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सोने से कम होता है वजन 

आपके शरीर को सोने से जो ऊर्जा मिलती है, वह अधिक कैलोरी, अत्यधिक स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों को खाने की मांग करती है

अगर आप अपनी कमर का साइज कम करना चाहते हैं और चाहते हैं कि आपका बेली फैट कुछ कम हो जाए तो अपने सोने का समय थोड़ा बढ़ा लीजिए। एक शोध में सामने आया है कि बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) और मोटापे के लिए कम या ज्यादा नींद जिम्मेदार होती है। कहने का मतलब है कि कम नींद भी वजन कम करने के लिए जिम्मेदार होती है और ज्यादा नींद भी वजन कम करने में मदद कर सकती है। लेकिन नींद भी उम्र पर निर्भर करती है जैसे नवजात शिशु 14 से 17 घंटे सोता है। लेकिन 24 से 64 साल के वयस्क 7 से 9 घंटे की नींद लेते हैं। 65 से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग 7 से 8 घंटे की नींद लेते हैं।

दरअसल नींद का हमारी उम्र के साथ जिस तरह का रिश्ता होता है ठीक वैसा ही हमारे वजन के साथ भी होता है। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो लंबी नींद लीजिए। यहां 5 मुख्य कारण बता रहे हैं कि किस तरह नींद वजन कम करने में मदद कर सकती है। 

ज्यादा जागना मतलब ज्यादा खाना

एक दिन में आप जितना ज्यादा जागे रहेंगे, खाने के लिए भी आपको ज्यादा मौके मिलेंगे। एक एक्सपरिमेंट में यह पाया गया कि अगर कोई व्यक्ति किसी दिन 1 घंटे 20 मिनट कम नींद लेता है तो वह रोजाना की अपेक्षा 559 कैलोरी ज्यादा खर्च करता है। ऐसे में खाने की क्षमता भी बढ़ती है। करीब 35% कैलोरी शाम 6 बजे बाद खर्च होती है, इसका ज्यादातर हिस्सा दोपहर और शाम की अपेक्षा देर रात के दौरान फैट से आता है।

आपके शरीर को सोने से जो ऊर्जा मिलती है, वह अधिक कैलोरी, अत्यधिक स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों को खाने की मांग करती है

क्योंकि होमियोस्टेसिस (ये शरीर में संतुलन बनाने के लिए जिम्मेदार होता है) शरीर को उर्जावान रखने के लिए निरंतर प्रयास करता है। ज्यादा देर तक जागने से आपका शरीर अधिक कैलोरी की मांग करता है जिससे नींद की भरपाई हो सके। नींद की कमी के चलचते वयस्क अधिक भोजन तो करते है कि बल्कि ये अधिक कार्ब्स, मीठा और फैट भी खा जाते हैं।अध्ययन के मुताबिक  7से 8 घंटे सोने वाले बैलेंस डाइट लेते हैं जबकि कम नींद यानी 5 से 6 घंटे सोने वाले लोग ज्यादा फाइबर, फैट, कार्बोहाइड्रेट और ज्यादा कैलोरी का सेवन करते हैं। कम नींद भूख को कंट्रोल करने वाले हार्मोन्स को प्रभावित करती है।

हम कम नींद के साथ अधिक आवेग-पूर्ण व्यवहार करते हैं

नींद की कमी भावनात्मकता और आवेग को जन्म देती है। हमारा मस्तिष्क उन जगहों पर फंस जाता हैं जहां हम शांति से काम ले सकते हैं। एक अध्ययन में, नींद से वंचित लोगों ने किसी भी चीज पर नकारात्मक प्रक्रिया देते हुए अपना आपा खो देते हैं। 60 प्रतिशत से अधिक मामले सामने आए हैं।  जब कम नींद वालों के दिमाग की तुलना की गई तो ये सामने आया कि इन लोगों के दिमाग का वो हिस्सा जो हमारी भावनाओं को कंट्रोल करता है वो काम करने में थोड़ा बोझिल महसूस कर रहा है और उत्तेजकपूर्ण प्रक्रिया दे रहा है। 

थकान हमें प्रेरित होने से रोकती है 

कम नींद या खराब नींद हमें प्रेरित होने से रोकती है। जैसे सही खाना खाने से रोकती है, हम खुद के लिए अच्छा खाना नहीं बना पाते हैं, कसरत करने में तकलीफ होना। छोटी नींद और लंबी नींद की तुलना की जाए तो कम नींद वाले फास्ट फूड को पसंद करते हैं और ये लोग कसरत करने में काफी आनाकानी करते हैं। कोशिश करते हैं कि कम से कम अपने शरीर को कष्ट देना पड़े। ये कुछ दिन तक ठीक लगता है लेकिन जल्द ही इसके भारी नुकसान दिखाई देने लगते हैं। जैसे वक्त बढ़ने के साथ शरीर को कम काम करने की आदत होने लगती है। वजन तेजी से बढ़ने लगता है। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA)की वजह से दिन में थकान महसूस होती है। 

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अपनी बॉडी को ऐसे पॉजिटिव फील कराएं

जानिए कुछ ऐसे तरीके जो आपको अपनी बॉडी के बारे में सकारात्मक महसूस कराएंगे
Gousiya Teentalkindia Content Writer

बेडौल शरीर की कुछ ऐसी तस्वीरें हमारे सामने आती हैं जो हमें बुरा महसूस कराती हैं लेकिन इनसे निपटना आसान है। इसे महज एक सवाल से समझा जा सकता है, आप अपने शरीर के बारे में कैसा महसूस करते हैं? अगर आपका मुस्कुराते हुए जवाब देते हैं, बहुत अच्छा नहीं, तो हो सकता है आप अपने शरीर को लेकर पॉजिटिव नहीं हैं, लेकिन ऐसा कहने वाले आप अकेले नहीं हैं? इन दिनों टीनएजर्स के साथ यह समस्या आम है, खासकर भारतीय टीनएजर्स में। विज्ञापनों में दिखती फिट बॉडी की तस्वीरें उन्हें अपने शरीर को लेकर बुरा महसूस करा रही हैं।



अगर हम अपनी बॉडी की एक पॉजिटिव इमेज बनाएं तो इस समस्या को दूर किया जा सकता है। बॉडी इमेज को समझने के लिए पहले अपने विचार को समझने की जरूरत है। हर इंसान की अपनी बॉडी, फीलिंग्स और विचार होते ही हैं जो उसकी सोच का नतीजा होते हैं। पॉजिटिव बॉडी इमेज हमें शरीर को स्वीकारने, सराहने और सम्मान करना सिखाती है। कम शब्दों में कहें तो हमें यह महसूस नहीं करना चाहिए कि बॉडी परफेक्ट है, बल्कि हम अपनी बॉडी को इस तरह एक्सेप्ट करें कि कभी इनसिक्योरिटी की भावना पैदा ही न हो।

पॉजिटिव बॉडी इमेज हमारे आत्म-सम्मान को बढ़ाती है क्योंकि अपने को बेहतर समझने लगते हैं। यह सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देता है और हम अपनी खूबियों और कमजोरियों को बिना नकारात्मक विचार लाए स्वीकारने लगते हैं।

यहां जानिए कुछ ऐसे तरीके जो आपको अपनी बॉडी के बारे में सकारात्मक महसूस कराएंगे

  • अपनी सकारात्मक खूबियों जैसे स्किल, टैलेंट्स और क्वालिटीज पर फोकस करें।
  • रोजाना अपने दिन की शुरुआत सकारात्मक चीजों से करें।
  • आपने आप से बोलते हुए बुरी बातें मत कहें, खुद से कुछ भी नकारात्मक भी न कहें।
  • आपका शरीर जो आपके लिए कर रहा है उसकी प्रशंसा करें और सम्मान दें।
  • सिर्फ वेट लॉस का लक्ष्य रखने की बजाय सकारात्मक और प्रैक्टिकल बनें, अपनी हेल्थ पर फोकस करें।
  • दूसरों के शरीर की प्रशंसा करें लेकिन खुद को उनसे कंपेयर न करें।
  • ध्यान रखें कि सामने आने वाली किसी के शरीर की तस्वीरें अनरियलिस्टिक हैं।
  • ऐसी 10 बातों की लिस्ट बनाएं जो आपसे जुड़ी हैं और आपको बेहद पसंद हैं।
  • खुद को याद दिलाएं की सच्ची खूबसूरती का जुड़ाव सिर्फ स्किन से नहीं है।
  • खुद को एक पूर्ण इंसान की तरह देखें।
  • सकारात्मक इंसानों के आसपास रहें।
  • ऐसे लोगों को जवाब दें तो आपके शरीर को बुरा कहते हैं या आपको बुरा बताते हैं।
  • वो कपड़े पहनिए जिसमें आप कंफर्टेबल महसूस करें और आपके शरीर के लिए बेहतर हों।
  • कुछ न कुछ ऐसा करें जो आपके अच्छा महसूस कराए। 
  • आपने भोजन, कैलोरी, और वजन के बारे में चिंता करने के किया है लेकिन अब अपने समय और ऊर्जा का उपयोग करें ताकि ये दूसरों की मदद कर सके।

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