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इग्नू : डिस्टेंस लर्निंग का सबसे बड़ा संस्थान

इग्नू डिस्टेंस एजुकेशन के लिए देश की बेस्ट यूनिवर्सिटी है।

इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू)  पढ़ाई और कॅरियर के लिए सबसे अच्छी यूनिवर्सिटी है। ख़ासकर उन लोगों के लिए, जो पढ़ना तो चाहते हैं, लेकिन किसी वजह से रेगुलर कॉलेज अटैंड नहीं कर सकते हैं। अन्य ट्रेडिशनल यूनिवर्सिटी की तुलना में इग्नू में स्टडी की विधि बिलकुल अलग है। इग्नू ने पढ़ाई के लिए मल्टीमीडिया अप्रोच को अपनाया है। सेल्फ-स्टडी मटेरियल, कंसल्टेशन सेसश, रूटी और टेलीकॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम इग्नू के प्रमुख कंपोनेन्ट्स हैं।

इग्नू के पांच प्रमुख फीचर :

  • साइंस, कंप्यूटर, नर्सिंग, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कोर्स की पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स यदि प्रेक्टिकल क्लासेस का लाभ लेना चाहते हैं, तो उनके लिए सलेक्टेड सेंटर पर इसकी व्यवस्था आसानी से की गई है। इग्नू एलिजिबिलिटी, लोकेशन, स्टडी स्पीड और ड्यूरेशन को लेकर स्टूडेंट़्स के साथ पूरी उदारता रखता है।
  • जब बात स्टूडेंट्स के एडमीशन, प्रोग्राम को पूरा करने की आती है, तो इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी हमेशा फ्लेक्सिबल और लिबरल पॉलिसी स्टूडेंट् के लिए अपनाती है। डिस्टेंस लर्निंग में में इग्नू की कामयाबी का एक कारण यह भी है।
  • इग्नू में कंज्यूमर प्रोटेक्शन, डिजास्टर मैनेजमेंट, एन्वायरमेंट, ह्यूमन राइट्स, टूरिज्म, वुमन इम्पावरमेंट और चाइल्ड डेवलपमेंट, हेल्थ एजुकेशन, एचआईवी, टेक्नोलॉजी और ऑनलाइन एजुकेशन के टॉपिक्स पर कई डिप्लोमा, ग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, अंडरग्रेजुएट और डॉक्टरेट डिग्री के कोर्स मौजूद हैं।
  • इग्नू ने पढ़ाई में स्टूडेंट द्वारा खर्च किए जाने वाले समय के बेस्ड पर एक क्रेडिट सिस्टम शुरु किया है। एक क्रेडिट 30 घंटे के बराबर है, इसमें पढ़ाई से जुड़ी सभी एक्टिविटी शामिल हैं। अलग-अलग प्रोग्राम के लिए अलग-अलग क्रेडिट की ज़रूरत है। स्टूडेंट्स को क्रेडिट उनकी स्पीड, सुविधा और क्षमता के आधार पर दी जाती है। इग्नू क्रेडिट ट्रांसफर की भी सुविधा देती है। इसके लिए स्टूडेंट्स को कुछ शर्तों को पूरा करना होता है।  
  • इग्नू इस समय देश के 4 करोड़ से अधिक और अन्य देशों के 36 हजार स्टूडेंट्स के सपने पूरे कर रहा है। इसमें वह 21 स्टडी सेंटर, 67 रीजनल सेंटर, 3000 स्टूडेंट सपोर्ट सेंटर्स और 67 फॉरेन सेंटर्स की मदद ले रहा है।

इग्नू की स्थापना :

इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी की स्थापना 1985 में संसदीय कानून के अंतर्गत हुई थी। ओपन और डिस्टेंस लर्निंग में इग्नू ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इग्नू ने अपनी स्थापना के समय से हायर एजुकेशन के क्षेत्र में देश में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यूनेस्को के अनुसार, यह देश की सबसे बड़ी डिस्टेंस यूनिवर्सिटी है। इग्नू 490 सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री और डॉक्टरल प्रोग्राम्स 420 फैकल्टी मेंबर्स और हायर एजुकेशन के म्युच्युअल इंस्टीट्यूशन्स के 36 हजार कंसल्टेंट, प्रोफेशनल ऑर्गनाइजेशन और इंडस्ट्री के हैडक्वार्टर और रीजनल सेंटर्स की मदद से संचालित कर रहा है।  

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ब्लॉगर्स, एसईओ एक्सपर्ट्स, डिजिटल मार्केटर्स : नई इंडिया में कॅरियर

इंटरनेट और सोशल मीडिया ने मीडिया का स्कोप बढ़ा दिया है और इस इंडस्ट्री में अवेलेबल जॉब्स की सम्भावनाओं को भी मज़बूत कर दिया है
Gousiya Teentalkindia Content Writer

मीडिया अब केवल रेडियो, टीवी, न्यूज़पेपर जैसे ट्रैडिशनल एरियाज़ तक ही सीमित नहीं रह गया है। डिजिटल सेग्मेंट्स के आने के बाद मीडिया का स्कोप पहले से काफ़ी बढ़ गया है। ऑनलाइन मीडिया बहुत ताक़तवर बनकर सामने आया है। इंटरनेट और सोशल मीडिया की भूमिका तेज़ी से बढ़ी है।

इंटरनेट यूज़र्स की बढ़ी तादाद
इन फ़ैक्ट, साल 2012 में जहां इंटरनेट यूज़र्स की तादाद महज़ 48 मिलियन थी, वहीं वह अब 500 मिलियन हो गई है। तीन साल पहले ही इंटरनेट पर एक्टिव वेबसाइट्स की संख्या 1.8 अरब पहुंच चुकी थी। चूंकि कम्युनिकेशन अब ज़्यादा से ज़्यादा ऑनलाइन होता जा रहा है, इसलिए मीडिया के नए क्षेत्रों में कॅरियर के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। अगर आप भी मास कम्युनिकेशन की फ़ील्ड में जॉब प्रॉस्पेक्ट्स की तलाश कर रहे हैं तो यह जानना दिलचस्प होगा कि इस एरिया में कौन-से जॉब्स अवेलेबल हैं।

न्यू एज मीडिया क्या है
न्यू एज मीडिया ट्रैडिशनल मीडिया से अलग होता है। अब यह मास कम्युनिकेशन के ताक़तवर माध्यम के रूप में उभर आया है। न्यू एज मीडिया का मतलब होता है किसी डिजिटल डिवाइस पर ऑनलाइन कंटेंट की अवेलेबिलिटी। इसमें लोग ना केवल अपनी भूमिका निभाते हैं, बल्कि फ़ीडबैक भी दे सकते हैं। वेबसाइट्स, ब्लॉग्स, न्यूज़लेटर्स, ईमेल, सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स : ये सभी न्यू एज मीडिया का हिस्सा हैं।

ये कुछ सम्भावनाएं हैं :
इंटरनेट के बढ़ते यूज़ के कारण इस एरिया में एम्प्लाईमेंट प्रॉस्पेक्ट्स बड़े पैमाने पर बढ़े हैं। आज फ़ेसबुक के एक अरब से अधिक यूज़र्स हैं, जबकि ट्विटर पर 241 मिलियन एक्टिव अकाउंट्स हैं। बहुत सारे लोग सोशल मीडिया के दूसरे मीडियम्स पर भी एक्टिव हैं। इनकी पॉपुलैरिटी को देखते हुए बड़ी संख्या में प्रोफ़ेशनल्स की मांग उभरकर सामने आई है, जो इन्हें मैनेज कर सकें।


प्रिंट मीडिया
भारत के रजिस्ट्रार ऑफ़ न्यूज़पेपर्स में तक़रीबन 1,05,443 अख़बार रजिस्टर्ड हैं। बीते तीन सालों में अख़बारों की रीडरशिप में 40 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई है। इनमें से अधिकतर के ऑनलाइन वर्शन मौजूद हैं, जिनके लिए प्रोफ़ेशनल्स की मांग बढ़ती जा रही है।

टीवी जर्नलिज़्म 
टीवी सेक्टर में न्यूज़ चैनलों की बढ़ती तादाद को देखते हुए कैमरामेन, न्यूज़ एडिटर, बुलेटिन प्रोड्यूसर, वीडियो एडिटर जैसी पोस्ट्स की डिमांड बढ़ रही है। ऑनलाइन चैनलों ने न्यू एज मीडिया सम्बंधी और जॉब्स क्रिएट किए हैं।

पब्लिक रिलेशन
किसी कम्पनी के प्रमोशन में पब्लिक रिलेशन का बड़ा योगदान होता है। कम्पनी की पीआर टीम जितनी मज़बूत होती है, वो उतनी ही क़ामयाब सिद्ध होती है। ऑनलाइन प्रमोशन की दुनिया में आज बहुत सारे अवसर हैं।

रेडियो इंडस्ट्री
बीते दस सालों में देश में रेडियो चैनल्स की तादाद में 120 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस फ़ील्ड में रेडियो जॉकी, प्रोड्यूसर्स, साउंड आर्टिस्ट्स, वॉइस-ओवर आर्टिस्ट्स के रूप में जॉब्स के अवसर हैं।

ब्लॉगर
आप ख़ुद को एक प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर के रूप में इंट्रोड्यूस करते हुए किसी कॉर्पोरेट या पर्सनल ब्लॉग के लिए कंटेंट सोच सकते हैं, लिख और प्रमोट कर सकते हैं। आप वेब आर्टिकल्स भी डिलीवर कर सकते हैं।

एसईओ एक्सपर्ट
एक सर्च इंजिन ऑप्टिमाइज़ेशन एक्सपर्ट किसी संस्थान की सोशल मीडिया स्ट्रैटेजी पर काम करता है, ताकि उसकी विज़िबिलिटी को बढ़ाया जा सके। ये प्रोफ़ेशनल्स अपने संस्थान के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स मैनेज करते हैं और उन पर अपडेट्स देते रहते हैं।

डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट
यहां हमें कम्पनी के प्रॉडक्ट्स, वेब एनालायटिक्स, ईमेल मार्केटिंग और सर्च ऑप्टिमाइज़ेशन की ऑनलाइन मार्केटिंग स्ट्रैटेजीज़ को डेवलप करने पर काम करना पड़ता है। डिजिटल मार्केटिंग कम्पनी के ब्रांड पर भी काम करती है।

सोशल मीडिया कंटेंट राइटर
इन्हें किसी क्लाइंट या कम्पनी की अधिकृत वेबसाइट पर इंफ़ॉर्मेशन अपडेट करना होती है। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर डिजिटल कंटेंट मैनेज करने के अलावा ई-लेटर्स, ई-मेलर्स, न्यूज़लेटर्स जैसे ऑनलाइन कम्युनिकेशन के लिए कंटेंट बनाना भी उन्हीं का काम है।

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