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पढ़ाई के दौरान खु़द को मोटिवेट करने के तीन तरीक़े

जब परीक्षा नज़दीक हो, उस समय में पढ़ाई को छोड़कर कोई भी काम करना अच्छा लगने लगता है, यहां तक कि ख़ाली दीवार को घूरना भी। हम सभी अपने जीवन में इस तरह की स्थिति का सामना करते हैं। कुछ लोग इससे लड़ते हैं, वहीं कुछ इस डर और परेशानी को परीक्षा हॉल तक ले जाते हैं।

आप चाहें औसत स्टूडेंट हों या क्लास के टॉपर, पढ़ाई के लिए ख़ुद को मोटिवेट करने की ज़रूरत सबको होती है, ख़ासकर एग्ज़ाम्स के दिनों में। यह सबके लिए एक चुनौती होती है। इस स्थिति से बचने में आपके टीनटॉक दोस्त आपका साथ दे रहे हैं।

बड़े असाइनमेंट को छोटे हिस्सों में बांट लें
अगर पढ़ने के लिए स्टडी मटेरियल ज़्यादा हो तो दिमाग़ को भी उसका वज़न महसूस होने लगता है। इससे बचने के लिए अपने स्टडी मटेरियल को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर उनकी डेडलाइन तय कर लीजिए। अगर आप छोटे सेक्शन में पढ़ाई करते हैँ, तो आप ज़्यादा अच्छे-से फ़ोकस करके पढ़ते हैं और बेहतर ढंग से चीज़ों को समझते हैं।

पढ़ाई का एक रूटीन हो
अगर पढ़ाई का रूटीन तैयार हो तो इसके लिए ख़ुद को मोटिवेट करना आसान हो जाता है। इसलिए एक रूटीन बनाएं, सम्भव हो तो यह दिन के शुरुआती घंटों में होना चाहिए। अगर पढ़ाई का समय तय होगा तो यह जानकर दोस्त और परिवार के लोग भी उसमें सहयोग करेंगे और उस समय कोई आपको परेशान भी नहीं करेगा। हां, इस बात का ध्यान रखें कि इस समय ख़ुद को टीवी, लैपटॉप, मोबाइल या अन्य चीज़ों से दूर रखें।

पढ़ाई के लिए एक अच्छा टाइमटेबल बनाने के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए :

https://olympiadimages.dbcorp.in/got-a-question/general/how-to-make-a-study-timetable-that-manages-my-study-and-house-work-too-308

अपनी एप्रोच बदलते रहें 
पढ़ाई की यदि एक तयशुदा एप्रोच होगी तो बहुत जल्द बोरियत महसूस होने लगती है। पढ़ाई की स्टाइल को बदलते रहने से न केवल लम्बे समय तक फ़ोकस कर सकते हैं, बल्कि यह भी समझ सकते हैं कि कौन-सी एप्रोच आपके लिए बेहतर होगी। उदाहरण के लिए किसी दिन जो पढ़ा है, उसे तेज़ आवाज़ में दोबारा पढ़कर देखें तो किसी दिन दिमाग़ में नक़्शा बनाएं और फिर उसे दूसरे को समझाकर देखें। या फिर किसी दिन दूसरे को पढ़ाकर देखें।

पढ़ाई के लिए मोटिवेट करने की कोई एक तय रणनीति नहीं होती है, जो सबके लिए एक-सी हो। ज़रूरी नहीं कि जो पढ़ने का तरीक़ा आपके दोस्त के लिए बेहतर है, वही आपके लिए भी कारगर हो। इसलिए जब तक आपको ख़ुद को मोटिवेट करने का एक अलग तरीक़ा न मिल जाए, कोशिश करते रहिए। आपको हमारी बेस्ट विशेस।
 

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Gousiya Teentalkindia Content Writer

यदि आप पिछले सालों के टॉपर्स से पूछेंगे तो वो आपको एग्ज़ाम्स में अच्छा स्कोर करने के अलग-अलग जवाब देंगे। लेकिन आप पाएंगे कि उनके पास कोई न कोई एक स्ट्रेटजी ज़रूर थी। इसलिए यदि आपके पास कोई प्लान नहीं है, तो ये आर्टिकल आपके काम का साबित होगा।

अपनी टास्क को जानें : एग्ज़ाम्स के सिलेबस को समझें। उसके बाद उसके सबसे ज़रूरी हिस्से को पहचानें। हर विषय में अपनी ताक़त और कमजोरी को जानें।

प्लान : आपकी स्टडी का प्लान और समय तय करें। नियमित और साप्ताहिक टाइम टेबल बनाएं। यदि आप एक घंटे हिस्ट्री या कोई लैंग्वेज पढ़ते हैं, तो स्विच करके मैथ्स, ग्रामर की कुछ प्रैक्टिकल स्टडी करें और डायग्राम बनाएं। इससे आपका ब्रेन अधिक फ़ोकस्ड और एकाग्र रहेगा। वह समझ सकेगा कि आपका कितना सिलेबस पूरा हो गया है और कितना रिवाइज़ करने की ज़रूरत है।

स्टडी स्मार्ट : निमोनिक्स, फ़्लैश कार्ड, माइंड मैप, रिविज़न चार्ट, फ्लो चार्ट बनाकर स्टडी मटेरियल को लम्बे समय तक याद रखने में मदद मिलेगी।  

प्लान + प्रैक्टिस :  यह ख़ासतौर पर प्रैक्टिकल एग्ज़ाम्स के लिए है। प्रैक्टिकल  अनदेखा न करें। यह ओवरऑल स्कोर बढ़ाने में मदद करता है।

लिखना : अधिक से अधिक बार लिखकर देखें। पिछले कुछ सालों के आईसीएसई के पेपर को अलार्म घड़ी सेट करके हल करकर देखें।

खु़द को रीफ्रेश करने के लिए समय निकालें : कुछ समय अपनी हॉबी और फ़िज़िकल गेम्स खेलने के लिए समय निकालें, इससे दिमाग़ और शरीर दोनों ही हेल्दी और फोकस्ड रहेंगे। पढ़ाई के बीच में ब्रेक लेना बेहद जरूरी है।

सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी से दूरी बनाएं : अपने मोबाइल / टैब  / कम्प्यूटर पर वॉट्सएप, इंस्टाग्राम, गेम, फे़सबुक, ट्वीटर आदि न चलाएं। इससे आप किसी भी तरह के अतिरिक्त तनाव से बचेंगे।

हेल्दी बैलेंस्ड डाइट लें : जंक फ़ूड, फास्ट फ़ूड, ऑईली और रेडी टु ईट फ़ूड खाना बंद कर दें और हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट प्लान अपनाएं। घर का सादा खाना खाने से आपकी याददाश्त दुरुस्त होगी और एग्ज़ाम्स में बेहतर परफ़ॉर्म करने में मदद करेगी।
 

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