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कॉलेज में टीचर्स के साथ कैसे जुड़ें

चाहे स्कूल से कॉलेज पहुंचना कितना भी उत्त्साहित क्यों न लगे, मगर यह भी बहुत कठिन होता है।ka

स्कूल से कॉलेज पहुंचने की बात सोचनेभर से ही टीनएजर्स में उत्साह की लहर भी दौड़ जाती है। आजादी मिलना इन्हें बहुत खुश कर देता है वहीं अचानक यह सब मिलना उन्हें रास्ते से भटका भी सकता है।  कॉलेज और स्कूल में पढ़ाई का तरीका पूरी तरह अलग होता है। कॉलेज से अधिक से अधिक सीखने के लिए, आपको अध्ययन के बारे में अनुशासित होने के अलावा शिक्षकों के साथ खुद को जोड़ने की भी जरूरत होती है।

जानिए कैसे कॉलेज में टीचर्स के साथ जुड़ा जा सकता है :

हमेशा क्लास अटेंड करें

रेगुलर अटेंडेंस केवल टीचर्स के साथ अच्छे रिलेशन बनाने के लिए ही नहीं बल्कि ध्यान से पढ़ने के लिए भी जरूरी है। इससे सिलेबस के टॉपिक छूटने की आशंका भी कम हो जाती है। यह मैटर नहीं करता कि क्लास में कितने ज्यादा स्टूडेंट्स हैं, अगर आप रोज क्लास अटेंड करेंगे तो टीचर को खुद समझ आ जाएगा कि क्लास में कौन आया है और कौन नहीं।

जब आपको इमरजेंसी के कारण क्लास छोड़नी पड़े

अपने किसी अच्छे क्लासमेट से स्टडी नोट्स लें और उन्हें पूरा करें। अगली क्लास में टीचर को क्लास छोड़ने का कारण बताएं और अपना वर्क भी कम्पलीट कर के दें। टीचर्स हमेशा ईमानदारी की सराहना करते हैं।

कभी भी क्लास में लेट न जाएं

क्लास में लेट आना गलत इम्प्रेशन डाल सकता है। क्लास का शुरूआती समय जरूरी होता है क्योंकि इस दौरान टीचर प्रोजेक्ट्स, असाइनमेंट्स, प्रेजेंटेशन्स से जुड़ी हुई जानकारी देते हैं। इस बात का जरूर ध्यान दें कि समय पर असाइनमेंट्स और प्रोजेक्ट सब्मिट करें।

प्रोफेसर से मिलें 

जब भी आप प्रोफेसर से मिलें समय का खास का ध्यान दें। अगर आपको अपॉइंटमेंट कैंसिल करनी हो तो उन्हें पहले से इसकी सूचना दे दें। यह आपकी जवाबदारी है कि आप इसका ध्यान दें।

जगह ढूंढो

अपने प्रोफेसर के विभाग और उसकी सीट का पता पहले से लगाएं ताकि आपको बाद में उस जगह की तलाश में समय बर्बाद न करना पड़े।  

विनम्र रहें

कभी-कभी कक्षा में जो चर्चा की जा रही है आप उससे सहमत होते हैं। प्रश्न पूछते समय शत्रुतापूर्ण व्यवहार न करें या आक्रामक तरीके से जवाब ना मांगें। किसी के जवाब से सहमत न होने या समझ न आने पर उनसे कह सकते हैं कि “कृपया इसे थोड़ी डिटेल में बताएंगे”।

बेहतर शिक्षण आप पर निर्भर करता है

छात्रों से मिले फीडबैक शिक्षकों की मदद करते हैं। इसलिए, विशिष्ट, सकारात्मक और रचनात्मक प्रतिक्रिया वास्तव में सीखने की स्थिति में सुधार कर सकती है।

हमेशा क्लास में बुक्स और नोटबुक लेकर आएं

इससे अच्छा इम्प्रेशन पड़ता है। यह भी समझ आता है कि पढ़ाई के लिए आप कितने उत्सुक और तैयारी के साथ हैं।

क्लास में स्टडी नोट्स किस तरह से अच्छे बना सकते हैं यह जानने के लिए इस वेबसाइट पर  क्लिक कीजिए https://olympiadimages.dbcorp.in/explore/academic-pressure/taking-notes-effectively-in-the-classroom

अधिकांश प्रोफेसरों को उनके सब्जेक्ट के अलावा अन्य सब्जेक्ट्स में भी दिलचस्पी होती है। कभी-कभी आपको लग सकता है कि आप और आपके प्रोफेसर में सामान्य रूचि है जो आपके पाठ्यक्रम पूरा करने के लंबे समय बाद एक अच्छे रिश्ते का आधार हो सकता है। एक प्रोफेसर के सर्किल में आप अपने बारे में और अधिक दिलचस्प चीजें जान और पहचान  सकते हैं। साथ ही, प्रोफेसरों को विशेष अवसरों के बारे में जानकारी होती है जो आपके लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

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क्लास में अच्छी तरह नोट्स कैसे लें

आप स्कूल में पढ़ रहे हों या कॉलेज में हो, नोट्स लेना स्टूडेंट्स की रोज़ाना की दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है…
Gousiya Teentalkindia Content Writer

पढ़ाना और सीखना अब दोनों ही एक अलग स्तर पर जा चुके हैं। अब एप्रोच भी अधिक इंटरेक्टिव और विस्तृत है। नोट्स लेना पढ़ाई में सफलता के लिए बहुत ज़रूरी हो गया है। बात चाहे स्कूल की हो, कॉलेज या कोचिंग की, नोट्स सभी जगह अपनी उपयोगिता बनाए हुए हैं। लेकिन नोट्स लेने और अच्छी तरह से नोट्स लेने में बड़ा महत्वपूर्ण अंतर है। नोट्स लेने का मतलब सिर्फ़ यह नहीं होता कि जो शिक्षक कह रहा है उसे लिख लिया जाए, बल्कि यह उन चीज़ों का एक ऐसा ड्राफ़्ट तैयार करना है, जिन्हें टीचर्स क्लास में बताने की कोशिश करते हैं।

कई स्टूडेंट्स इस बात की शिकायत करते हैं कि वे क्लास में तो पढ़ाया हुआ अच्छे से समझ लेते हैं, मगर जब नोट्स बनाते हैं तो कई ज़रूरी प्वाइंट्स छूट जाते हैं। वैसे यह कोई बहुत अजब बात नहीं है कि जब लेक्चर दिया जा रहा तो स्टूडेंट्स अच्छे नोट्स न बना सके। इसके लिए यहां टीनटॉक एक्सपर्ट द्वारा कई ज़रूरी टिप्स दिए जा रहे हैं, जिनका प्रयोग आप क्लासरूम में प्रभावी नोट्स बनाने में कर सकते हैं।

लेक्चर के पहले :  
एक बड़ी लूज़ नोटबुक लीजिए और इसमें पेपर के एक साइड ही लिखें। अब अपने नोट्स का ऐसा खाका बनाएं कि क्लास में जो पढ़ाया गया है उसे पूरी तरह कवर किया जा सके और अगर बाद में कुछ जोड़ना हो तो उसमें जोड़ा जा सके। अपनी नोटबुक में मार्जिन (लेफ़्ट साइड में ढाई इंच जगह) छोड़िए, ताकि यदि बाद में कुछ याद आए तो उसे जोड़ा जा सके।

लेक्चर के बीच में : 
नोट्स को बुलेट प्वाइंट के रूप में लिखिए। प्रमुख विचारों को लिखें, न कि सबको। उन लाइनों को छोड़ दीजिए जिनके अंत में आइडिया या विचार हों। वॉट्सएप की भाषा का प्रयोग करें और कट टु कट लिखें, जिसे बाद में आसानी से समझा जा सके। महत्वपूर्ण प्वाइंट और कीवर्ड को अंडरलाइन करें।

लेक्चर के बाद में : 
अपने नोट्स बनाने के तुरंत बाद उन्हें पढ़कर देखें ताकि भविष्य में किसी भी तरह का कंफ्यूजन न हो। नोट़्स में ज़रूरत के अनुसार कॉलम जोड़ें और उन्हें ऐसे लिखें कि बाद में भी आसानी से समझ और पढ़ सकें। उन आइडिया या कीवर्ड को रिकॉर्ड करें, जो पूरे लेक्चर को याद दिलाने में मदद करें। आपको अपने शिक्षक के विचारों को दोबारा पढ़कर देखना होगा और उसमें अपने शब्दों को समाहित करना होगा।

अगर लेक्चर अभी भी दिमाग़ में ताज़ा है, तो आप अपनी मेमोरी में कई फै़क्ट और उदाहरण शामिल कर सकते हैं, जो लेक्चर के दौरान छूट गए थे। इसके अलावा आप याद कर सकते हैं कि आपके कौन-से विषय क्लीयर नहीं हुए थे, जिनके बारे में आप अपने क्लासमेट या शिक्षक से बातचीत कर सकते हैं।

लम्बे समय के बाद रिव्यू करने के बजाय तुरंत रिव्यू करने के बेहतर नतीजे होते हैं। लेक्चर के 24 घंटे के भीतर या किसी दूसरे लेक्चर के पहले रिव्यू न करें तो आपकी याददाश्त से वह मिट जाएगा और आप रिव्यू नहीं कर सकेंगे।

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