्स और भाषाओं की पहचान करना जैसी चीजों में स्कोप अच्छ है। 

मैथेमेटिक्स, मैथेमेटिक्स के एक्टेंडिंग लॉजिक्स। कुछ खास टॉपिक्स जैसे, एल्गोरिदम, अल्जेब्रा, प्रोबेबिलिटी, कैलक्यूलस और स्टैटिक्स।

साइंस में मुख्य रूप से फिजिक्स भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और कई मुश्किल जगहों पर चित्र, मॉडलिंग, संज्ञानात्मक विज्ञान सिद्धांत और रोबोटिक्स भी  शामिल है।

बॉयोलॉजी से भी कुछ मदद ली जाती है। मुख्य रूप से  इसमें फिजियोलॉजी और साइकॉलॉजी से संबंध रखा जाता है। 

कंप्यूटर विज्ञान का सिद्धांत और यह वास्तव में कैसे काम करता है।

प्रोग्रामिंग भाषाओं और कोडिंग पूरा नॉलेज इसमें बेहद जरूरी है। कम से कम 2 से 3 यूनिवर्सल कोडिंग भाषाओं को सीखना महत्वपूर्ण है जो मशीन भाषा कोडिंग के लिए उपयोग किया जाता है। जैसे C ++, Java और कुछ को नाम देने के लिए Prolog (कम्प्यूटर की एक भाषा है)।

अगर आपके पास एआई की फील्ड में उतरने और इसमें काम करने का पूरा नॉलेज होना जरूरी है। इसके बाद आप ये तय कर सकते हैं कि किस संस्थान से एआई की डिग्री या कोई अन्य कोर्स करना है। भारत में आई.आई.टी मद्रास, आई.आई.टी कानपुर, आई.आई.एस.सी बेंगलुरु जैसी संस्थानों में ये कोर्स उपलब्ध है। वहीं अगर आप इस कोर्स के लिए विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं तो अमेरिका में कई ऐसी यूनिवर्सिटीज मौजूद हैं जिनमें ये कोर्स होता है। 

भारत में इन कॉलेजे में कराया जाता है ये कोर्स:

  • आई.आई.टी मद्रास
  • आई.आई.टी कानपुर
  • आई.आई.एस.सी बेंगलुरु
  • आई.एस.आई कोलकाता

इसके कोर्स को लेकर और अधिक जानकारी के लिए आप दी गई वेबसाइट पर लॉगिन कर सकते हैं: https://www.shiksha.com/it-software/ai-robotics/colleges/colleges-india 

एआई कोर्स के बाद किन जगहों पर कर सकते हैं काम:

  • प्राइवेट और पब्लिक ऑर्गेनाइजेशन 
  • एजुकेशन फील्ड में जा सकते हैं, किसी भी प्राइवेट या गवरमेंट स्कूल-कॉलेज में इस सब्जेक्ट को पढ़ा सकते हैं।
  • एडवांस हेल्थ केयर फेसीलिटी
  • मिलीट्री

इन सेक्टर्स में एआई का होता है इस्तेमाल

  • सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रिकल एंड मेकेनिकल इंजीनियरिंग, डेवलेपर्स और एनालिस्ट्स
  • साइंटिस्ट रिसर्च
  • कम्प्यूटर इंडीनियरिंग, गेम प्रोग्रामिंग, डेवलेपर्स और एल्गोरिथम स्पेशियलिस्ट ( कम्प्यूटर साइंटिस्ट)
  • सर्जिकल टेक्नीशियन्स 

कई कंपनीज आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल प्रोडक्ट और सर्विसेज को बनाने के लिए कर रही हैं। इस वजह से भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस काफी ऊंची छलांग लगाएगी। इंसानों के जरिए किए गए कई कामों की कमियों को पूरा करेगी। कम्प्यूटर साइंस, डाटा साइंस और जुड़ी कई फील्ड्स में अपना बेहतर योगदान देंगी। भारत एआई के मामले में विश्व बाजार में अपनी पहचान बना रहा है और हम पहले से ही एआई प्रतियोगिता में अपनी रैंक बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

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माइनिंग इंडस्ट्री में कॅरियर कैसे बनाएं

माइनिंग इंडस्ट्री में बहुत सम्भावनाएं हैं और यह कॅरियर में ग्रोथ के बहुत सारे अवसर दे सकती है
Richa DubeyTeentalkindia Content Writer

माइनिंग इंडस्ट्री काम करने के लिए बहुत डायनैमिक और एक्साइटिंग है। इसमें काम करते हुए आप दूसरी इंडस्ट्रीज़ की तुलना में ज़्यादा पैसा कमा सकते हैं। यह मुनाफ़ेदार इंडस्ट्री है, जो लोकल इकोनॉमीज़ को एक प्लेटफ़ॉर्म मुहैया कराती है। तो क्या आप आइरन, गोल्ड, कोयला, चूना-पत्थर, यूरेनियम जैसे रिसोर्सेस की खुदाई करने और नए डिपॉज़िट्स हासिल करने में इंट्रेस्टेड हैं? इस इंडस्ट्री में अपार सम्भावनाएं हैं और इसलिए वह नए लोगों और मौजूदा वर्कफ़ोर्स दोनों को कॅरियर ग्रोथ के बहुत अवसर देती है। इस आर्टिकल में हम आपको माइनिंग इंडस्ट्री में कॅरियर बनाने के बारे में जानकारियां दे रहे हैं।

सबसे पहले तो यह जान लें कि इस फ़ील्ड में कौन-कौन-से जॉब अवेलेबल हैं। इसमें वेल्डर्स और कटर्स से लेकर मैनेजर्स, बिज़नेस एंड फ़ाइनेंशियल प्रोफ़ेशनल्स तक की वैकेंसी निकलती है। ज़रा इस लिस्ट पर नज़र डालिए :

लैब टेक्निशियन, डायमंड ड्रिलर, एनवायरनमेंटल को-ऑर्डिनेटर, कॉन्ट्रैक्ट माइनर, डेवलपमेंट माइनर, जियोलॉजिस्ट, इलेक्ट्रिशियन, जियोलॉजिस्ट, मिलराइट, मैकेनिक, मेटालर्जिकल इंजीनियर, प्रॉस्पेक्टर, वेल्डर, कटर, सर्वेयर, सेल्स-मैनेजमेंट आदि।

अगर आप माइन इंजीनियरिंग में इंट्रेस्टेड हैं तो आप माइन इंजीनियर, प्रोजेक्ट इंजीनियर, प्लानिंग इंजीनियर बन सकते हैं। माइन इंजीनियर का मुख्य काम है ज़्यादा से ज़्यादा प्रॉफ़िट और प्रोडक्शन के लिए सभी इंजीनियरिंग प्रिंसिपल्स और थ्योरीज़ एप्लाई करना। 

अब जानने की कोशिश करते हैं कि इंडिया में इन जॉब्स के लिए कौन-से कोर्सेस हैं :

ट्रेनिंग कोर्स के लिए : 
बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग इन माइनिंग इंजीनियरिंग
डिप्लोमा इन माइनिंग इंजीनियरिंग
बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी इन माइनिंग इंजीनियरिंग
बाद में माइनिंग इंजीनियर के रूप में लाइसेंस्ड होने के लिए मास्टर ऑफ़ इंजीनियरिंग

और ये रही इन कोर्सेस के लिए डिग्री देने वाले कॉलेज की सूची : 

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी, शिबपुर
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, खड़गपुर
कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, गुइन्डी
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी कर्नाटका, सुरथकल
विश्वश्वरैया नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, नागपुर
एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज, जोधपुर
गवर्नमेंट पोलिटेक्निक, नागपुर
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, बीएचयू, वाराणसी
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, राउरकेला
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, रायपुर
बीआईटी सिंद्री, धनबाद
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, इंडियन स्कूल ऑफ़ माइंस, धनबाद
सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी, पुणे
द इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियर्स इंडिया, कोलकाता

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