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टीनएजर्स कैसे पढ़ाई के साथ हॉबीज फॉलो करें ?

आसान टिप्स के जरिए पढ़ाई के साथ शौक को भी रखे जारी
Richa DubeyContent Writer

टीनएज में पढ़ाई के साथ अपनी हॉबीज को बनाएं रखना भी एक अहम काम है। यहां हम आपको कुछ टिप्स दे रहे हैं जिनकी मदद से आप पढ़ाई के साथ-साथ अपनी हॉबीज को भी अच्छी तरह से फॉलो कर सकेंगे।


टीनएज में बच्चे शारीरिक और मानसिक बदलाव से गुजरते हैं। इस आर्टिकल के जरिए हम टीनएज बच्चों की उलझनों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल इस उम्र में बच्चे अपनी जिंदगी के अहम मोड़ से भी गुजरते हैं, जब उन्हें अपने शौक और पढ़ाई में से किसी एक को चुनना होता है। पढ़ाई जहां एक तरफ अच्छे मार्क्स लाने और अपने करिअर को सही दिशा देने के लिए जरूरी है। ठीक उसी तरह हॉबीज पर्सनालिटी को निखारने मदद करती है। इसके अलावा ये करिअर का एक अन्य विकल्प भी हो सकती है। हर किसी की हॉबीज अलग-अलग होती हैं। पढ़ाई के साथ अपनी हॉबी से जुड़े रहना लाइफ को अलग तरह से आगे बढ़ने में करता है।
यहां कुछ टिप्स हैं जिनकी मदद से आप पढ़ाई के साथ अपनी हॉबी से जुड़े रहेंगे।
लक्षय तय करिए और प्लान बनाइए
नॉर्मन विंसेंट पील का एक फेमस कथन है- 'हर सफल व्यक्ति को अपना लक्ष्य पता होता है। सफलता तब तक नहीं मिलती है जब तक ये ना पता कि जीवन में हमें कहां जना है और क्या हासिल करना है।'
ये बिलकुल सही कहा गया है- अगर आपके पास लक्ष्य नहीं हैं तो आप सफल नहीं हो सकते हैं। इसलिए सबसे लक्ष्य निर्धारित करें और अपने शौक को समय जरूर दें। इसके बाद आप आसानी से पढ़ाई के साथ अपने शौक के लिए समय निकाल पाएंगे।
आप उन लोगों के साथ वक्त बिताएं जिनकी हॉबीज आपकी तरह हैं
अपनी हॉबी को बनाएं रखने के लिए इसे लेकर ज्यादा तनाव ना लें। क्योंकि हॉबीज हमेशा ही तनाव को कम करती है। अपनी हॉबी को जारी रखने के लिए परिवार और दोस्तों के साथ इसे आगे बढ़ाएं। इसके बाद क्लब या क्लासेस ज्वाइन करें।
अपनी हॉबी से जुड़े सोशल मीडिया ग्रुप ज्वाइन करें और प्रोफेशनल लोगों को फॉलो करें
खुद को डीमोटीवेट होने से बचाना बहुत जरूरी है। फील्ड प्रोफेशनल्स डीमोटीवेट होने से बचाते हैं। किसी भी चीज की शुरुआत करने पर आप उसमें एक दम नए होते हैं, तो पर्फेक्ट होने का तो सवाल ही नहीं उठता है। ऐसे में प्रोफेशनल्स को फॉलो करना लक्षय हासिल करने में मदद करता है।
प्रोटेक्शन रखना अच्छी बात है, लेकिन ये इतनी भी जरूरी नहीं है
शुरुआत में दिक्कतें महसूस होंगी। क्योंकि आपको पढ़ाई के साथ हॉबी को जारी रखने की आदत नहीं हैं, लेकिन खुद को थोड़ा वक्त देने के बाद ये काफी आसान लगने लगेगा। अंत में यही कहना हैं कि आपको खुद पर किसी भी तरह का प्रेशर फील करने की जरूरत नहीं है। पढ़ाई के साथ हॉबीज को जारी रखना आपकी पर्सनालिटी को निखारने के लिए ये बेहद जरूरी है। आप हॉबीज और पढ़ाई को साथ में लेकर चलिए, इससे करिअर चुनते वक्त आपको परेशानी नहीं होगी। अपनी स्किल्स को सुधारने के लिए अपने परिवार और दोस्तों से उनकी राय जरूर लें। इसके अलावा खुद का आंकलन भी करें।

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कॉलेज में टीचर्स के साथ कैसे जुड़ें

चाहे स्कूल से कॉलेज पहुंचना कितना भी उत्त्साहित क्यों न लगे, मगर यह भी बहुत कठिन होता है।
Richa DubeyContent Writer

स्कूल से कॉलेज पहुंचने की बात सोचनेभर से ही टीनएजर्स में उत्साह की लहर भी दौड़ जाती है। आजादी मिलना इन्हें बहुत खुश कर देता है वहीं अचानक यह सब मिलना उन्हें रास्ते से भटका भी सकता है।  कॉलेज और स्कूल में पढ़ाई का तरीका पूरी तरह अलग होता है। कॉलेज से अधिक से अधिक सीखने के लिए, आपको अध्ययन के बारे में अनुशासित होने के अलावा शिक्षकों के साथ खुद को जोड़ने की भी जरूरत होती है।

जानिए कैसे कॉलेज में टीचर्स के साथ जुड़ा जा सकता है :

हमेशा क्लास अटेंड करें

रेगुलर अटेंडेंस केवल टीचर्स के साथ अच्छे रिलेशन बनाने के लिए ही नहीं बल्कि ध्यान से पढ़ने के लिए भी जरूरी है। इससे सिलेबस के टॉपिक छूटने की आशंका भी कम हो जाती है। यह मैटर नहीं करता कि क्लास में कितने ज्यादा स्टूडेंट्स हैं, अगर आप रोज क्लास अटेंड करेंगे तो टीचर को खुद समझ आ जाएगा कि क्लास में कौन आया है और कौन नहीं।

जब आपको इमरजेंसी के कारण क्लास छोड़नी पड़े

अपने किसी अच्छे क्लासमेट से स्टडी नोट्स लें और उन्हें पूरा करें। अगली क्लास में टीचर को क्लास छोड़ने का कारण बताएं और अपना वर्क भी कम्पलीट कर के दें। टीचर्स हमेशा ईमानदारी की सराहना करते हैं।

कभी भी क्लास में लेट न जाएं

क्लास में लेट आना गलत इम्प्रेशन डाल सकता है। क्लास का शुरूआती समय जरूरी होता है क्योंकि इस दौरान टीचर प्रोजेक्ट्स, असाइनमेंट्स, प्रेजेंटेशन्स से जुड़ी हुई जानकारी देते हैं। इस बात का जरूर ध्यान दें कि समय पर असाइनमेंट्स और प्रोजेक्ट सब्मिट करें।

प्रोफेसर से मिलें 

जब भी आप प्रोफेसर से मिलें समय का खास का ध्यान दें। अगर आपको अपॉइंटमेंट कैंसिल करनी हो तो उन्हें पहले से इसकी सूचना दे दें। यह आपकी जवाबदारी है कि आप इसका ध्यान दें।

जगह ढूंढो

अपने प्रोफेसर के विभाग और उसकी सीट का पता पहले से लगाएं ताकि आपको बाद में उस जगह की तलाश में समय बर्बाद न करना पड़े।  

विनम्र रहें

कभी-कभी कक्षा में जो चर्चा की जा रही है आप उससे सहमत होते हैं। प्रश्न पूछते समय शत्रुतापूर्ण व्यवहार न करें या आक्रामक तरीके से जवाब ना मांगें। किसी के जवाब से सहमत न होने या समझ न आने पर उनसे कह सकते हैं कि “कृपया इसे थोड़ी डिटेल में बताएंगे”।

बेहतर शिक्षण आप पर निर्भर करता है

छात्रों से मिले फीडबैक शिक्षकों की मदद करते हैं। इसलिए, विशिष्ट, सकारात्मक और रचनात्मक प्रतिक्रिया वास्तव में सीखने की स्थिति में सुधार कर सकती है।

हमेशा क्लास में बुक्स और नोटबुक लेकर आएं

इससे अच्छा इम्प्रेशन पड़ता है। यह भी समझ आता है कि पढ़ाई के लिए आप कितने उत्सुक और तैयारी के साथ हैं।

क्लास में स्टडी नोट्स किस तरह से अच्छे बना सकते हैं यह जानने के लिए इस वेबसाइट पर  क्लिक कीजिए https://www.teentalkindia.com/explore/academic-pressure/taking-notes-effectively-in-the-classroom

अधिकांश प्रोफेसरों को उनके सब्जेक्ट के अलावा अन्य सब्जेक्ट्स में भी दिलचस्पी होती है। कभी-कभी आपको लग सकता है कि आप और आपके प्रोफेसर में सामान्य रूचि है जो आपके पाठ्यक्रम पूरा करने के लंबे समय बाद एक अच्छे रिश्ते का आधार हो सकता है। एक प्रोफेसर के सर्किल में आप अपने बारे में और अधिक दिलचस्प चीजें जान और पहचान  सकते हैं। साथ ही, प्रोफेसरों को विशेष अवसरों के बारे में जानकारी होती है जो आपके लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

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