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एक्ज़ाम्स आपकी सफलत़ा क़ा बेंचमार्क नहीं हैं : पीएम मोदी

एक्ज़ाम का समय आ गया है। अधिकतर बच्चे अभी से इनकी तैयारी और रिवीजन में जुट चुके है।

1) एक्ज़ाम का समय टेंशन लेने का नहीं बल्कि खुशिया मनाने का है। इन्हे किसी तरह मनाना चाहिए।

2) एक्ज़ाम लाइफ और डेथ का सवाल नहीं है।

3) अकसर हम एक्ज़ाम्स के प्रति हमारा पर्सपेक्टिव सही नहीं होता। याद रखिये, एक्ज़ाम्स आपकी सफलता का बेंचमार्क नहीं है।

4) मार्क्स के पीछे भागने के बजाय स्टूडेंट्स में नॉलेज की भूख होना ज्यादा जरुरी है। अगर आपके मिशन और एंबीशन में तालमेल है तो मार्क्स अपने आप मिल जायेंगे।

5) अधिक मुस्कुराइए और अधिक मार्क्स स्कोर कीजिये। आपका ख़ुश होना बहुत जरुरी है।

6) कभी-कभी, उम्मीदों का भार स्कूल बैग से भी भारी हो जाता है। य समस्याएं उम्मीदों से ही आती हैं। जो है उस वैसा ही स्वीकार कर लेने से चीज़े आसान हो जाती है।

7) वो चीज़े जिन पर पेरेंट्स को ध्यान देने की जरुरत है- बच्चे जैस हैं उन्हें उसी तरह स्वीकार करें, उनकी देखभाल करने के साथ ही उन्हें समय भी दें।

8) ये चीज़े एक्ज़ाम के वक़त जरुरी हैं - सही तरीक़े से आराम करना, नींद पूरी करना और फिजिकल एक्टिविटी। पढाई करते वक़त भी छोटे- छोटे ब्रेक लें। गहरी सांस लें, ऐसा करने से आपको आराम मिलेगा।

9) सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी के कारन बच्चे एक्ज़ाम के दौरान चीटिंग जैसे शॉर्टकट अपनाते हैं जो कि बेहद ग़लत है। ‘टू चीट इज टू बी चीप।’

10) क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर क्यों इतनी उपलब्धिया हासिल कर पाए क्योँकि उन्होंने किसी और से नहीं ख़ुद से कंपीट किया था। आपका कॉम्पीटीशन हमेशा ख़़ुद से होना चाहिए।

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टालमटोली करने से कैसे बचें!

हम काम को टालते रहते हैं, सोचते हैं पांच मिनट बाद कर लेंगे, लेकिन कब पांच मिनट घंटों में बदल जाता है और कब पूरा दिन ही इसमें खत्म हो जाता है पता ही नहीं चलता। विनय सिंह हमें बता रहे हैं कि कैसे हम टालमटोली की आदत से बचें और काम को टाइम लिमिट के अंदर फिनिश करें।
Nishtha JunejaTeentalkindia Content Writer

1. कठिन काम सुबह करें 

सुबह के समय हमारी एनर्जी लेवल हाई होती है। साथ ही, हम एक्टिव भी होते हैं इसलिए ऐसे टास्क को सिलेक्ट करें, जिसे हम ज्यादातर टाल देते हैं और बाद में करते ही नहीं हैं। उन्हें सुबह करने की आदत में लाएं जैसे कि कोई सब्जेक्ट जो आपको पसंद नहीं तो उसे सुबह- सुबह पढ़ने की आदत बनाएं।

2. कठिन चीजों को हिस्सों में बांटकर खत्म करें

जैसे आपको कोई प्रोजेक्ट बनाना है, टाइम कम है और आप डर भी रहे हैं, ऐसे में काम भी नहीं होगा और आप डर अलग जाएंगे। सबसे अच्छा तरीका है पूरे प्रोजेक्ट को टॉपिक वाइस और टाइम लिमिट के साथ हिस्सों में बांट लीमजए। जब एक पार्ट खतम हो जाए, तो मूड फ्रेश करने के लिए चॉकलेट खाइए। हर सेगमेंट के फिनिश होने के बाद मूड को फ्रेश रखने के लिए कुछ करते रहिए, जैसे स्नेक लीजिये, थोड़ा टीवी देखिये या फिर म्यूजिक सुनिए, काम भी खत्म हो जाएगा और आप बोर भी नहीं होंगे। इसी तरह हर काम को खत्म कर सकते हैं।

3. अपने काम का रिव्यु कीजिये

लंच टाइम तक आपका आधा दिन खत्म हो जाता है, जब आप लंच कर अच्छा फील करे, तब अपना रिव्यु खुद करें कि टाइम लिमिट में कौन-सा काम आपने फिनिश कर लिया और कौन-सा नहीं कर पाए। अगर आप फर्स्ट हाफ में ज्यादा काम नहीं कर पाए, तो घबराइए नहीं अभी आपके पास आधा दिन और बचा हुआ है। काम को दुबारा शुरू कीजिये ।

4. 10 मिनट का चैंलेज

अपने आप को 10 मिनट का चैलेंज दीजिये किसी भी काम को पूरा करने के लिए, क्योँकि इंसान का माइंड जब कोई चैलेंज में काम करता है तो जयादा एक्टिव हो जाता है। शुरू करने से पहले थोड़ा डर लग सकता है पर यकीन मानिये ऐसा करने से आपको अच्छा लगेगा और काम को टाइम पर पूरा करने की आदत भी बन जाएगी।

5. साथ में एक्स्ट्रा एक्टिविटी

बहुत ही आसान है जब आप मैथ्स के सवाल हल कर रहे हों तो थोड़ा सलो म्यूजिक चला सकते हैं। ऐसा करने से आपका मन लगा रहेगा। जब कुछ पढ़ रहे हों, जो आपको पसंद नहीं तो साथ में चिप्स जैसा कुछ स्नेक ले सकते है जिससे आपका पढ़ने में मन भी लगेगा और अच्छा महसूस करेंगे। धीरे-धीरे आपको बोरिंग चीजें करने में भी मजा आएगा।

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