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एग्ज़ाम के दिनों में सोने की आदतें

हमारे शरीर के रोज़ाना के सामान्य कामकाज को पूरा करने में नींद की अहम भूमिका होती है। हमारे शरीर और दिमाग़ दोनों को ही आराम देने के लिए नींद ज़रूरी है। नींद की कमी का असर एक स्टूडेंट के डेली रूटीन और स्टडी पैटर्न दोनों में रूकावट पैदा कर सकता है।

आमतौर पर एग्ज़ाम के समय या एग्ज़ाम की तैयारी करते समय स्टूडेंट्स नींद की कमी की समस्या से गुज़रते हैं। या तो यह अपने आप होने लगता है, या पढ़ाई को अधिक से अधिक समय देने के लिए वे ही अपने सोने के समय में खु़द कटौती कर लेते हैं। लेकिन कम लोग ही इस बात को जानते हैं कि नींद के समय में कटौती करने से सिर्फ़ स्वास्थ्य समस्याएं ही जन्म लेंगी। चक्कर आना और बेचैनी बढ़ सकती है। इससे बचने के लिए इन बातों को ध्यान में रखना फ़ायदेमंद होगा।

-एक तय समय पर ही सोएं और जागें। उन लोगों में मत शामिल होइए, जिनके सोने और जागने का कोई समय निश्चित नहीं होता है। यदि रूटीन बना लिया जाए तो शरीर को एक तय समय पर सोने और जगने की आदत हो जाती है। अगर आपके पास कोई काम नहीं है, तब भी सोने की अच्छी आदत के लिए समय पर सोना और उठना ज़रूरी है।

-दिन में सोने से बचें। अगर आप दिनभर झपकी लेते रहते हैं तो आश्चर्य नहीं कि आप रात को सो नहीं पाएंगे। दिन में झपकी लेना बुरा नहीं है यदि यह सिर्फ़ 30-45 मिनट के लिए हो। इससे शाम तक के लिए एनर्जी मिल जागगी और रात में भी आप सही समय पर सो सकेंगे।

-कैफ़ीन युक्त पेय जैसे चाय, कॉफ़ी, सोडा आदि को सोने के 4-6 घंटे पहले पीने से बचें।

-सोने के 4-6 घंटे पहले भारी, मसालेदार या मीठा खाने से बचें। इनसे आपकी सोने की क्षमता प्रभावित होती है।

-नियमित एक्सरसाइज़ करें, मगर सोने के तुरंत पहले नहीं। सुबह या दोपहर के वक़्त एक्सरसाइज़ करने से गहरी नींद आती है लेकिन सोने के दो घंटे पहले कठोर व्यायाम करने का असर रात में सोने की क्षमता पर हो सकता है।

-बिस्तर आरामदायक होना चाहिए, वरना अच्छी नींद नहीं आती है। यह भी अच्छे से न सो पाने की समस्या का कारण हो सकता है। इसके लिए ज़रूरी बदलाव करें।

-नींद के लिए कमरे का हवादान होना और उसमें सही तापमान का होना भी ज़रूरी है। अगर कमरा अधिक ठंडा या अधिक गर्म होगा तो आप सो नहीं सकेंगे। बेडरूम कूल हो, कोल्ड नहीं, तो ही वह सोने के लिए सबसे अच्छा होता है।

-नींद में बाधा बनने वाले किसी भी तरह के शोर, रोशनी आदि से जितना हो सके, दूर रहें।

-बेडरूम को सिर्फ़ सोने के लिए रिज़र्व रखिए। इसका प्रयोग पढ़ने या अन्य कोई काम करने के लिए करने से बचिए। इससे शरीर नींद को बिस्तर से जोड़ सकेगा।

-हल्का स्नैक्स सोने से पहले ले सकते हैं। जैसे गर्म दूध या केला, जिसमें अमीनो एसिड ट्रिफ्टोफै़न होता है। यह सोने में मदद करता है।

-शरीर को आराम देने वाली तकनीक जैसे योग, प्राणायाम करें। इससे गु़स्से, तनाव, चिड़चिड़ाहट को कम करने में भी मदद करती है।

-अपनी रोज़ाना की समस्याओं को बिस्तर तक लेकर न जाएं। अपनी जॉब, स्कूल, नियमित दिनचर्या आदि को बिस्तर पर जाने के पहले छोड़ दें। कुछ लोग इसके लिए दिनभर में एक वरी पीरियड तय करते हैं, जो दोपहर या शाम का होता है। इसमें वह इस तरह के मुद्दों को सुलझाते हैं।

-नींद के पहले के कुछ नियम बनाएं जैसे कि गुनगुने पानी से नहाना या कुछ मिनट पढ़ना। इससे सोने में मदद मिल सकती है।

-अपनी पसंदीदा पोज़िशन में सोएं। अगर 15 से 30 मिनट के अंदर नींद नहीं आ रही है तो दूसरे कमरे में जाकर तब तक पढ़ाई करें, तब तक कि नींद न आ जाए।

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फ़ूड है तो फ़िक्र नहीं

एग्ज़ाम के समय हम न्यूट्रीशन का ज़्यादा ख़याल नहीं रखते। जबकि सही खान-पान आपके सिस्टम को एनर्जी देता है, आपकी अलर्टनेस को सुधारता है और परीक्षा के लम्बे घंटों में बैठने में आपकी मदद करता है।
Gousiya Teentalkindia Content Writer

यदि आप एग्ज़ाम के समय में सुस्त महसूस करते हैं, तो यह फ़ूड के कारण हो सकता है। हां, आपने सही पढ़ा, फ़ूड आपके स्टडी पैटर्न को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ग़लत खान-पान से कई बार आप सुस्त और चिड़चिड़ा महसूस कर सकते हैं। यहां आपके लिए कुछ टिप्स हैं, जिनका ध्यान रखने से एग्ज़ाम में सफलता मिल सकती है।

दिमाग़ का भोजन :

दिमाग़ भले हमारे शरीर का सबसे छोटा अंग है, इसके बावजूद वह हमारे खान-पान की 20 प्रतिशत ऊर्जा ग्रहण कर लेता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि ग्लूकोज़ के माध्यम से पूरे दिन इसकी पूर्ति की जाती रहे। इससे पढ़ाई और विशेषकर एग्ज़ाम के दौरान कॉन्सन्ट्रेशन में कमी नहीं होगी। सुबह का नाश्ता पूरे दिन हमारे शरीर में ऊर्जा बनाए रखता है, इसलिए समय की कमी हो तब भी नाश्ता कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

समय क़ीमती है तो सेहत भी :

परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स खाने में कम समय ख़र्च करते हैं और अगर घर से दूर हैं तो खाना पकाने में भी। इसलिए वे फ़ास्ट-फ़ूड खाते हैं या कुछ भी कच्चा-पक्का खा लेते हैं। लेकिन अधिक फ़ैट वाला और कम न्यूट्रीशियस खाना खाने से बचिए। परीक्षा से पहले अच्छी तरह से खाने की योजना बनाएं।

तैयारी सिर्फ़ एग्ज़ाम की नहीं :

अगर आप एग्ज़ाम की तैयारी में व्यस्त हैं, तो कोशिश करें कि कुछ समय अपने लिए घर का बना खाना पकाने में बिताएं और उसे फ्रिज में रख लें। इससे एग्ज़ाम के दौरान समय की भी बचत होगी और आप बीमार होने से भी बचेंगे।

स्मार्ट स्नैकिंग :

सामान्य दिनों की तुलना में पढ़ाई के समय में हमारी अधिक ऊर्जा ख़र्च होती है। इससे तले-भुने स्नैक्स खाने की लत भी बढ़ती है। अगर सेहतमंद स्नैक्स जैसे ताज़े फल, पॉपकॉर्न, ड्रायफ्रूट्स जैसे हेल्दी स्नैक्स का विकल्प चुनें, तो ये पूरे दिन कुछ भी खाने की लत से बचाएंगे और शरीर को नुक़सान नहीं पहुंचाएंगे।

ख़ूब पानी पिएं हाइड्रेट रहें :

डिहाइड्रेशन की वजह से थकान, सुस्ती और चिड़चिड़ापन महसूस होता है। इसकी वजह से कॉन्सन्ट्रेशन पर भी असर होता है, जिससे पढ़ाई करने में अधिक परेशानी आ सकती है। रोज़ डेढ़ से दो लीटर लिक्विड अवश्य लें, जो फ्रूट जूस, हर्बल टी, पानी के रूप में हो सकता है। चाय, कॉफ़ी और कोल्ड ड्रिंक जैसे कैफ़ीनयुक्त बीवरेज लेने से बचना चाहिए। इससे यूरिन अधिक आ सकती है और बार-बार टॉयलेट जाने की समस्या हो सकती है। कोई भी एग्ज़ाम के दिनों में इस तरह की स्थिति का सामना नहीं करना चाहता है। परीक्षा के दौरान तनाव से राहत के लिए पढ़ाई से छोटे ब्रेक लें और सम्भव हो तो थोड़ा सा व्यायाम करें। साथ ही अपने दिमाग़ को किसी भी तरह के नकारात्मक विचारों से फ्री रखें।

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