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छोटे बिजनेस करने के बेहतरीन आइडियाज

क्या आप कम इनवेस्टमेंट के साथ भारत में अपना बिजनेस करना चाहते हैं। अगर हां, तो हम आपको बता रहे हैं कुछ बिजनेस आइडियाज
Richa DubeyContent Writer

किसी भी बिजनेस को शुरुआत में हल्का-फुल्का नहीं समझना चाहिए। खासतौर भारत में, क्योंकि यहां कभी भी कुछ भी हो सकता है। जैसे यहां टैक्स रेट बहुत जल्दी घटता-बढ़ता है। 2030 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। ये हमारी लोकतंत्र, जनसांख्यिकी के साथ-साथ मांग के कारण संभव हो सकता है। भारत में युवाओं की सबसे बड़ी आबादी भी है। इस वजह से यहां बिजनेस करना आसान है क्योंकि युवाओं का तेज दिमाग और नई सोच बिजनेस को संभव करने में मदद करता है।

प्राइवेट ट्यूशन / मेंटरिंग: ये एक बेहद फायदेमंद बिजनेस है। इससे अच्छी आय भी होती है। आप पड़ोस या किसी भी बड़े ग्रुप को अपनी सेवाएं दे सकते हैं। इसके लिए आपको केवल उन सब्जेक्ट्स में एक्सपर्ट होने की जरूरत है, जिन्हें आप पढ़ाना चाहते हैं।
स्टेशनरी की दुकान: स्टेशनरी, स्कूल की किताबों या सामान्य पुस्तकों की बिक्री एक अच्छा सौदा साबित होती है। इस बिजनेस में आपको नई पुस्तकों के साथ अपडेट होना होगा। इसके अलावा सामान बेचने की अच्छा कौशल भी होना चाहिए।
फूड डिलीवरी बिजनेस: किसी भी ग्राहक को घर बैठे या अपने काम करने वाली जगह पर खाने का सामान मिल जाए तो इससे अच्छा कुछ नहीं होता है। कई लोग जल्दी में तो कुछ काम के चलते खाने का डिब्बा भूल जाते हैं। ऐसे वो चाहते हैं कि उन्हें खाने का डिब्बा कोई डिलीवरी कर दे, जिससे वो घर का खा सके। ऐसे लोगों तक खाने के डिब्बे पहुंचा कर आप फूड डिलीवरी बिजनेस में उतर सकते हैं।
ग्रोसरी शॉप: चाहे भारत में कितने भी सुपर मार्केट आ जाएं, लेकिन गली और नुक्कड़ पर बनीं किराने की दुकान कभी खत्म नहीं हो सकती है। उन दुकानों की अपनी जगह है। शुरुआत में आप किराने की दुकान में कम कीमत में सामान उपलब्ध करवा सकते हैं। इससे आपके ग्राहक बढे़ंगे और आप धीरे-धीरे अपना बिजनेस जमा सकते हैं।  
बीमा एजेंट: एक बीमा एजेंट होने के नाते फाइनेंशियल प्लान्स की अच्छी समझ और बोलने का कौशल अच्छा होना चाहिए, ताकि ग्राहक उस प्लान को खरीदे जिसमें आपको कमीशन अच्छा मिले और ग्राहक को भी फायदा अच्छा हो। यह एक व्यवसाय है जिसे आप अपने खाली समय में कर सकते हैं।
स्वतंत्र लेखक / एसईओ सलाहकार: अगर आप लेखन में अच्छे हैं, तो आप एक स्वतंत्र लेखक बन सकते हैं। आप किसी भी मैग्जीन, न्यूज पेपर या वेबसाइट के लिए लिख सकते हैं। फ्रीलांस लेखन में आप किसी के लिए बाध्य नहीं होंगे और नौकरी की झंझटों से बच सकेंगे।
कार ड्राइविंग स्कूल: आपको एक ऐसा क्षेत्र चुनने की आवश्यकता होगी, जहां अधिकांश लोग गाड़ी चलाना नहीं जानते हों और सीखना चाहते हों। आप लोगों को ड्राइविंग सिखा कर अच्छा पैसा कमा सकते हैं।
वेब डिजाइनर: वेब डिजाइनर्स की आजकल लगभग हर कंपनी में जरूरत होती है। यही कारण है कि आज फ्रीलांस वेब डिजाइनर बनना लोगों की पहली पसंद बन गया है। वेब डिजाइन उन लोगों की पहली पसंद है जो वेबसाइट या एप के लिए काम करते हैं।
हाउसकीपिंग सर्विस: इसका बहुत स्कोप है, खासकर तब जब हमारे आसपास के ज्यादातर लोग इन दिनों काम कर रहे हैं। इन सेवाओं में गृहिणी, दाई, बड़े लोगों के लिए देखभाल करने वाले, सफाई कर्मचारी, आदि शामिल हो सकते हैं। इस बिजनेस के लिए आपके पास हाउस हेल्पर्स का एक अच्छा नेटवर्क होना चाहिए। इन लोगों को आप सही घरों में भेज कर अच्छा कमीशन कमा सकते हैं।
कैटरिंग बिजनेस: यह एक शानदार साइड बिजनेस आइडिया है।अगर खाना बनाने और खाने के शौकीन है तो इस क्षेत्र आपको जरूर जाना चाहिए। इस बिजनेस के लिए आपका नेटवर्क अच्छा होना चाहिए। शुरुआत में आप थोड़ा ज्यादा खाना डिलीवर करवाएं। इसके अलावा उनसे कहें कि अगर किसी और खाने के ऑर्डर देने हैं तो वो आपको ही फूड ऑडर्स दें।
इससे फर्क नहीं पड़ता है कि आपकी फुल टाइम जॉब आपको कितनी संतुष्टि दे सकती है। सही साइड बिजनेस अच्छे आइडियाज को ढूंढता है, लेकिन खुद का बिजनेस करना किसी भी अच्छी नौकरी और अच्छे वेतन से अच्छा होता है खुद का बिजनेस होता है। हलांकि ये सही भी है कि नौकरी से ज्यादा एफर्ट्स की जरूरत बिजनेस में होती है, लेकिन इन एफर्ट्स का नतीजा किसी भी नौकरी में मिलने वाली शाबाशी से अच्छा ही होता है।  

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ग्रुप डिस्कशन को कैसे क्रैक करें

आप अपनी कम्युनिकेशन से अच्छा इम्प्रेशन बना सकते हैं।
Richa DubeyContent Writer

कम्यूनिकेशन स्किल जिंदगी के हर पड़ाव पर काम आती है, खासतौर पर कॉर्पोरेट जॉब और हायर एजुकेशन में। दरअसल पहला इम्प्रेशन ही लास्ट इम्प्रेशन होता है। जिस तरह से आप बात करते हैं वो बताता है कि आप आगे चलकर किस तरह के प्रोफेशन का हिस्सा बन सकते हैं। ग्रुप डिस्कशन (जीडी) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका इस्तेमाल ज्यादातर कॉर्पोरेट, यूनिवर्सिटीज और बड़े ऑर्गेनाइजेशन्स में किया जाता है। ये पार्टिसिपेंट्स की कम्युनिकेशन स्किल को परखने का एक तरीका होता है। यहां हम आपको बता रहे हैं अपनी कम्युनिकेशन से अच्छा इम्प्रेशन बना सकते हैं।

जीडी में किस तरह की स्किल्स को परखा जाता है-

दूसरों के साथ बात करते वक्त आप कितने अच्छे हैं?

आप एक समूह के भीतर कैसे व्यवहार और बातचीत करते हैं?

क्या आप खुले विचारों वाले व्यक्ति हैं?

आपमें सुनने का कौशल है या नहीं?

आप अपने विचार कैसे रखते हैं?

टीम को लीड करने की क्वालिटी

चीजों को समझने और टॉपिक की नॉलेज।

एटीड्यूड और आत्मविश्वास।


कैसी होती है जीडी की प्रक्रिया
पहल करें: फैक्ट्स और आंकड़ों के साथ विषय की पूरी जानकारी होना ही काफी नहीं है। कम से कम विषय की बुनियादी जानकारी भी अच्छी होनी चाहिए। अपनी स्पीच को दिलचस्प बनाने के लिए, आप एक उदाहरण के साथ शुरू कर सकते हैं जो टॉपिक को समझाने में मदद करे।

लीड करें: हो सकता है जीडी में कई बार ऐसा हो कि आपको टॉपिक जानकारी ना हो। ऐसे में अन्य लोगों की बात ध्यान से सुनें और समझें। फिर खुद को एक बार चर्चा से जोड़ें और कोशिश करें की आप जीडी को लीड करें।

चीजों को छोटा करें: जिस भी टॉपिक पर चर्चा हो रही हो उसे छोटे-छोटे में पॉइन्ट्स में समझाएं। पॉइन्ट्स भी वही बनाएं जिनसे टॉपिक का पूरा सारांश समझ आ रहा हो।

GD क्रैक करने के नियम:
1) अपीरियंस: फॉर्मल कपड़े पहनें। खुद को इस तरह से रखें कि जो भी देखे आपकी तारीफ करे।
2) आई कांटेक्ट करें: आपका आत्मविश्वास आपकी आंखों में दिखता है। इसलिए चर्चा के दौरान अन्य लोगों से आई कॉन्टैक्ट करें।
3) डॉमिनेट करने से बचें: हमेशा याद रखें कि चर्चा एक लड़ाई नहीं है। इसलिए किसी भी विषय में खुद को शांत रखें और किसी पर भी हावी ना हों।
4) दखल देने से बचें: किसी से बात करते समय बीच में टोकें नहीं। हर किसी के पास अपनी सोच है। हर एक का सम्मान करें।
5) विचारों और आवाज को स्पष्ट रखें: हमेशा अपनी आवाज को स्पष्ट रखें। इसके साथ ही अपने विचारों को भी स्पष्ट रूप से रखें।
6) टॉपिक से ना भटकें: अपने विचार रखते वक्त विषय से ना भटकें।
 
जीडी तीन प्रकार का होता है:
1) विषय आधारित जीडी: ये किसी खास टॉपिक पर आधिरित हो सकता है। जैसे "कैसे प्लास्टिक धरती को नुकसान पहुंचा रही है।"
2) केस-आधारित जीडी: ये किसी भी केस स्टडी पर आधारित हो सकता है, जो असल जिंदगी में स्थिति को दिखाता हो। इसमें ग्रुप को पहले से रिसर्च वर्क दिया जाता है और इसकी तैयारी के लिए कुछ समय भी दिया जाता है। ग्रुप को स्टडी समझना होता है और हल करने के लिए समाधान ढूंढना होता है।
3) आर्टिकल बेस्ड जीडी: इस तरह के जीडी में उम्मीदवारों को आर्टिकल दिया जाता है। यह राजनीति, खेल, टेक्नोलॉजी से जुड़ा हुआ सकता है। उम्मीदवारों को चर्चा के लिए समय दिया जाता है। इससे पता लगाया जाता है कि उम्मीदवार अपने आस-पास होने वाली चीजों को लेकर कितने अवेयर है।
ग्रुप डिस्कशन एमबीए और दूसरे कॉम्पिटीटिव एग्जाम्स में कराया जाता है, ये अपनी नॉलेज को बताने का एक बेहतरीन तरीका होता है।

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