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कैसे बनें बुलिंग का शिकार हो रहे शख्स के दोस्त ?

अगर आप किसी ऐसे शख्स को जानते हैं जो बुलिंग का शिकार हो रहा है और मदद करना चाहते हैं लेकिन समझ नहीं आ रहा कि क्या करें तो इसे पढ़ें...

कृति ने महसूस किया था कि जब भी वो अपने दोस्तों के आस-पास जातीं या उनसे बात करने की कोशिश करतीं तो वे लोग उससे दूर चले जाते। साथ ही वे जो बात कर रहे होते थे, उसे वहीं रोक देते थे ताकि कृति उसे सुन ना ले। ये सब देखकर उसे अजीब सा महसूस हुआ और अकेलापन भी। वो इन चीजों से इतना परेशान नहीं हुआ करती थी। लेकिन उसे एक बात काफी बुरी लगी थी। दरअसल, क्लास की सभी लड़कियों ने एक रात पार्टी करने का प्लान बनाया और उसे नहीं बुलाया। सभी लड़कियां जहां एक तरफ अच्छे कपड़े और मेकअप के साथ पार्टी एंजॉय कर रही थीं। वहीं, दूसरी तरफ कृति अपने घर पर बैठकर मैथ्स के सवाल हल कर रही थी और बेहद उदास थी।

कृति के माता-पिता का तलाक होने वाला था लेकिन उसने ये बात अपने छोटे भाई को नहीं बताई थी क्योंकि तलाक और माता-पिता के अलगाव को समझने के लिए वह बहुत छोटा था। अब कृति क्या करेगी? अगर आप कृति के दोस्त होते तो क्या करते? यहां हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप अपनी दोस्त को बेहतर महसूस करवाने में मदद कर सकते हैं।

उसकी समस्या तक पहुंचे
इस वक्त कृति एक इंसान से बात करना चाहती है जिस पर वो भरोसा कर सके। अगर आप उसकी मदद करने की स्थिति में हैं, तो उससे संपर्क करें। उम्मीद चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर के साइकोलॉजिस्ट शमीन मेहरोत्रा कहते हैं, "बहुत से छात्र पक्ष नहीं लेना चाहते हैं, लेकिन कुछ हैं जो मदद के लिए हाथ बढ़ाना चाहते हैं"। वह कहते हैं कि जिसे बुलिंग का शिकार होना पड़ा है उसे समझाना आसान होता है। उससे कहें "यह आपकी गलती नहीं है," उन्हें बेहतर महसूस होगा। बुलिंग इन दिनों बेहद आम हो गई है, लोग सोशल मीडिया पर भी ऐसा कर रहे हैं।

संवाद प्रमुख है
दोस्ती मुश्किल है और अक्सर किशोरों को दोस्त बनाने या लंबे वक्त तक अच्छा दोस्त बनाए रखने में संघर्ष करना पड़ता है। दोस्तों के ग्रुप स्टॉक मार्केट की तरह बदलता है। जिसे बुलिंग का शिकार होना पड़ता है वो पल भर में बिखर जाता है। लेकिन, आप सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। एक दोस्त के रूप में आप अचानक "हैलो" कहकर या उन्हें बधाई देकर बातचीत शुरू कर सकते हैं।

आप यह भी कह सकते हैं:

  • साथ खाना खा लो?
  • आज आप अच्छे लग रहे हैं।
  • यह अच्छा है, मैं दूसरों को भी बताऊंगा।
  • एक फिल्म देखने चलते हैं?
  • जूते अच्छे हैं!

ये ना कहें

  • उनसे यह पूछने से बचें कि वे कैसा महसूस कर रहे हैं। बल्कि उनसे उनके दिन के बारे में पूछें। उन चीजों का सुझाव दें जो वे एकसाथ कर सकते हैं। उनसे कहें कि वो आपसे अपनी बातें साझा कर सकते हैं।
  • हो सकता है कि कृति शुरू में बात नहीं करना चाहती हो लेकिन उसे आपकी कंपनी बुरी नहीं लगेगी। हो सकता है कि उसे आप पर भरोसा करने में समय लगे, इसलिए धैर्य रखना जरूरी है।

आप उस इंसान से भी बात करें जो बुलिंग करता है

  • जब वो बुलिंग कर रहा हो तो उसका ध्यान भटकाएं, वक्त क्या हो रहा है या क्लास के बारे में पूछें।
  • जिसे वो चिढ़ा रहा हो उसके बगल में खड़े हो जाएं।
  • बुलिंग करने वाले से कहें कि ऐसा ना करें या कुछ और अच्छा करने की सलाह दें। 

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जानिए साइबर बुलइंग से जुड़े मिथक

इसे पढ़ें और समझें कि कहीं आप साइबर बुलिंग का शिकार तो नहीं।

सोशल मीडिया एक मजेदार जगह है जहां आप अपने विचार, एक्सप्रेशंस सभी कुछ शेयर कर सकते हैं और नए लोगों से जुड़ भी सकते हैं। लेकिन इसके साथ ही यह लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बन सकती है। यह लोगों पर नकारात्मक असर भी छोड़ता है।

लोगों की फेक प्रोफाइल बनाना, गलत कमेंट्स पोस्ट करना, किसी के भद्दे फोटो पोस्ट करना, धमकी देना आदि कई उदाहरण हैं जो साइबर बुलिंग में शामिल हैं। इसका सिर्फ एक ही मकसद होता है लोगों को परेशान करना, अपमानित करना, शर्मिंदा करना या डराना।

केवल साइबर बुलिंग ही लोगों को परेशान करने का एकमात्र माध्यम नहीं है। यह भी संभव है कि जिन बातों को हम आमतौर पर साइबर बुलिंग नहीं मानते हैं, वे वास्तव में वही हों। साइबर बुलिंग से जुड़े यहां कुछ मिथक हैं जिनका हम पर्दाफाश करना चाहते हैं।

मिथक: साइबर बुलिंग में शारीरिक शोषण शामिल नहीं है, इसलिए इससे किसी को नुकसान नहीं होता है।
फैक्ट : सोशल मीडिया पर उसे लगातार नाम से बुलाना और ताना मारना कई लोगों को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करता है। इससे पीड़ित की भावना, आत्मसम्मान और उनकी चीजों को सहने की क्षमता से मजाक बनता है।

मिथक: जिस व्यक्ति को निशाना बनाया जा रहा है, वह सोशल मीडिया पर नहीं है, इसलिए यह वास्तव में महत्वपूर्ण नहीं है।
फैक्ट : बेशक यह बहुत मायने रखता है। किसी के बारे में बात करना वास्तव में बुरा है, जो यह भी नहीं जानता है कि आप उसे परेशान कर रहे हैं और उनके पास अपने बचाव का कोई साधन नहीं है। इसके अलावा, वह व्यक्ति कभी न कभी तो सोशल मीडिया पर शामिल हो सकता है और नफरत भरे संदेश या एक फोटो देख सकता है जो निजी थे। यह अफवाहों और बुरी घटनाओं के होने जैसा है, जो आपकी पीठ पीछे आपके बारे में कही जा रही हैं और आपको बाद में पता चलता है - जबकि नुकसान पहले ही हो चुका है।

 

मिथक: अगर आप पोस्ट, टिप्पणी या नकली प्रोफ़ाइल को हटाते हैं तो यह बदमाशी नहीं है।
फैक्ट: आप सोशल मीडिया पर जो भी पोस्ट करते हैं, उसे एक URL मिलता है, इसलिए यह साइबरस्पेस हिस्ट्री में हमेशा के लिए रहता है। इंटरनेट पर कोई भी खबर जंगल में आग की तरह फैलती है और जैसा कि कहा जाता है - पहला इम्प्रेशन ही सबसे खास होता है। इसके अलावा, भले ही आपने किसी के निजी जीवन या करियर को "अपनी खुशी के लिए" परेशान किया हो या कोई और कारण से, यह सच्चाई सामने आ ही जाती है कि वह आप ही थे, जिसने धमकाने की कोशिश की थी। इससे नतीजे सामाजिक तौर पर बुरे होते हैं।

मिथक: यह केवल सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स फेसबुक, ट्विटर, स्नैपचैट, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर होता है।
फैक्ट : साइबर बुलिंग ईमेल, व्यक्तिगत चैट, व्हाट्सएप या टेक्स्ट पर आपके फोन के माध्यम से भी हो सकती है। आपको ईमेल पर भी धमकी भरे या अपमानजनक संदेश, वीडियो और तस्वीरें मिल सकती हैं।

मिथक: यह अवैध नहीं है, इसलिए यह संभवत: बड़ी बात नहीं है।
फैक्ट : साइबरबुलिंग भारत में आईटी / साइबर / आपराधिक कानूनों के तहत आता है। तीन साल तक की सजा के साथ दंडनीय अपराध है।

कभी-कभी, जो पोस्ट और टिप्पणियां हम अपने मज़े के लिए करते हैं, वह किसी और के लिए बहुत बड़ी समस्या में बदल सकती है। इसलिए सोशल मीडिया पर अधिक सावधान और सतर्क रहें। आपको मदद चाहिए? हम आप के लिए हैं!

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