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पोर्नोग्राफी के बारे में सच जानें...

पोर्नोग्राफी की लत से छुटकारा पाने के टिप्स
Nishtha JunejaTeentalkindia Content Writer

माना जाता है कि पोर्न फिल्में देखना दिमाग पर गलत प्रभाव डालता है। लेकिन यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि पॉर्नोग्राफी रिलेशनशिप्स और यौन संबंधों पर सकारात्मक प्रभाव भी डाल सकती है। 

पोर्न फिल्में एकांत में देखी जाने वाली चीजें हैं। यहां तक की इन फिल्मों की चर्चा भी दबे-छुपे शब्दों में ही की जाती है। चलिए इस साइकॉलॉजी को समझने की कोशिश करते हैं: 

टीनएज के दौरान बच्चे बढ़ रहे होते हैं उनका शारीरिक और मानसिक विकास हो रहा होता है। ऐसे में नई चीजों के बारे में जानने कि जिज्ञासा अधिक होती है। इसी के साथ यौन संबंध के बारे में वे अधिक जानना चाहते हैं। इसलिए वे लोगों से मिलना कम कर देते हैं और एकांत में रहना पसंद करते हैं। वो अकेले रहने के बहाने ढूंढते हैं ताकि पोर्न फिल्में देख सके। यहीं से पोर्न फिल्में जिंदगी का हिस्सा बनने लगती हैं। 

सैक्सुओलॉजिस्ट डॉ. रंजन भोसले बता रहे हैं वो 4 स्थितियां जब पॉर्नोग्राफी हमारे जिंदगी में दाखिल होने लगती है।

1) लत: एक-दो बार देखने के बाद कई टीनएजर्स को इसकी लत लग जाती है और वो इसे लगभग हर रोज देखने लगते हैं।

2) ज्यादा से ज्यादा सामग्री: लत के अलावा वे इसे लेकर और खोज-बीन करने लगते हैं।

3) आम जरूरत बनना: पहली बार जब इसे देखते हैं तो उन्हें ये चौंकाने वाला लगता है। लेकिन बाद में ये आम लगने लगता है और इसे इस तरह से देखा जाता है जैसे कोई आम फिल्म देखी जा रही हो। 

4) सेक्सुअली एक्टिंग करना: पोर्नोग्राफी में देखे गए व्यवहारों को निभाने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है।

इन सभी का असर टीन की जिंदगी पर पड़ने लगता है। इनका असर कुछ इसतरह से जिंदगी पर होता है कि वो या तो पॉर्न स्टार बनने की ख़्वाहिश मन में पालने लगते हैं।

शोध में सामने आया है कि पॉर्नोग्राफी का गहरा असर टीन की जिंदगी पर पड़ता है। उनके बर्ताव में ये साफ दिखाई देने लगता है। इसके अलावा पॉर्नोग्राफी सेक्स एक्टीविटीज की तरफ बढ़ाती है। ये वैश्यावृत्ती और रेप जैसे अपराधिक मामलों में फंस जाते हैं। ऐसे ये जरूरी है कि टीनएज में बच्चों को सेक्स एजुकेशन दी जाए। 

Teentalk India एक्सपर्ट क्षितिज सावंत से जानिए पोर्नोग्राफी की लत से छुटकारा पाने के टिप्स:

1.सेक्स एजुकेशन जरूरी है। जब भी, आपको सेक्स एजुकेशन पर पाठ्यक्रम, कार्यक्रम या सेमिनार में भाग लेने का अवसर मिले, तो इसका हिस्सा जरूर बनें। इससे आपको सेक्स और प्रजनन प्रक्रिया को समझने में आसानी होगी।

2. ज्ञान शक्ति है: एक बार जब आपको आवश्यक ज्ञान हो जाएगा, तो आपको पता चल जाएगा कि सेक्स किस तरह की परिस्थितियों में उपयुक्त है और कुछ अन्य स्थितियों में अनुचित है। यह कुछ ऐसा नहीं है जो ’गंदा’ है, बल्कि कुछ ऐसा है जिसे जीवन जीने के तरीके के रूप में स्वीकार करना होगा।

3. हॉबी अपनाएं: इस लत से पीछा छुड़ाने के लिए कोई हॉबी अपनाएं। डांस, स्पोर्ट या लेखन के काम में मन लगाएं। 

4. जब भी पोर्न देखने का मन करे तो गहरी साँस लें और ध्यान लगाएं। यह आपको शांत रहने में मदद करेगा।

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