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पोर्न की लत से छुटकारा पाएं

आप जानते हैं कि आप पोर्न देखने के लती हैं लेकिन इस चंगुल से बाहर नहीं आ पा रहे हैं? इन तरीक़ों से आप पोर्न की लत से छुटकारा पा सकते हैं।

प्यूबर्टी की शुरुआत में एक टीनएजर के जीवन में बहुत-से बदलाव होते हैं। हमारा हार्मोन लेवल बढ़ जाता है, शरीर में बदलाव होने लगते हैं जो कि एक सिग्नल होता है कि अब हम टीन से ट्वीन होने जा रहे हैं और साथ ही साथ सेक्स और सेक्शुएलिटी के प्रति हमारी जिज्ञासा बढ़ती जाती है। किसी भी अन्य लत की तरह जो हमारी रोज़ाना की ज़िंदगी को प्रभावित करती है, पोर्न देखना भी एक लत ही है, ख़ासकर टीनएजर लड़कों में। पोर्न में एक ऐसी दुनिया दिखाई जाती है, जिसमें रिलेशनशिप का कोई स्थान नहीं होता और सिर्फ़ तत्काल सेक्शुअल ग्रेटिफ़िकेशन ही मैटर करता है। यह देखने वाले के दिमाग़ में कई तरह की ग़लत धारणाओं को जन्म देता है जैसे :

-रिलेशनशिप एक-दूसरे से अलग होती हैं
-पुरुष और स्त्री के शरीर को पोर्न में बढ़ाचढ़ाकर दिखाए अनुसार ही होना चाहिए
इससे व्यक्ति को ख़ुद के शरीर पर शर्म महसूस होने लगती है और उसे यह भी बुरा लगता है कि वो दूसरे की बॉडी के द्वारा उत्तेजित नहीं हो पा रहा है।


यदि आपको पोर्न देखने की लत है तो यहां कुछ टिप्स दिए गए हैं जो इस इशू को समझने और आपकी आदतों को बदलने में आपकी मदद करेंगे।

1. अपनी लत को पहचानिए

इन लक्षणों को देखिए और ख़ुद जवाब खोजिए ताकि आपको एक क्लियर सेंस हो कि आप पोर्न से कितने एडिक्टेड हैं-

-इस आदत को छोड़ने की कोशिश करने के बावजूद आप इसे देखना बंद नहीं कर पाते
-यदि आपको कोई पोर्न देखने से रोकता है आप ग़ुस्सा और परेशान हो जाते हैं
-आपके परिवार और दोस्तों के लिए यह एक सीक्रेट है
-इसके नेगेटिव परिणाम जानने के बाद भी आप पोर्न देखते हैं 
-पोर्न में खोए रहने के कारण आप अपना बहुत सारा समय बर्बाद कर देते हैं

2. ट्रिगर्स को पहचानिए

ट्रिगर हर वो ऐसी चीज़ है तो आपको पोर्न देखने के लिए प्रेरित करती है। यह आपके रूटीन का कोई मोमेंट हो सकता है, जैसे सोने जाना या टीवी पर किसी एक्टर को छोटे कपड़ों में देखना आदि। एक बार जब आपको अपने ट्रिगर्स के बारे में पता चल जाएगा तो आप उन्हें ऐसी चीज़ों से रिप्लेस कर सकते हैं, जो आपको इन सबसे दूर रखे। उदाहरण के लिए, यदि आप कोई पॉप-अप देखते हैं जो आपको पोर्न देखने के लिए प्रेरित करता है, तो तत्काल अपने माइंड को किसी भी ओर स्विच कर दें, जैसे अपना कोई फ़ेवरेट वीडियो गेम खेल लें। भले ही आप पॉप-अप को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ न कर पाएं, लेकिन आप पोर्न को ऐसी हैबिट से रिप्लेस करना शुरू कर सकते हैं जो कम नुक़सानदायक है। बस यह सुनिश्चित करें कि आप उसे अवॉइड करने में ज़्यादा समय न लगाएं।

3. अपने सोर्स घटाएं

आप जहां पोर्न देखते हैं उन सोर्स को हटाना भी उपयोगी हो सकता है। पोर्नोग्राफ़िक डीवीडी, मैग्ज़ीन और दूसरे सोर्स को इस तरह से स्क्रैच करें कि उन्हें फिर से रिकवर न किया जा सके। यदि आप पोर्न ऑनलाइन देखते हैं तो ब्राउज़र एक्सटेंशन या दूसरे सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें जो ऐसी साइट्स पर आपकी एक्सेस को लिमिट करते हैं। ‘स्टेफ़ोकस्ड' और ‘नेट नैनी' जैसे इंटरनेट सेंसर मददगार साबित हो सकते हैं।

4. कहीं और फ़ोकस करें 

एक नई हॉबी या हैबिट बनाने की कोशिश करें ताकि आप जो समय पॉर्न देखने में बर्बाद करते हैं उसे रिप्लेस कर सकें। पोर्न देखने में बिताए जाने वाले समय को ख़ाली न जाने दें नहीं तो पोर्न देखने की इच्छा को रोकना आपके लिए बहुत मुश्किल होगा। सोचिए कि आप कौन-सी एक्टिविटी या स्पोर्ट के बारे में बहुत ज़्यादा बातें करते हैं और अपना फ़ोकस उस ओर कर लीजिए।

यदि अब भी आपको पोर्न एडिक्शन से छुटकारा पाने में परेशानी आ रही है, तो आप हमारे एक्सपर्ट से चैट कर सकते हैं या expert@teentalkindia.com पर ईमेल कर सकते हैं।

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अनहेल्दी मास्टरबेशन को काबू में करने के तरीके

जब हम अपनी बॉडी को एक्सप्लोर करने और सेक्शुयल अर्ज को जानने की शुरुआत करते हैँ, तब हम आगे बढ़ने से पहले अपनी बॉडी और उसकी इच्छाओं के साथ शुरु करते हैँ और अन्य लोगों के साथ इसका एक्सपीरियंस करते हैं। मास्टरबेशन तब तक एक हेल्दी एक्टिविटी है, जब तक यह रोजाना के कामकाज के लिए समस्या न बन जाए। सेफ और बेटर सेक्शुयल लाइफ की चाबी हेल्दी और अनहेल्दी मास्टरबेशन के बीच की लाइन बहुत पतली है।
ArchitaTeentalk Expert

टीनएज हमारी ज़िंदगी के सबसे क्रूशियल दौर में से एक है, और ये अवस्था हमारी ज़िंदगी में कई बदलाव लाती है जिसमें फिजिकल, सेक्शुयल, सोशल, मेंटल, इमोशनल और इंटरपर्सनल आदि बदलाव शामिल हैं। और इस उम्र में टीनएजर का अपनी बॉडी की सेक्शुयल क्षमताओं को जानने और अपने बॉडी पार्ट्स को समझना आम बात है। और इसीलिए खुद को जानने के लिए वे अक्सर मास्टरबेशन का सहारा लेते हैं जो कि एक बिल्कुल नार्मल और नेचरल प्रोसेस है।

मास्टरबैशन सेल्फ स्टिम्युलेशन और सेक्शुयल सेटिस्फेक्शन को पाने का एक अच्छा और सरल तरीका है, जो एक हद तक हमारे लिए हेल्दी भी है। लेकिन इसे कितनी बार किया जाए इसकी कोई नंबर लिमिट तय नहीं है बल्कि जब ये आदत आपकी रोज़मर्रा की चीज़ें जैसे स्कूल, वर्क, रिलेशनशिप, खुद का ध्यान रखने आदि कार्यों में दखल देने लगे तब समझ लेना चाहिए की हम लिमिट क्रॉस कर चुके हैं।

टीनएजर्स में मास्टरबेशन की आदत कई बार अन्य कारणों से भी लग सकती है जैसे उनके बचपन का कोई ट्रामा या डिप्रेशन जिसे वो भुला ना पा रहे हो। इस वजह से उनके अंदर गुस्सा निराशा, असहाय, गिल्ट जैसी अलग-अलग भावनाएं एक साथ महसूस हो रही हों जिससे वो और भी ज्यादा परेशान हो गए हो। जब उन्हें ऐसे में बाहर से कोई मदद नहीं मिलती है, तो वे खुद में ही उससे बचने का तरीका ढूढ़ने लगते हैं, जिसमें मास्टरबेशन करके उन भावनाओ को दबाना भी शामिल है।

मास्टरबेशन एक नशा इसीलिए भी बन सकता है क्योंकि ये सरल है, इससे टेंशन दूर होती है, इसे करते समय कोई पैसे भी व्यय नहीं होते, यह एक खुद से ही की जाने वाली प्रक्रिया है लेकिन सबसे ऊपर इससे हमें इसमें प्लेजर मिलता है। इसके माध्यम से टीनएजर अपनी भावनाओं की कश्ती को छोड़ कुछ समय के लिए एन्जॉय कर सकते हैं।

मास्टरबेशन से हमारे दिमाग में डोपामाइन और इंडोर्फिन्स हॉर्मोन्स रिलीज होते है, जो कि हमें अच्छा महसूस करने के साथ-साथ कुछ टाइम के लिए तनाव से भी छुटकारा दिलाते हैं और इससे हमारे दिमाग को सुखद अनुभव होता है। इसलिए दिमाग बार-बार हमसे इन हॉर्मोन्स की मांग करता है और ऐसे में बार-बार मास्टरबेशन करते-करते हम इसके आदी हो जाते है।

बाकी सारी लतों की तरह इस आदत से भी हम तभी छुटकारा पा सकते हैं जब हम इसे पहचाने और माने की हम इससे ग्रस्त हैं, और एक बार पहचान जाएं तो फिर बदलाव तो हम कर ही सकते हैं। और इसी आदत में बदलाव करने के लिए या इसे कम करने के कुछ उपाय हैं-

पोर्नोग्राफी देखना बंद करें : शुरू में हो सकता है आपको ये बहुत कठिन लगे लेकिन ये आपके भले के लिए ही है और आपको ये करना पड़ेगा।

कोई नई आदत बनाए : आप ऐसी एक्टिविटी की लिस्ट बना सकते हैं, जो आप सेल्फ स्टिम्युलेट अर्ज के समय अपना ध्यान भटकाने के लिए कर सकते हैं, आप ऐसी कोई आदत भी बना सकते हैं या चाहे तो कोई और फायदेमंद आदत डाल सकते हैं।

अकेले न रहें : अर्ज की भावनाएं अक्सर अकेलेपन में ही अपनी पीक पर होती हैं, इसलिए ज्यादा अकेले ना रहें बल्कि अपने परिवार, दोस्तों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं।

चिंतन करें : आप अपने मन को शांत करने के लिए चिंतन कर सकते हैं कि आखिर आपके जीवन में तनाव कहां है, आपके स्ट्रेस की जड़ आपके प्रोफेशनल, पर्सनल, सेक्शुयल, सोशल, इमोशनल, फिजिकल किसी भी क्षेत्र में हो सकती है।

छोटे से शुरुआत करें : इस आदत को एकदम से छोड़ने की बजाय आप छोटे से शुरुआत कर सकते हैं जैसे यदि आप अभी रोज़ मास्टरबेट करते हैं तो आप हफ्ते में एक दिन का संकल्प ले सकते हैं, उदहारण के तौर पर "इस हफ्ते में मंगलवार को मास्टरबेट करूंगा" और प्लान वाले दिन आप किसी दूसरे काम में व्यस्त हो जाए ताकि आप मास्टरबेशन ना कर पाएं।

खुद को पुरुस्कृत करें : अगर आप सच में उस दिन बिना मास्टरबेशन करे निकाल लेते हैं तो खुद को अवार्ड दे भले ही छोटा हो पर खुद को सराहना और पुरुस्कार देना चाहिए क्योंकि आपने उसके लिए मेहनत की है।

ध्यान रहे की लत कोई एक दिन में नहीं छोड़ी जाती इसीलिए थके नहीं और ना ही हार माने, और कभी अर्ज में आकर मास्टरबेशन कर भी लिया तो खुद को कोसे ना, क्योंकि आपका एक कदम भी आपकी सफलता की तरफ ही तो है।

स्टे फोकस्ड, स्टे स्ट्रांग, स्टे पॉजिटिव।

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