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एग्ज़ाम के दिनों में सोने की आदतें

हमारे शरीर के रोज़ाना के सामान्य कामकाज को पूरा करने में नींद की अहम भूमिका होती है। हमारे शरीर और दिमाग़ दोनों को ही आराम देने के लिए नींद ज़रूरी है। नींद की कमी का असर एक स्टूडेंट के डेली रूटीन और स्टडी पैटर्न दोनों में रूकावट पैदा कर सकता है।
Gousiya Teentalkindia Content Writer

आमतौर पर एग्ज़ाम के समय या एग्ज़ाम की तैयारी करते समय स्टूडेंट्स नींद की कमी की समस्या से गुज़रते हैं। या तो यह अपने आप होने लगता है, या पढ़ाई को अधिक से अधिक समय देने के लिए वे ही अपने सोने के समय में खु़द कटौती कर लेते हैं। लेकिन कम लोग ही इस बात को जानते हैं कि नींद के समय में कटौती करने से सिर्फ़ स्वास्थ्य समस्याएं ही जन्म लेंगी। चक्कर आना और बेचैनी बढ़ सकती है। इससे बचने के लिए इन बातों को ध्यान में रखना फ़ायदेमंद होगा।

-एक तय समय पर ही सोएं और जागें। उन लोगों में मत शामिल होइए, जिनके सोने और जागने का कोई समय निश्चित नहीं होता है। यदि रूटीन बना लिया जाए तो शरीर को एक तय समय पर सोने और जगने की आदत हो जाती है। अगर आपके पास कोई काम नहीं है, तब भी सोने की अच्छी आदत के लिए समय पर सोना और उठना ज़रूरी है।

-दिन में सोने से बचें। अगर आप दिनभर झपकी लेते रहते हैं तो आश्चर्य नहीं कि आप रात को सो नहीं पाएंगे। दिन में झपकी लेना बुरा नहीं है यदि यह सिर्फ़ 30-45 मिनट के लिए हो। इससे शाम तक के लिए एनर्जी मिल जागगी और रात में भी आप सही समय पर सो सकेंगे।

-कैफ़ीन युक्त पेय जैसे चाय, कॉफ़ी, सोडा आदि को सोने के 4-6 घंटे पहले पीने से बचें।

-सोने के 4-6 घंटे पहले भारी, मसालेदार या मीठा खाने से बचें। इनसे आपकी सोने की क्षमता प्रभावित होती है।

-नियमित एक्सरसाइज़ करें, मगर सोने के तुरंत पहले नहीं। सुबह या दोपहर के वक़्त एक्सरसाइज़ करने से गहरी नींद आती है लेकिन सोने के दो घंटे पहले कठोर व्यायाम करने का असर रात में सोने की क्षमता पर हो सकता है।

-बिस्तर आरामदायक होना चाहिए, वरना अच्छी नींद नहीं आती है। यह भी अच्छे से न सो पाने की समस्या का कारण हो सकता है। इसके लिए ज़रूरी बदलाव करें।

-नींद के लिए कमरे का हवादान होना और उसमें सही तापमान का होना भी ज़रूरी है। अगर कमरा अधिक ठंडा या अधिक गर्म होगा तो आप सो नहीं सकेंगे। बेडरूम कूल हो, कोल्ड नहीं, तो ही वह सोने के लिए सबसे अच्छा होता है।

-नींद में बाधा बनने वाले किसी भी तरह के शोर, रोशनी आदि से जितना हो सके, दूर रहें।

-बेडरूम को सिर्फ़ सोने के लिए रिज़र्व रखिए। इसका प्रयोग पढ़ने या अन्य कोई काम करने के लिए करने से बचिए। इससे शरीर नींद को बिस्तर से जोड़ सकेगा।

-हल्का स्नैक्स सोने से पहले ले सकते हैं। जैसे गर्म दूध या केला, जिसमें अमीनो एसिड ट्रिफ्टोफै़न होता है। यह सोने में मदद करता है।

-शरीर को आराम देने वाली तकनीक जैसे योग, प्राणायाम करें। इससे गु़स्से, तनाव, चिड़चिड़ाहट को कम करने में भी मदद करती है।

-अपनी रोज़ाना की समस्याओं को बिस्तर तक लेकर न जाएं। अपनी जॉब, स्कूल, नियमित दिनचर्या आदि को बिस्तर पर जाने के पहले छोड़ दें। कुछ लोग इसके लिए दिनभर में एक वरी पीरियड तय करते हैं, जो दोपहर या शाम का होता है। इसमें वह इस तरह के मुद्दों को सुलझाते हैं।

-नींद के पहले के कुछ नियम बनाएं जैसे कि गुनगुने पानी से नहाना या कुछ मिनट पढ़ना। इससे सोने में मदद मिल सकती है।

-अपनी पसंदीदा पोज़िशन में सोएं। अगर 15 से 30 मिनट के अंदर नींद नहीं आ रही है तो दूसरे कमरे में जाकर तब तक पढ़ाई करें, तब तक कि नींद न आ जाए।

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