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ये स्किल्स आपको किसी भी इंडस्ट्री में जॉब हासिल करने में मदद करेंगी

अच्छी कम्यूनिकेशन, पब्लिक स्पीकिंग और मैनेजमेंट स्किल्स के अलावा आपके लिए ये स्किल्स सीखना भी फायदेमंद होगा।

जॉब के लिए सही उम्मीदवार की तलाश में जहां एम्प्लॉयर जॉब से जुड़ी स्किल्स को महत्व देते हैं वहीं कुछ सामान्य स्किल्स भी उन्हें आकर्षित करती हैं। इन स्किल्स को एम्प्लॉएबिलिटी स्किल्स भी कहा जाता है। ये स्किल्स न केवल आपको जॉब हासिल करने में बल्कि कॅरिअर में तरक्की हासिल करने में भी मदद करती हैं चाहे आप किसी भी इंडस्ट्री में काम करें। अच्छी कम्यूनिकेशन, पब्लिक स्पीकिंग और मैनेजमेंट स्किल्स के अलावा आपके लिए ये स्किल्स सीखना भी फायदेमंद होगा। 

  • रिसर्च स्किल्स :अगर आप हार्ड स्किल्स डेवलप कर रहे हैं तो आपको यह भी जानना चाहिए कि कई कंपनियां रिसर्च स्किल्स रखने वाले ग्रेजुएट्स की मांग करती हैं। इसलिए जॉब की तैयारी के दौरान रिसर्च स्किल्स को भी मजबूत बनाएं। इन स्किल्स में रिपोर्ट राइटिंग, अलग-अलग सोर्स से मिली जानकारियों का विश्लेषण करना, इंटरनेट से जानकारी निकालना और क्रिटिकल थिंकिंग शामिल होता है। 

 

  • लीडरशिप स्किल्स: अगर आपने कॉलेज कैंपस में स्टूडेंट आॅर्गनाइजेशन समेत दूसरी एक्टिविटीज में लीड किया है तो आपकी यह खूबी आपको जॉब भी दिला सकती है। कई बड़ी कंपनियों में लीडरशिप स्किल्स को वरीयता दी जाती है। इस स्किल की मदद से आप बेहतर निरीक्षण, नए इनिशिएटिव्स लेने और कर्मचारियों को प्रेरित करने जैसे काम आसानी से कर सकते हैं। 

 

  • टेक्नोलॉजी स्किल्स: कम्प्यूटर की नॉलेज के साथ सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर की बेसिक जानकारी किसी भी जॉब की पहली आवश्यकता होती है। ऐसे में आप तकनीकी स्किल्स की एडवांस नॉलेज लेकर कॅरिअर में आगे बढ़ सकते हैं। दूसरी ओर सेल्स, ऑपरेशंस, फाइनेंस या टेक्नोलॉजी जैसे कई क्षेत्रों में डेटा इस्तेमाल करने वालों को वरीयता दी जा रही है। ऐसे में डेटा को समझना, फिल्टर और डिवाइड करना सीख लेंगे तो संभावनाएं मजबूत होंगी। 


सोशल मीडिया प्रोफिशिएंसी
- सोशल मीडिया अब कस्टमर इंटरेक्शन के साथ-साथ ब्रांडिंग का सबसे मजबूत हथियार बन चुका है। लिहाजा, आपको मल्टीपल सोशल मीडिया आॅपरेशन्स के अलावा सोशल मीडिया लिसनिंग, राइटिंग और कंटेंट क्रिएशन के बारे में जानना होगा। साथ ही आप एनालिटिक्स, कंटेंट मार्केटिंग और मैनेजमेंट एंड ऑटोमेशन टूल्स के इस्तेमाल के बारे में भी सीखें। 
 

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मेंटल हैल्थ के क्षेत्र में शिक्षा और रोज़गार की संभावनाए, जानें क्या और कहां करनी चाहिए पढ़ाई

डॉक्टर बनने के लिए क्या करना चाहिए ? क्या और कहां पढ़ाई करनी चाहिए…यह यहां पढ़िए।

 मेंटल का मतलब पागल नहीं होता है। कई कारणों से मानव शरीर में मानसिक तौर पर कमी आ जाती है। यह भी एक प्रकार का रोग है जिसका इलाज करवाने के लिए  परामर्शदाता, अस्पताल या डॉक्टर के पास जाना होता है। इसके लिए अलग डॉक्टर होते हैं। ऐसा डॉक्टर बनने के लिए क्या करना चाहिए ? क्या और कहां पढ़ाई करनी चाहिए…यह यहां पढ़िए



मनोरोग चिकित्सा क्या है?
- मनोरोग चिकित्सा मेडिकल की वह शाखा है जो भावना, संज्ञान और व्यवहार को प्रभावित करने वाले विभिन्न मानसिक विकारों या मनोरोगों के आकलन, पहचान, उपचार और प्रबंधन से जुड़ी है। मनोचिकित्सा में विशेषज्ञता हासिल करने वाले डॉक्टरों को मनोरोग चिकित्सक कहा जाता है।

मानसिक और शारीरिक तनावों का इलाज
- मनोरोग चिकित्सक एक डॉक्टर होता है जिसे मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान और उपचार में विशेषज्ञता हासिल होती है। अपनी सघन और व्यापक मेडिकल ट्रेनिंग के दौरान, मनोचिकित्सक को मस्तिष्क के कार्यों और शरीर और मस्तिष्क के जटिल संबंधों को समझने का प्रशिक्षण मिलता है। वे मानसिक और शारीरिक तनावों के शारीरिक और मनोवैज्ञानिक कारणों को अलग-अलग चिन्हित कर पाने में सबसे ज़्यादा योग्य होते हैं।

कौन-कौन से कॅरियर क्षेत्र हैं 

क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट

परामर्शदाता या काउंसलर

स्कूल साइकोलॉजिस्ट

फॉरेंसिक साइकोलॉजिस्ट

साइकिएट्रिस्ट 

साइकिएट्रिक सोशल वर्कर

न्यूरो साइकोलॉजिस्ट

ऑक्युपेशनल साइकोलॉजिस्ट

वोकेशनल साइकोलॉजिस्ट

 रिहैबिलिटेशन ऑफिसर

रिसर्चर आदि


कॅरियर बनाने के लिए क्या पढ़ें
- साइकोलॉजी के क्षेत्र में जाने के लिए किसी भी विषय समूह में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ 10+2 करना जरूरी है। उसके बाद साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कर सकते हैं। 
- साइकिएट्री के क्षेत्र में जाने के लिए फ़िज़िक्स, कैमिस्ट्री व बायोलॉजी विषयों से 10+2 करना जरूरी है। उसके बाद मेडिकल प्रवेश परीक्षा देकर एमबीबीएस करना होता है। उसके बाद साइकिएट्री में पोस्ट ग्रेजुएशन (एमडी या डिप्लोमा) करना होता है। डिप्लोमा ऑफ नेशनल बोर्ड एग्ज़ाम भी कर सकते हैं।

कहां कर सकते हैं पढ़ाई
साइकोलॉजी
-  भारत में लेडी श्रीराम कॉलेज नई दिल्ली, क्रिस्टु जयंती कॉलेज बेंगलुरू, फर्ग्युसन कॉलेज पुणे, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी बेंगलुरू, जीसस एंड मेरी कॉलेज नई दिल्ली आदि।
- विदेश में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया बर्कले, मिशिगन यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन, जैकब्स यूनिवर्सिटी ब्रेमेन, बोख़ुम यूनिवर्सिटी रूर आदि।

साइकिएट्री में
भारत में एम्स नई दिल्ली, एएमयू, आईआईटी खड़गपुर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरू, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस मुंबई आदि।
विदेश में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी यूएसए, किंग्स कॉलेज लंदन, येल यूनिवर्सिटी, कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट स्वीडन, एम्सटर्डम यूनिवर्सिटी नीदरलैंड्स आदि।

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