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विदेश में पढ़ना है तो कॉलेज रैंकिंग से ज्यादा कोर्स को महत्व दें

अपने अवसरों में वृद्धि के लिए यहां दी जा रही बातों पर आपको ध्यान देना चाहिए

विदेश में हायर स्टडी करना आकर्षक होने के साथ ही बेहतर कॅरिअर के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि आपकी प्राथमिकता भी विदेश में स्टडी करना है, तो आपको पता होना चाहिए कि ऐसा करने वाले आप अकेले नहीं हैं, क्योंकि हर साल लगभग तीन लाख भारतीय स्टूडेंट्स विदेश में शिक्षा प्राप्त करने के लिए अप्लाई करते हैं। बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीते पांच साल में यह संख्या 50 प्रतिशत बढ़ी है।

हालांकि आपको पता होना चाहिए कि आजकल ऐसे मामले भी सामने आते हैं जब विभिन्न देशों ने भारतीय स्टूडेंट्स की स्टडी वीजा एप्लिकेशंस को रिजेक्ट कर दिया। इस संदर्भ में ताजा मामला वर्ष 2016 की शुरुआत का है जब न्यूजीलैंड ने 3864 भारतीय स्टूडेंट्स का वीजा रिजेक्ट कर दिया था। ऐसे और भी बहुत-से कारणों को ध्यान में रखते हुए यहां उन सब बातों के बारे में चर्चा की जा रही है जिन्हें किसी फॉरेन यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए अप्लाई करते समय आपको ध्यान में रखना चाहिए।

पसंद के भ्रम से बाहर निकलने का प्रयास करें

- चूंकि विभिन्न देशों में सौ से भी अधिक यूनिवर्सिटीज हैं जो आकर्षक कोर्सेज उपलब्ध करवाती हैं, ऐसे में आपको बहुत-सी बातों पर विचार करना चाहिए। सबसे पहले आपको हरेक यूनिवर्सिटी में उपलब्ध उन कोर्सेज के बारे में रिसर्च कर लेना चाहिए जिनमें आप अपना भविष्य तलाश कर रहे हैं। शॉर्टलिस्ट करने से पहले अपनी रुचि वाले सब्जेक्ट्स को प्राथमिकता दें। इन सबके बीच खास बात यह है कि आपको अधिक यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए अप्लाई करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके लिए यूनिवर्सिटीज की प्राथमिकता के आधार पर लिस्ट बनाएं और फिर उनमें अप्लाई करें।

कोर्स कॉलेज के लिए ढूंढें सही कारण

- यदि आप फैशन डिजाइनिंग में डिग्री इसलिए प्राप्त करना चाहते है, क्योंकि आप इसे एक लोकप्रिय क्षेत्र मानते हैं या फिर आप एक क्रिएटिव पर्सन हैं, तो ध्यान रखें किसी भी कोर्स का चुनाव करते समय आपको उसमें अपनी इसी तरह की रुचि कारणों पर गौर जरूर करना चाहिए। कोर्स सलेक्शन आपके अपने एप्टिट्यूड, रिसर्च रुचि पर आधारित होना चाहिए। इसके बाद आपको किसी अच्छी यूनिवर्सिटी के लिए रिसर्च करना चाहिए। कई बार स्टूडेंट्स किसी यूनिवर्सिटी में इसलिए भी चले जाते हैं, क्योंकि उनके दोस्तों ने भी उसी यूनिवर्सिटी का चयन किया है। आपको इससे बचते हुए अपने बेहतर भविष्य के लिए धैर्यपूर्ण रिसर्च करना चाहिए।

प्रश्न करें रिसर्च पर दें मुख्य रूप से ध्यान

- जब आपको किसी यूनिवर्सिटी का कोई खास कोर्स पसंद जाए और आपके दिमाग में उससे जुड़ेप्रश्न रहे हों, तो आपको यह प्रश्न एक्सपर्ट में पूछने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। ध्यान रखें कि आपके प्रश्न करने से बहुत बार छिपी हुई सूचनाएं बाहर निकलती हैं जो आपके भविष्य के लिए बेहतर साबित होती हैं और आप अच्छे निर्णय कर पाते हैं। आप कोर्स ऑप्शन्स, पार्ट टाइम जॉब से जुड़ी ऑपर्च्युनिटीज, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज, इंटर्नशिप से संबंधित अवसर सहित और भी विभिन्न प्रश्न पूछ सकते हैं। ज्यादातर यूनिवर्सिटीज जो इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को एडमिशन के अवसर देती हैं, वे स्टूडेंट्स की क्वेरीज के लिए काउंसलर की सुविधा भी प्रदान करती हैं।

रैंकिंग पर नहीं, कोर्स वैल्यू पर गौर करें

- किसी भी यूनिवर्सिटी के बारे में जानकारी लेते समय उसकी रैंकिंग को देखकर उसके बारे में अपनी धारणा बनाएं। ध्यान रखें कि इंटरनेशनल यूनिवर्सिटीज की रैंकिंग्स एक निर्धारित समय में बदलती रहती हैं। कुछ यूनिवर्सिटीज में बेहतर विभाग या कोर्सेज उपलब्ध होते हैं, लेकिन ओवरऑल रैंकिंग्स में अच्छे स्थान प्राप्त करने की वजह से ये जानकारियां सामने नहीं पाती हैं। इस तरह आप इन विभागों या कोर्सेज में खुद को एनरोल करने का मौका गंवा सकते हैं। अतः बेहतर यही है कि आप ओवरऑल रैंकिंग को छोड़कर यूनिवर्सिटीज कोर्सेज के बारे में अपने स्तर पर रिसर्च करें।

हमेशा तैयार रखें अपना प्लान बी

- अधिकतर स्टूडेंट्स एक सामान्य गलती करते हैं कि वे अपने बैकअप ऑप्शंस को लेकर कोई योजना नहीं बनाते हैं। वास्तव में आपकी ड्रीम यूनिवर्सिटीज को हाई एंट्री आवश्यकताएं होती हैं, इसलिए आप खुद को सही कैंडिडेट समझते हों या नहीं, आपको अप्लाई करना चाहिए। ऐसा इसलिए कि किसी यूनिवर्सिटी में आपका सलेक्शन हो, तो कम से कम आपके पास दूसरे विकल्प तो मौजूद हों। इसके अतिरिक्त कई बार एडमिशन हो जाने की स्थिति में अधिक फीस होना भी आपके लिए समस्या का कारण बन सकता है, ऐसे में इसके लिए भी आपको दूसरे विकल्पों पर विचार करते हुए किसी दूसरी यूनिवर्सिटी में अप्लाई करने संबंधी विकल्प पर विचार करना चाहिए।

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How to prepare for NEET 2019 in 1 month?

"He who is best prepared can best serve his moment of inspiration"- Samuel Taylor

Given the high-stakes nature of NEET exam, most of the aspirants will be dealing with the anxiety and nervousness during their revision and preparations in the last 30 days before NEET 2019. Therefore, beating the stress and following the best preparation routine is the key factor for effective preparation of NEET UG 2019 in the last month. A healthy one month preparation tips of NEET is helpful for candidates to build upon a bed- rock of three components - a disciplined study routine, marathon revisions and regular mock test practice.

Study routine: Devote about 14 hours each day to studies combined with small breaks for an ideal last month study routine. Continuous studies will help aspirants regularize study schedule, reduce stress caused by indiscipline and provide ample time to revise the vast NEET syllabus in just a month. Divide the study hours between the revisions of NEET 2019 syllabus, NEET mock test practice and analysis of errors. Do not try to attempt/solve any other study materials which are not necessary. During the last preparatory days, students should just go through NCERT books which contain effective and in-depth knowledge of every topic.

Stress busters: Limit the presence of distractions like social media, games, etc. Use these only either as means for refreshment or as stress buster. Remember that these are to be used during study breaks only, and cracking the exam should remain the main goal. One can keep time for light physical exercises like yoga or meditation to reduce fatigue and remain fresh and calm. Take care of your physical and mental wellbeing. Eat a healthy & balanced diet and avoid junk foods. 

Question based revision: To revise a particular chapter/topic/unit from Physics or Chemistry, choose 45-50 random MCQ questions (as per NEET 2019 exam pattern) from that chapter/topic/unit and solve them in 45 minutes. For revision of Biology, choose 90 MCQ type questions at random from a chapter/topic/unit and solve them in 90 minutes. Repeat this strategy for revision of all chapters of Chemistry, Physics and Biology. This will simulate real exam environment wherein you will get on an average of 90 minutes each for Physics and Chemistry (45 questions each) and 90 minutes for Biology (90 questions).

Analyze performance: After every mock test, analyze the performance. Take notes of weak areas and work on them during revision time. Also keep a note of recurring mistakes, for instance, forgetfulness in converting units, etc. One week before the exam, read these notes so these mistakes are not repeated in the exam. Don’t read any new topics before 2-3 months of the exam. Just revise all the older ones. Take help from your mentors and teachers. They will help you in a better way regarding the weak areas.

NEET preparation requires a well-planned study plan in the last month, which will ensure that an appropriate amount of time is set aside for each subject. The above tips on how to prepare for NEET Exam will help you to make a solid strategic plan and give you the basic do’s and don’ts while your preparation.

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