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आपको क्यों परीक्षा को लेकर तनाव नहीं लेना चाहिए

तनाव ऐसा नहीं है कि आप उसे अपने जीवन पर नियंत्रण करने दें। यह न केवल आत्मविश्वास बल्कि हमारे प्रदर्शन को भी प्रभावित करता है

तनाव और चिंता ऐसी चीज़ है, जिसका सामना हम अपनी रोज़ाना की दिनचर्या में करते हैं। हालांकि परीक्षा के समय यह तनाव और बढ़ जाता है। हर बीतते दिन के साथ तनाव का स्तर आसमान छूने लगता है। ऐसे में हमें अहसास होता है कि अब हमारे पास पढ़ने के लिए और भी कम समय है।

जादवपुर यूनिवर्सिटी कोलकाता के डॉ. शुभ्रांगसु आदित्य कहते हैं कि किसी भी परीक्षा या जीवन में किसी भी अन्य संकट के समय होने वाला तनाव नकारात्मक नतीजों के अंदेशे से उत्पन्न होता है। सकारात्मक सोच ही चिंता और तनाव से निपटने की चाबी है। 

यहां हम आत्म-मूल्यांकन के परीक्षण के लिए एक एंग्ज़ाइटी टेस्ट दे रहे हैं, इसमें आप अपने स्ट्रेस लेवल का मूल्यांकन स्वयं कर सकते हैं। इस टेस्ट को 1990 में पी. निलेस्ट और एम. डिएल ने छात्रों में तनाव के गम्भीर और सामान्य स्तर को पहचानने के उद्देश्य से तैयार किया था।

अपने तनाव का परीक्षण :

ख़ाली स्थान में कभी नहीं के स्थान पर (1), कभी-कभी के स्थान पर (2), कई बार के स्थान पर (3), अक्सर के स्थान पर (4), या हमेशा के स्थान पर (5) अंक को भरिए :

1 मुझे परीक्षा के ठीक पहले पसीने से हथेलियों के गीले होने, हाथ कंपकंपाने जैसे घबराहट के लक्षण महसूस होते हैं …………….

2 परीक्षा के पहले पेट में मरोड़ें उठती हैं …………….

3 परीक्षा से पहले मितली आने लगती है ………….

4  मैं परीक्षा के लिए जब पढ़ता हूं तो मुझे ऐसा लगता है कि मुझे कोई भी उत्तर याद नहीं है ………….

5  परीक्षा के पहले और परीक्षा देते समय मुझे घबराहट महसूस होने लगती है ……………

6  परीक्षा के दौरान मेरा दिमाग़ पूरा ख़ाली हो जाता है…………

7  मैं जैसे ही परीक्षा देकर बाहर निकलता हूं, मुझे वो सारी बातें याद आ जाती है, जिन्हें मैं भूल गया था …………

8  परीक्षा के एक रात पहले मुझे सोने में परेशानी होती है……..

9  मैं आसान सवालों को हल करने में ग़लती करता हूं या ग़लत जगह पर जवाब लिख देता हूं………

10  मुझे जवाब चुनने में कठिनाई महसूस होती है….

स्कोरिंग : अगर आपने दिए गए निर्देशों के अनुसार क्रमांक दिए हैं तो अब इन्हें जोड़ लीजिए। अंकों का जो जोड़ आया है, उसके आधार पर आप अपने चिंता या तनाव के स्तर को महसूस कर सकते हैं और उस पर काम कर सकते हैं।

10-19 – आप परीक्षा की चिंता से ग्रस्त नहीं हैं।

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परीक्षा के पहले ये चीज़ें करें

परीक्षा के पहले वाली रात बेहद तनावपूर्ण होती है। फिर भी तनाव नहीं लीजिए, अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए, बाक़ी सब भूल जाइए
Snigdha Teentalkindia Counsellor

जीवन में ऐसी कई बातें होती हैं, जिनकी वजह से चिंता और तनाव बढ़ जाता है। परीक्षा से पहले वाली रात उनमें से एक है।

हमारे टीनटॉक एक्सपर्ट ने कुछ विचार साझा किए हैं। इनमें से कुछ चीज़ें परीक्षा के पहले होने वाले तनाव को दूर करने में मददगार साबित होंगी।

समय का उपयोग करें : 
आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आपके पास सीमित समय है, इसलिए समझदारी के साथ ऐसे पढ़ें कि याद रख सकें। यह आप कई अलग-अलग तरीक़ों से कर सकते हैं। आप अपने नोट्स को एक बार दोबारा देख लें, सिलेबस में मौजूद विषय के हिसाब से प्वाइंट टु प्वाइंट रिवाइज़ कर लें। किसी दोस्त की मदद से एक बार देख लें कि कहीं कुछ ज़रूरी चीज तो नहीं छूट गई है।

बहुत ज़्यादा रिवाइज़ न करें :  
परीक्षा के पहले की रात को रिवाइज़ करना ज़रूरी है, लेकिन यह बहुत ज़्यादा न करें। क्योंकि अधिक दबाव में आने पर भी दिमाग़ काम करना बंद कर देता है। बेहतर होगा कि रिलेक्स हो जाएं। किताब को बंद कर आराम करने की कोशिश करें। पेपर के बारे में ज़्यादा न सोचकर जो भी आता है, उसे दिमाग़ में जमा होने के लिए समय दीजिए।

अच्छे प्रदर्शन पर भरोसा रखिए :
कुछ वक़्त सकारात्मक बातों के बारे में सोचने से आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। अगर आप सोचें कि आपका पेपर अच्छा गयाहै तो निश्चित ही चिंता कम होगी। परीक्षा से पहले की शाम को इससे मूड बेहतर होगा।

खु़द पर ध्यान केंद्रित कीजिए : 
सबसे पहले खु़द पर ध्यान केंद्रित कीजिए और अपनी तुलना दूसरों से न करें। कई बार पैरेंट्स और स्टूडेंट्स दोनों ही यह ग़लती करते हैं कि वे परीक्षा के पहले और बाद में अन्य दोस्तों से तुलना करने लगते हैं। इससे अनचाहा दबाव बनने लगता है। आत्मविश्वास का स्तर भी गिरने लगता है। पैरेंट्स बच्चों को यह याद दिलाने में मदद करें कि वो ऐसा क्या करें, जिससे बच्चे आत्मविश्वास बढ़ा सकें और अच्छा प्रदर्शन कर सकें।  

चुनौती के रूप में लें, ख़तरे के रूप में नहीं :  
अगर परीक्षा को आप एक ख़तरे के रूप में देखेंगे तो तय है कि इससे डर लगेगा और आत्मविश्वास में कमी महसूस होगी। इसका असर परीक्षा के नतीजों पर होगा। इसके बजाय इसे एक चुनौती की तरह सोच सकते हैं, जिससे आप ख़ुद को मोटिवेट करेंगे और तनाव कम महसूस होगा।

पर्याप्त ऊर्जा पाएं : 
एक कहावत है कि अगर हमारा पेट पूरा भरा हो तो दिमाग़ भी अच्छे से काम करता है। परीक्षा की एक रात पहले सेहतमंद और सही पोषण वाला भोजन करना चाहिए, जिससे मस्तिष्क को ऊर्जा मिलेगी। कई रिसर्च से यह साबित हुआ है कि कुछ फ़ूड ऐसे हैं, जिन्हें खाने से याद रखने में मदद मिलती है।

रात को अच्छी नींद लें :  
कहीं पेपर ना बिगड़ जाए, यह सोचने से तनाव भी बढ़ेगा और नींद में भी ख़लल पड़ेगा। पर्याप्त और अच्छी नींद का परीक्षा में प्रदर्शन पर सकारात्मक असर होता है। इससे याददाश्त बेहतर रहती है और एकाग्रता भी बढ़ती है।   
 

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