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ग्रुप डिस्कशन को कैसे क्रैक करें

आप अपनी कम्युनिकेशन से अच्छा इम्प्रेशन बना सकते हैं।

कम्यूनिकेशन स्किल जिंदगी के हर पड़ाव पर काम आती है, खासतौर पर कॉर्पोरेट जॉब और हायर एजुकेशन में। दरअसल पहला इम्प्रेशन ही लास्ट इम्प्रेशन होता है। जिस तरह से आप बात करते हैं वो बताता है कि आप आगे चलकर किस तरह के प्रोफेशन का हिस्सा बन सकते हैं। ग्रुप डिस्कशन (जीडी) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका इस्तेमाल ज्यादातर कॉर्पोरेट, यूनिवर्सिटीज और बड़े ऑर्गेनाइजेशन्स में किया जाता है। ये पार्टिसिपेंट्स की कम्युनिकेशन स्किल को परखने का एक तरीका होता है। यहां हम आपको बता रहे हैं अपनी कम्युनिकेशन से अच्छा इम्प्रेशन बना सकते हैं।

जीडी में किस तरह की स्किल्स को परखा जाता है-

दूसरों के साथ बात करते वक्त आप कितने अच्छे हैं?

आप एक समूह के भीतर कैसे व्यवहार और बातचीत करते हैं?

क्या आप खुले विचारों वाले व्यक्ति हैं?

आपमें सुनने का कौशल है या नहीं?

आप अपने विचार कैसे रखते हैं?

टीम को लीड करने की क्वालिटी

चीजों को समझने और टॉपिक की नॉलेज।

एटीड्यूड और आत्मविश्वास।


कैसी होती है जीडी की प्रक्रिया
पहल करें: फैक्ट्स और आंकड़ों के साथ विषय की पूरी जानकारी होना ही काफी नहीं है। कम से कम विषय की बुनियादी जानकारी भी अच्छी होनी चाहिए। अपनी स्पीच को दिलचस्प बनाने के लिए, आप एक उदाहरण के साथ शुरू कर सकते हैं जो टॉपिक को समझाने में मदद करे।

लीड करें: हो सकता है जीडी में कई बार ऐसा हो कि आपको टॉपिक जानकारी ना हो। ऐसे में अन्य लोगों की बात ध्यान से सुनें और समझें। फिर खुद को एक बार चर्चा से जोड़ें और कोशिश करें की आप जीडी को लीड करें।

चीजों को छोटा करें: जिस भी टॉपिक पर चर्चा हो रही हो उसे छोटे-छोटे में पॉइन्ट्स में समझाएं। पॉइन्ट्स भी वही बनाएं जिनसे टॉपिक का पूरा सारांश समझ आ रहा हो।

GD क्रैक करने के नियम:
1) अपीरियंस: फॉर्मल कपड़े पहनें। खुद को इस तरह से रखें कि जो भी देखे आपकी तारीफ करे।
2) आई कांटेक्ट करें: आपका आत्मविश्वास आपकी आंखों में दिखता है। इसलिए चर्चा के दौरान अन्य लोगों से आई कॉन्टैक्ट करें।
3) डॉमिनेट करने से बचें: हमेशा याद रखें कि चर्चा एक लड़ाई नहीं है। इसलिए किसी भी विषय में खुद को शांत रखें और किसी पर भी हावी ना हों।
4) दखल देने से बचें: किसी से बात करते समय बीच में टोकें नहीं। हर किसी के पास अपनी सोच है। हर एक का सम्मान करें।
5) विचारों और आवाज को स्पष्ट रखें: हमेशा अपनी आवाज को स्पष्ट रखें। इसके साथ ही अपने विचारों को भी स्पष्ट रूप से रखें।
6) टॉपिक से ना भटकें: अपने विचार रखते वक्त विषय से ना भटकें।
 
जीडी तीन प्रकार का होता है:
1) विषय आधारित जीडी: ये किसी खास टॉपिक पर आधिरित हो सकता है। जैसे "कैसे प्लास्टिक धरती को नुकसान पहुंचा रही है।"
2) केस-आधारित जीडी: ये किसी भी केस स्टडी पर आधारित हो सकता है, जो असल जिंदगी में स्थिति को दिखाता हो। इसमें ग्रुप को पहले से रिसर्च वर्क दिया जाता है और इसकी तैयारी के लिए कुछ समय भी दिया जाता है। ग्रुप को स्टडी समझना होता है और हल करने के लिए समाधान ढूंढना होता है।
3) आर्टिकल बेस्ड जीडी: इस तरह के जीडी में उम्मीदवारों को आर्टिकल दिया जाता है। यह राजनीति, खेल, टेक्नोलॉजी से जुड़ा हुआ सकता है। उम्मीदवारों को चर्चा के लिए समय दिया जाता है। इससे पता लगाया जाता है कि उम्मीदवार अपने आस-पास होने वाली चीजों को लेकर कितने अवेयर है।
ग्रुप डिस्कशन एमबीए और दूसरे कॉम्पिटीटिव एग्जाम्स में कराया जाता है, ये अपनी नॉलेज को बताने का एक बेहतरीन तरीका होता है।

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कैसे बनाएं अच्छा रेज्यूमे

रेज्यूमे तैयार करना भी आसान बात नहीं हैं क्योंकि आप इसमें आप इसमें अपनी उपलब्धियों, कौशल और क्षमताओं का जिक्र करते हैं। अगर फ्रेशर हैं और पहली बार रेज्यूमे बना रहे हैं ये और भी मुश्किल लगता है।

आज कई तरह के रेज्यूमे फॉर्मेट मौजूद हैं। लेकिन ये सभी, मुश्किल हल करने की बजाय कंफ्यूज करते हैं। जब आप रेज्यूमे बनाने की शुरुआत करते हैं तो घबरा जाते हैं कि क्या लिखें और क्या ना लिखें? तरह-तरह के सवाल मन में आने लगते हैं जैसे खुद के बारे क्या लिखूं? अपने बारे में लिखा कहां से शुरू करूं? कितना लिखूं? हम दे रहे हैं इन्हीं सवालों के जवाब... जिसकी मदद से आप एक अच्छा रेज्यूमे बना पाएंगे जो कंपनी के एचआर पर आपका पहला इम्प्रेशन छोड़ेगा।
सबसे पहले कोशिश करें कि रेज्यूमे आपके बारे में सटीक जानकारी दे। आपका परिचय एक जिम्मेदार और ईमानदार व्यक्ति के रूप में करवाए। एक अच्छा रेज्यूमे आपको परिपक्व दिखाने में भी मदद करता है।

यहां हम आपको बता रहे हैं कुछ आसान से टिप्स ...
 

एक रेज्युमे के प्रकार को चुनें
सबसे पहले किस तरह का रेज्युमे तैयार करना चाहते हैं यह तय करें। जैसे - फंक्शनल, क्रोनोलॉजिकल और कॉम्बिनेशन। अपनी जरूरत के मुताबिक, इनमें से एक प्रकार को चुनें। फंक्शनल रेज्युमे फ्रेशर्स के लिए बेहतर होता है। क्योंकि ये कौशल पर केंद्रित होता है ना कि अनुभव पर। फंक्शनल रिज्यूमे बनाने के लिए आप आप गूगल की भी मदद ले सकते हैं।

एक आकर्षित हेडर बनाएं
रेज्युमे पर लिखा गया हेडर आकर्षित होना चाहिए, चाहे वो आपका नाम हो, ई-मेल आईडी हो या फोन नंबर हो। अपनी पर्सनल डिटेल सबसे पहले लिखें, जिससे एचआर को आपकी प्रोफाइल समझने में आसानी हो।

अपना ऑब्जेक्टिव लिखें
चूंकि आप नए हैं तो आप अपने करियर को शुरू करने और उसे दिशा देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसलिए, एक प्रभावशाली और व्यावहारिक करिअर ऑब्जेक्टिव लिखें जो स्पष्ट रूप से आपके गोल्स को बताता है। लेकिन कुछ शब्दों और वाक्यों से बचें.. जैसे मैं एक नौकरी / कंडिशन / करियर की मांग कर रहा हूं। क्योंकि आप नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं तो आप किसी भी तरह की मांग नहीं कर सकते हैं। अपने ऑब्जेक्टिव को सटीक और साफ लिखें ये एचआर को आपके बारे में समझाने में मदद करेगा।

पढ़ने लायक बनाएं
रेज्युमे को दूसरा इंसान ही पढ़ेगा। हो सकता है कि इसे एक से ज्यादा लोग पढ़ें इसलिए इसमें लिखी गई सभी बातें आसान शब्दों में लिखें ताकि इसे हर कोई पढ़ और समझ सके। एरिअल, कैलीग्राफी और रोमन लिखावट में ना लिखें। जहां जरूरत ना वहां कैपिटल लेटर ना लिखें। शब्दों के बीच उचित अंतर रखें। इनका साइज भी सही को इसका ध्यान रहे, जैसे 16 फॉन्ट साइज हैडिंग और रनिंग मैटर के लिए साइज 12 रखें।  


कीवर्ड जोड़ें
कई रिक्रूटर्स ATS (एप्लिकेंट ट्रैकिंग सिस्टम) का इस्तेमाल रिज्यूमे को शॉर्टलिस्ट करने के लिए करते हैं, इसलिए अपने रिज्यूमे में जॉब से संबंधित कीवर्ड शामिल करें। JD (जॉब डिस्क्रिप्शन) को ध्यान से पढ़ें और समझें कौन से शब्द स्किल और आपकी क्षमता को बताते हैं जिसकी रिक्रूटर को तलाश है।

उपलब्धियों को हाइलाइट करें
चूंकि आपके पास कोई अनुभव नहीं है, इसलिए अपनी उपलब्धियों को हाइलाइट करना बुद्धिमानी है। उन सभी खूबियों को शामिल करें जो आपने पढ़ाई के दौरान, एक्स्ट्रा करिक्यूलर एक्टीविटीज और प्रोजेक्ट्स में हासिल की है। अगर आपने इंटर्नशिप की है तो इसका भी उल्लेख करें।

अपना रेज्यूमे प्रूफ-रीड करें
रेज्यूमे में अगर किसी भी तरह की ग्रामेटिकल मिस्टेक होती हैं तो वो आपका इम्प्रेशन खराब कर सकता है। इसलिए अपने रेज्युमे को ध्यान से पढ़ें, हो सके तो इसे किसी और से भी एक पार प्रूफ-रीड करवा लें।

उम्मीद करते हैं कि ये टिप्स आपके काम आएंगे।    

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